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Bhilwara, Bhilwara | May 16, 2021

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10 सूत्रीय मांगों को लेकर टेंपो यूनियन की विशाल रैली व प्रर्दशन 20 को
भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल
भीलवाड़ा/भारतीय मजदूर संघ से संबंध भीलवाड़ा जिला टेंपो यूनियन द्वारा प्रभाष चौधरी के नेतृत्व में अपनी 10 सूत्रीय मांग को लेकर 20 जुलाई को टेंपो सहित विशाल वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा। राजेश शर्मा ने बताया कि यह रैली श्रम विभाग मैदान से मुख्य मार्गो से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेगी और रैली में शामिल सभी टेंपो चालक प्रदर्शन कर अपना 10 सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपेंगे। कलेक्ट्रेट पर रैली को जिला मंत्री हरीश सुवालका संबोधित करेंगे। रैली श्रम विभाग से शुरू होकर पांसल चौराहे होते हुए गंगापुर चौराहा, रेलवे फाटक, साबुन मार्ग, नगर निगम कार्यालय, कोतवाली रोड, रेलवे स्टेशन, सेशन कोर्ट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगी यहां सभी का एकत्रितकरण और पार्किंग की व्यवस्था विद्युत कार्यालय वाली रोड पर रहेगी। 10 सूत्रीय मांगों में निर्धारित टैक्सी स्टैंड पर किराया सूची लगाना, टेंपो स्टैंड के लिए निर्धारित स्टैंड तय करना, परिवहन विभाग की मीटिंग में टेंपो यूनियन के दो सदस्यों को शामिल करना, टेंपो के मार्ग तय करना, रिक्को एवं पुर टेंपो स्टैंड पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगाना, ट्रैफिक पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से चालान बनाना, विभिन्न मार्गों पर अवैध रूप से चल रहे हैं वाहनों पर प्रतिबंध लगाने सहित अन्य कई बिंदु मांगपत्र में शामिल रहेंगे।

10 सूत्रीय मांगों को लेकर टेंपो यूनियन की विशाल रैली व प्रर्दशन 20 को भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल भीलवाड़ा/भारतीय मजदूर संघ से संबंध भीलवाड़ा जिला टेंपो यूनियन द्वारा प्रभाष चौधरी के नेतृत्व में अपनी 10 सूत्रीय मांग को लेकर 20 जुलाई को टेंपो सहित विशाल वाहन रैली का आयोजन किया जाएगा। राजेश शर्मा ने बताया कि यह रैली श्रम विभाग मैदान से मुख्य मार्गो से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेगी और रैली में शामिल सभी टेंपो चालक प्रदर्शन कर अपना 10 सूत्रीय मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपेंगे। कलेक्ट्रेट पर रैली को जिला मंत्री हरीश सुवालका संबोधित करेंगे। रैली श्रम विभाग से शुरू होकर पांसल चौराहे होते हुए गंगापुर चौराहा, रेलवे फाटक, साबुन मार्ग, नगर निगम कार्यालय, कोतवाली रोड, रेलवे स्टेशन, सेशन कोर्ट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगी यहां सभी का एकत्रितकरण और पार्किंग की व्यवस्था विद्युत कार्यालय वाली रोड पर रहेगी। 10 सूत्रीय मांगों में निर्धारित टैक्सी स्टैंड पर किराया सूची लगाना, टेंपो स्टैंड के लिए निर्धारित स्टैंड तय करना, परिवहन विभाग की मीटिंग में टेंपो यूनियन के दो सदस्यों को शामिल करना, टेंपो के मार्ग तय करना, रिक्को एवं पुर टेंपो स्टैंड पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी लगाना, ट्रैफिक पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से चालान बनाना, विभिन्न मार्गों पर अवैध रूप से चल रहे हैं वाहनों पर प्रतिबंध लगाने सहित अन्य कई बिंदु मांगपत्र में शामिल रहेंगे।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 18, 2026

