चित्तौड़गढ़। जैन संत मुनि पुलक सागर ने धार्मिक सभा में शब्द संयम और व्यवहार में मिठास का संदेश दिया। हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शब्द मुफ्त मिलते हैं पर अपशब्द की कीमत भारी चुकानी पड़ती है। उन्होंने कहा भगवान ने जुबान एक दी पर दो काम किए - चकना और बकना।