84 साल की उम्र में जेल! 1992 के जुर्म की सजा अब मिली! कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं, बिहार के वैशाली जिले से कानून के शिकंजे की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है साल 1992 में जब देश में मोबाइल फोन तक नहीं आए थे, तब राघोपुर में एक जानलेवा हमला और फायरिंग हुई थी। पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने में साल लगे, कोर्ट को फैसला सुनाने में 34 साल। नतीजा? 5 में से 4 आरोपियों की मौत हो चुकी है, और जो एक बचा, वो आज जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर जेल की सलाखों के पीछे है। आज (2 जून) कोर्ट इस बुजुर्ग की सजा की अवधि तय करने वाला है। क्या ऐसे मामलों के लिए हमारे देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स और ज्यादा मजबूत नहीं होने चाहिए? #ReelsIndia #TrendingNow #BiharNews #CourtOrder #SocialIssues
Huzur Nagar, Rewa | Jun 2, 2026