1991 के दौर से शुरुआत करने से लेकर आज तक का सफर शुरू किया अजय देवगन ने

शाहपुरा, भीलवाड़ा (राजस्थान)-राजेन्द्र खटीक

मुंबई/ 1991 में एक लड़का जो फिल्म 'फूल और कांटे' से बॉलीवुड में कदम रखता है।
न कोई लंबा-चौड़ा डायलॉग...न कोई ओवरड्रामैटिक एंट्री...बस... दो चलती हुई मोटरसाइकिलें... और उन पर खड़ा एक नौजवान।उस एक सीन ने सिर्फ़ एक फिल्म को नहीं...बल्कि हिंदी सिनेमा को एक नया सुपरस्टार दे दिया।
नाम था... अजय देवगन।
उस दौर में जब कई सितारे अपनी मुस्कान और डांस से दिल जीत रहे थे...अजय देवगन अपनी खामोशी, तीखी निगाहों और इंटेंस स्क्रीन प्रेजेंस से लोगों के दिलों पर राज कर रहे थे। उनका चलना...उनका बोलना...उनका गुस्सा...उनकी आंखों की गंभीरता...यह सब सिर्फ़ अभिनय नहीं था...युवाओं के लिए एक एटीट्यूड बन चुका था।
90s के दशक में न जाने कितने लड़कों ने उनका हेयरस्टाइल अपनाया...लेदर जैकेट पहननी शुरू की...और उनकी तरह कम बोलकर ज़्यादा असर छोड़ने की कोशिश की।लेकिन असली सवाल आज भी वही है...आख़िर तीन दशक बाद भी अजय देवगन की फैन फॉलोइंग इतनी मज़बूत क्यों है?
शायद इसलिए...क्योंकि उन्होंने कभी खुद को एक ही छवि में कैद नहीं किया।
एक तरफ विजयपथ, दिलजले और दिलवाले का गुस्सैल हीरो...दूसरी तरफ इश्क और प्यार तो होना ही था का सादगी भरा रोमांस...
फिर ज़ख्म और द लीजेंड ऑफ भगत सिंह जैसी फिल्मों में ऐसा अभिनय, जिसने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया...
और जब बात आई कॉमेडी की, तो गोलमाल, गोलमाल रिटर्न्स, ऑल द बेस्ट और सन ऑफ सरदार जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया और दिल जीता। और अभी हाल ही में आई फिल्म धमाल 4 में भी उनका जलवा पूरी तरह कायम है।
यानी अजय देवगन ने सिर्फ़ एक ही जॉनर में नहीं...हर जॉनर में अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता। बाद में सिंघम, दृश्यम, रेड और तान्हाजी जैसी फिल्मों से उन्होंने हर पीढ़ी को अपना दीवाना बना लिया।
यही वजह है कि...आज भी जब अजय देवगन स्क्रीन पर आते हैं...तो उनके डायलॉग से पहले ही सिनेमाघर में सन्नाटा छा जाता है। क्योंकि कुछ सितारे सिर्फ़ हिट फिल्में नहीं देते...वे एक एहसास बन जाते हैं।
और अजय देवगन...उन्हीं चुनिंदा सितारों में से एक हैं, जिनका 90s वाला क्रेज आज भी करोड़ों दिलों में ज़िंदा है।

1991 के दौर से शुरुआत करने से लेकर आज तक का सफर शुरू किया अजय देवगन ने शाहपुरा, भीलवाड़ा (राजस्थान)-राजेन्द्र खटीक मुंबई/ 1991 में एक लड़का जो फिल्म 'फूल और कांटे' से बॉलीवुड में कदम रखता है। न कोई लंबा-चौड़ा डायलॉग...न कोई ओवरड्रामैटिक एंट्री...बस... दो चलती हुई मोटरसाइकिलें... और उन पर खड़ा एक नौजवान।उस एक सीन ने सिर्फ़ एक फिल्म को नहीं...बल्कि हिंदी सिनेमा को एक नया सुपरस्टार दे दिया। नाम था... अजय देवगन। उस दौर में जब कई सितारे अपनी मुस्कान और डांस से दिल जीत रहे थे...अजय देवगन अपनी खामोशी, तीखी निगाहों और इंटेंस स्क्रीन प्रेजेंस से लोगों के दिलों पर राज कर रहे थे। उनका चलना...उनका बोलना...उनका गुस्सा...उनकी आंखों की गंभीरता...यह सब सिर्फ़ अभिनय नहीं था...युवाओं के लिए एक एटीट्यूड बन चुका था। 90s के दशक में न जाने कितने लड़कों ने उनका हेयरस्टाइल अपनाया...लेदर जैकेट पहननी शुरू की...और उनकी तरह कम बोलकर ज़्यादा असर छोड़ने की कोशिश की।लेकिन असली सवाल आज भी वही है...आख़िर तीन दशक बाद भी अजय देवगन की फैन फॉलोइंग इतनी मज़बूत क्यों है? शायद इसलिए...क्योंकि उन्होंने कभी खुद को एक ही छवि में कैद नहीं किया। एक तरफ विजयपथ, दिलजले और दिलवाले का गुस्सैल हीरो...दूसरी तरफ इश्क और प्यार तो होना ही था का सादगी भरा रोमांस... फिर ज़ख्म और द लीजेंड ऑफ भगत सिंह जैसी फिल्मों में ऐसा अभिनय, जिसने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया... और जब बात आई कॉमेडी की, तो गोलमाल, गोलमाल रिटर्न्स, ऑल द बेस्ट और सन ऑफ सरदार जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया और दिल जीता। और अभी हाल ही में आई फिल्म धमाल 4 में भी उनका जलवा पूरी तरह कायम है। यानी अजय देवगन ने सिर्फ़ एक ही जॉनर में नहीं...हर जॉनर में अपनी अदाकारी से लोगों का दिल जीता। बाद में सिंघम, दृश्यम, रेड और तान्हाजी जैसी फिल्मों से उन्होंने हर पीढ़ी को अपना दीवाना बना लिया। यही वजह है कि...आज भी जब अजय देवगन स्क्रीन पर आते हैं...तो उनके डायलॉग से पहले ही सिनेमाघर में सन्नाटा छा जाता है। क्योंकि कुछ सितारे सिर्फ़ हिट फिल्में नहीं देते...वे एक एहसास बन जाते हैं। और अजय देवगन...उन्हीं चुनिंदा सितारों में से एक हैं, जिनका 90s वाला क्रेज आज भी करोड़ों दिलों में ज़िंदा है।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 18, 2026

