रामगंगा उफान पर, रौंधी-फरीदापुर में बांध न होने से 7-8 गांवों पर बाढ़ का खतरा
ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे बांध को जल्द पूरा कराने की मांग, किसान एकता संघ ने गांवों को सुरक्षित करने की उठाई आवाज
/#बरेली। #रामगंगा #नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। रौंधी और फरीदापुर ठाकुरान क्षेत्र में रामगंगा किनारे बना कच्चा बांध कई स्थानों पर टूट चुका है। बांध क्षतिग्रस्त होने से आसपास के 7-8 गांवों में पानी घुसने की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
ग्राम फरीदापुर ठाकुरान निवासी रामवीर ने बताया कि रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। रौंधी, फरीदापुर, मिल्क, टांडा, ऊंचे गांव समेत कई गांव नदी किनारे बने इसी बांध के आसपास बसे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में थोड़ी और वृद्धि हुई तो बांध टूटने के कारण नदी का पानी सीधे गांवों की ओर पहुंच सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बांध टूटने के बावजूद मौके पर प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त सुरक्षा एवं राहत की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर तत्काल मिट्टी, बोरी आदि की व्यवस्था कर बांध की मरम्मत कराई जाए तथा अधूरे बांध को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
किसान एकता संघ ने भी उठाई आवाज
किसान एकता संघ के किसान नेता डॉ. रवि नागर ने प्रशासन से रामगंगा के किनारे बसे गांवों को बाढ़ से सुरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को लापरवाही न बरतते हुए तत्काल प्रभाव से बांध की मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम कराने चाहिए, ताकि ग्रामीणों और किसानों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रामगंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ाई जाए और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
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