सोनम वांगचुक के समर्थन पर चौटाला परिवार में सियासी होड़
- जंतर-मंतर पहुंचने को लेकर JJP और इनेलो आमने-सामने, दुष्यंत-दिग्विजय और अर्जुन चौटाला ने जताया समर्थन
सिरसा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने को लेकर चौटाला परिवार की दोनों राजनीतिक पार्टियों जननायक जनता पार्टी (JJP) और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के बीच सियासी सक्रियता तेज हो गई है। इनेलो के रानियां विधायक अर्जुन चौटाला ने गुरुवार रात वीडियो जारी कर दावा किया कि उनकी पार्टी ने सबसे पहले वांगचुक के आंदोलन को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार को जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देंगे। इसके बाद इनेलो की ओर से दोपहर 2 बजे पहुंचने का कार्यक्रम जारी किया गया। कुछ ही देर बाद जजपा ने भी सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर पहुंचने का समय दोपहर 2 बजे ही घोषित कर दिया। इसके बाद इनेलो ने समय बदलकर शाम 4 बजे का कार्यक्रम जारी किया। हालांकि शुक्रवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपने भाई दिग्विजय चौटाला के साथ अर्जुन चौटाला के पहुंचने से पहले ही धरना स्थल पर पहुंच गए। अर्जुन चौटाला शाम करीब 5 बजे के बाद जंतर-मंतर पहुंचे।
दुष्यंत बोले- जनहित की लड़ाई में साथ हैं, 20 जुलाई के संसद मार्च में भागीदारी का ऐलान
जंतर-मंतर पर पहुंचे दुष्यंत चौटाला ने आंदोलनकारियों को समर्थन देते हुए कहा कि जनहित की इस लड़ाई में सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने लंबे समय से संघर्ष किया है और अब उनकी मांगों को मजबूती से उठाने की जरूरत है। दुष्यंत चौटाला ने सोनम वांगचुक को डॉ. भीमराव अंबेडकर और पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की तस्वीर तथा देवीलाल पर लिखी पुस्तक भी भेंट की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीर कदम उठाने चाहिए। पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई घटनाओं के बावजूद सख्त कानून और कार्रवाई को लेकर सरकार ने अपेक्षित कदम नहीं उठाए। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में हरियाणा की भागीदारी अहम होगी और उनकी पार्टी इस संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी।
अर्जुन चौटाला ने भी दिया समर्थन
इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला शाम को अपनी टीम के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों को लेकर चल रहा यह आंदोलन जायज है। उन्होंने NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इनेलो आगे भी युवाओं की लड़ाई में साथ देगी और विधानसभा में भी इन मुद्दों को उठाया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठन को लेकर चौटाला परिवार में पहले भी बयानबाजी हो चुकी है। अर्जुन चौटाला ने खुद को इसका पहला विधायक बताते हुए समर्थन दिया था। इस पर दिग्विजय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा था कि इनेलो के पास अब एक विधायक कम हो गया है, क्योंकि उनके एक विधायक ने नई पार्टी को समर्थन दे दिया है। फिलहाल वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने के बहाने चौटाला परिवार की दोनों पार्टियां युवाओं और जनहित के मुद्दों पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करती नजर आ रही हैं।
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प्रधानमंत्री की वीआईपी ड्यूटी से लौट रहे सिरसा के एएसआई की मौत
- जींद से वापसी के दौरान बिगड़ी तबीयत, हिसार के निजी अस्पताल में तोड़ा दम
सिरसा।
प्रधानमंत्री की वीआईपी ड्यूटी से वापस लौटते समय सिरसा पुलिस के एक एएसआई की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मृतक पुलिसकर्मी की पहचान एएसआई सुभाष के रूप में हुई है, जो इन दिनों सिरसा पुलिस लाइन में तैनात थे। जानकारी के अनुसार, एएसआई सुभाष प्रधानमंत्री के जींद दौरे के दौरान लगी वीआईपी ड्यूटी में शामिल थे। सिरसा पुलिस की तीन कंपनियां इस ड्यूटी के लिए जींद भेजी गई थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वापस सिरसा लौट रहे थे। रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उपचार के दौरान कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
सिरसा के पुलिस के अनुसार प्रधानमंत्री की वीआईपी ड्यूटी के लिए सिरसा से तीन कंपनियां भेजी गई थीं, जिनमें एएसआई सुभाष की भी ड्यूटी लगी थी। पुलिस विभाग में एएसआई सुभाष के निधन की सूचना से शोक की लहर है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है।
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कालांवाली में लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पंजाब के एक युवक ने निगला जहर
सिरसा।
सिरसा के कालांवाली की एक महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पंजाब के एक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह पिछले 5-6 महीनों से ही वह यहां किराए के मकान में रह रहा था। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह के रूप में हुई है और वह पंजाब से बठिंडा के अमरपुरा बस्ती का रहने वाला था। सूचना पर मृतक के परिजन पंजाब से कालांवाली पहुंचे और पुलिस को बयान दर्ज करवाए। बताया जा रहा है कि गुरप्रीत की पत्नी की काफी समय पहले मौत हो गई थी। गुरप्रीत पिछले पांच-छह माह पहले सिरसा के कालांवाली में आ गया और यहां कुरंगावाली गांव की एक महिला के साथ संपर्क में आ गया। उसी के साथ कालांवाली मंडी में किराए के मकान में लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगा।
पुलिस के अनुसार, महिला के पति की मृत्यु हो चुकी है और वह दो बच्चों की मां है। ऐसे में दोनों साथ रहते थे। वीरवार शाम को गुरप्रीत कमरे पर अकेला था और उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद महिला उसे ओढा सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंची। जहां से डॉक्टरों ने उसे सिरसा के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान रात को उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मृतक के भाई निर्मल के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि गुरप्रीत अपनी पत्नी की मौत के बाद मानसिक परेशान रहने लगा था। इसी के चलते उसने यह कदम उठा लिया। महिला भी शव के अंतिम संस्कार तक वहां मौजूद रही।
Sirsa, Sirsa | Jul 17, 2026