संगम विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति एवं परिणाम आधारित शिक्षा (OBE) पर राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन

भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल, 17 जुलाई

संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (R&D Cell) के संयुक्त तत्वावधान में "Advancing Research Culture and OBE Practices for NAAC Binary Accreditation" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Programme - FDP) का सफल आयोजन किया गया।

IQAC निदेशक प्रो. प्रीति मेहता ने बताया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध संस्कृति को सुदृढ़ करना, गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना तथा परिणाम आधारित शिक्षा  एवं UGC- NAAC के नवीन बाइनरी प्रत्यायन ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों को व्यावहारिक एवं अद्यतन जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. आर. एस. राय, प्रोफेसर, बेनेट विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा ने प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध, प्रभावी पीएच.डी. शोध प्रबंध लेखन, शोध प्रबंधन उपकरणों का उपयोग, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन, पेटेंट, परामर्श (Consultancy), बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं तथा NAAC एवं राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग में शोध प्रदर्शन संकेतकों की भूमिका पर विस्तृत एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने शोध की गुणवत्ता, नैतिकता तथा नवाचार को विश्वविद्यालयों की उत्कृष्टता का आधार बताया।

द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो. राय ने Outcome-Based Education (OBE) की अवधारणा, NAAC के नवीन बाइनरी प्रत्यायन प्रणाली, CO–PO मैपिंग, अटेनमेंट विश्लेषण, पाठ्यक्रम नियोजन, प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा परिणामोन्मुख मूल्यांकन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से OBE के सफल क्रियान्वयन एवं सतत गुणवत्ता सुधार की प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट किया।

कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार, डीन रिसर्च प्रो. अर्चना अग्रवाल, प्रो. राजीव मेहता, प्रो. राजकुमार चतुर्वेदी, प्रो. प्रवीण सोनी, प्रो. गुणमाला, डॉ. दीपक काबरा, डॉ. जयंत शर्मा, डॉ. अभिषेक सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष,  एवं बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि प्रो. आर. एस. राय को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, समसामयिक एवं शोध तथा गुणवत्ता उन्मुख शिक्षा के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्या खेत्रपाल एवं डॉ. अभिलाषा भट्ट ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

