पितृपक्ष 26 सितंबर से, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या
कोडरमा। सनातन धर्म में पूर्वजों के स्मरण और श्रद्धा का पर्व पितृपक्ष 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध से शुरू होगा। पं. कुन्तलेश पाण्डेय के अनुसार पूर्णिमा तिथि के बाद 27 सितंबर से मुख्य श्राद्ध पक्ष की प्रतिपदा शुरू होगी। इस वर्ष 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृपक्ष का समापन होगा। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष में मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। तिथियों के क्षय-वृद्धि को ध्यान में रखकर श्राद्ध करना उचित माना जाता है। कुश, काले तिल, जल, अन्न और पिंड का विशेष महत्व है। इस दौरान दान-पुण्य, ब्राह्मण भोजन और पंचबलि की परंपरा भी निभाई जाती है।