मुरिया दरबार — बस्तर की जनभावनाओं और जनसंवाद की गौरवशाली विरासत।
हमारे बस्तर की पहचान केवल इसकी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से ही नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही सामूहिक भागीदारी और संवाद की भावना से भी है।
वर्ष 1876 से चली आ रही मुरिया दरबार की ऐतिहासिक परंपरा आज भी माँझी-चालकी एवं जनजातीय समाज की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस वर्ष यह आयोजन और भी विशेष होने जा रहा है। 23 अक्टूबर को देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी इस गौरवशाली परंपरा की साक्षी बनेंगी।
बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष के रूप में मुझे इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने पर अत्यंत गर्व है।
माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर महामहिम राष्ट्रपति जी का सादर स्वागत एवं अभिनंदन।
जय माँ दंतेश्वरी! 🙏
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19 views | Kondagaon, Chhattisgarh | Oct 22, 2026