संगम विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति एवं परिणाम आधारित शिक्षा (OBE) पर राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन भीलवाड़ा:राजकुमार गोयल, 17 जुलाई संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (R&D Cell) के संयुक्त तत्वावधान में "Advancing Research Culture and OBE Practices for NAAC Binary Accreditation" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Programme - FDP) का सफल आयोजन किया गया। IQAC निदेशक प्रो. प्रीति मेहता ने बताया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध संस्कृति को सुदृढ़ करना, गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना तथा परिणाम आधारित शिक्षा एवं UGC- NAAC के नवीन बाइनरी प्रत्यायन ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शिक्षकों को व्यावहारिक एवं अद्यतन जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. आर. एस. राय, प्रोफेसर, बेनेट विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा ने प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च गुणवत्ता वाले शोध, प्रभावी पीएच.डी. शोध प्रबंध लेखन, शोध प्रबंधन उपकरणों का उपयोग, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन, पेटेंट, परामर्श (Consultancy), बाह्य वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं तथा NAAC एवं राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग में शोध प्रदर्शन संकेतकों की भूमिका पर विस्तृत एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने शोध की गुणवत्ता, नैतिकता तथा नवाचार को विश्वविद्यालयों की उत्कृष्टता का आधार बताया। द्वितीय तकनीकी सत्र में प्रो. राय ने Outcome-Based Education (OBE) की अवधारणा, NAAC के नवीन बाइनरी प्रत्यायन प्रणाली, CO–PO मैपिंग, अटेनमेंट विश्लेषण, पाठ्यक्रम नियोजन, प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा परिणामोन्मुख मूल्यांकन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से OBE के सफल क्रियान्वयन एवं सतत गुणवत्ता सुधार की प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट किया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार, डीन रिसर्च प्रो. अर्चना अग्रवाल, प्रो. राजीव मेहता, प्रो. राजकुमार चतुर्वेदी, प्रो. प्रवीण सोनी, प्रो. गुणमाला, डॉ. दीपक काबरा, डॉ. जयंत शर्मा, डॉ. अभिषेक सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, एवं बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि प्रो. आर. एस. राय को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, समसामयिक एवं शोध तथा गुणवत्ता उन्मुख शिक्षा के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन दिव्या खेत्रपाल एवं डॉ. अभिलाषा भट्ट ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 18, 2026

द्रोणा पब्लिक स्कूल शाहपुरा में धूमधाम से मनाई गई भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 
बच्चों की झांकी देखकर लगा जैसे पूरा जगन्नाथपुरी स्कूल में आ गया हो

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा - भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के उपलक्ष्य में द्रोणा पब्लिक स्कूल, शाहपुरा में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिला। स्कूल के बच्चों ने बहुत ही सुंदर और जीवंत झांकी प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्य विजय रोजारा के सानिध्य में समस्त स्टाफ द्वारा सामूहिक आरती के साथ की गई। इसके पश्चात बच्चों द्वारा बनाई गई भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
झांकी के मुख्य कलाकार:
*नेहुल जैन ने बलभद्र का स्वरूप धारण किया
*मानविक जैन ने देवी सुभद्रा की भूमिका निभाई
*हिमाक्ष अग्रवाल और दक्षिता कोली भगवान जगन्नाथ बने
*निहित निर्वाण ने सारथी का स्वरूप बनकर झांकी को जीवंत कर दिया
बच्चों के हर्ष और उल्लास के साथ निकाली गई इस झांकी को देखकर ऐसा लगा जैसे पूरा जगन्नाथपुरी द्रोणा पब्लिक स्कूल में आ गया हो।
कार्यक्रम में सभी बच्चों और बड़ी संख्या में अभिभावकों ने दर्शन कर पुण्य लाभ लिया। विद्यालय के निदेशक गौरव गोखरू ने कहा कि ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में संस्कार, एकता और भक्ति भावना विकसित होती है।

द्रोणा पब्लिक स्कूल शाहपुरा में धूमधाम से मनाई गई भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा बच्चों की झांकी देखकर लगा जैसे पूरा जगन्नाथपुरी स्कूल में आ गया हो शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक शाहपुरा - भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के उपलक्ष्य में द्रोणा पब्लिक स्कूल, शाहपुरा में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिला। स्कूल के बच्चों ने बहुत ही सुंदर और जीवंत झांकी प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्य विजय रोजारा के सानिध्य में समस्त स्टाफ द्वारा सामूहिक आरती के साथ की गई। इसके पश्चात बच्चों द्वारा बनाई गई भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। झांकी के मुख्य कलाकार: *नेहुल जैन ने बलभद्र का स्वरूप धारण किया *मानविक जैन ने देवी सुभद्रा की भूमिका निभाई *हिमाक्ष अग्रवाल और दक्षिता कोली भगवान जगन्नाथ बने *निहित निर्वाण ने सारथी का स्वरूप बनकर झांकी को जीवंत कर दिया बच्चों के हर्ष और उल्लास के साथ निकाली गई इस झांकी को देखकर ऐसा लगा जैसे पूरा जगन्नाथपुरी द्रोणा पब्लिक स्कूल में आ गया हो। कार्यक्रम में सभी बच्चों और बड़ी संख्या में अभिभावकों ने दर्शन कर पुण्य लाभ लिया। विद्यालय के निदेशक गौरव गोखरू ने कहा कि ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में संस्कार, एकता और भक्ति भावना विकसित होती है।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 18, 2026

*18वें जन्मदिन पर बनाया अनूठा रिकॉर्ड: भानु प्रताप ने 118 किमी साइकिल चलाकर युवाओं को दिया फिटनेस का संदेश*

भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,18 जुलाई                                          आज के समय में जहां अधिकांश युवा अपना जन्मदिन पार्टियों और सोशल मीडिया तक सीमित रखते हैं, वहीं भीलवाड़ा के युवा भानु प्रताप कुमावत ने अपने 18वें जन्मदिन को समाज के लिए प्रेरणा का माध्यम बनाते हुए 118 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी कर युवाओं को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया।

यह जानकारी देते हुए भीलवाड़ा साइकिल क्लब प्रभारी अरुण संतोष मुछाल ने बताया कि भानु प्रताप, भीलवाड़ा के प्रख्यात साइकिलिस्ट एवं "साइकिल मैन ऑफ भीलवाड़ा" के नाम से प्रसिद्ध शारीरिक शिक्षक मुकेश कुमावत के सुपुत्र हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन पर भीलवाड़ा से चित्तौड़गढ़ स्थित विजय स्तंभ तक तथा वहां से पुनः भीलवाड़ा लौटते हुए कुल 118 किलोमीटर की नॉन-स्टॉप साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस दौरान जतिन जीनगर ने एस्कॉर्ट के रूप में उनका साथ निभाया।

भानु प्रताप ने सुबह 4:30 बजे बालाजी फार्म, बालाजी चौराहा से यात्रा प्रारंभ की। बारिश और उमस भरे मौसम के बावजूद उन्होंने लगभग सात घंटे में अपनी यात्रा पूरी की। भीलवाड़ा पहुंचने पर गोल प्याऊ चौराहा, बालाजी मार्केट में भीलवाड़ा साइकिल क्लब द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। उपस्थित जनों ने पुष्पमालाएं पहनाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस प्रेरणादायी उपलब्धि का अभिनंदन किया।

इस अवसर पर भानु प्रताप ने कहा कि 18 वर्ष की आयु जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जब व्यक्ति को मतदान का अधिकार प्राप्त होता है। वे इस दिन को केवल केक काटकर नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ जीवन का संदेश देकर यादगार बनाना चाहते थे। उन्होंने युवाओं से नशे, मोबाइल की लत और निष्क्रिय जीवनशैली से दूर रहकर नियमित व्यायाम, खेलकूद और साइकिलिंग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "पहला सुख निरोगी काया" केवल कहावत नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है।
उन्होंने कहा कि साइकिलिंग न केवल शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और प्रदूषण मुक्त परिवहन को भी बढ़ावा देती है। उनकी यह यात्रा स्वस्थ, जागरूक और हरित समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।

सम्मान समारोह में स्थायी लोक अदालत के पूर्व सदस्य गोवर्धन सिंह कावड़िया, ट्रैफिक इंचार्ज रामपाल साल्वी, सुरेश बम्ब, अरुण संतोष मुछाल, राकेश सक्सेना, डॉ. देवेंद्र पुरी गोस्वामी, सत्यनारायण राठी, धर्मेंद्र खटोड़, मुकेश सामरिया, हस्तीमल भलावत, विजय कपूर, रक्तवीर विक्रम दाधीच, मुकेश कुमावत, रामचंद्र मूंदड़ा सहित बालाजी मार्केट के अनेक व्यवसायी एवं भीलवाड़ा साइकिल क्लब के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने भानु प्रताप के साहस, अनुशासन और सामाजिक सोच की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं दीं।

*18वें जन्मदिन पर बनाया अनूठा रिकॉर्ड: भानु प्रताप ने 118 किमी साइकिल चलाकर युवाओं को दिया फिटनेस का संदेश* भीलवाड़ा :राजकुमार गोयल,18 जुलाई आज के समय में जहां अधिकांश युवा अपना जन्मदिन पार्टियों और सोशल मीडिया तक सीमित रखते हैं, वहीं भीलवाड़ा के युवा भानु प्रताप कुमावत ने अपने 18वें जन्मदिन को समाज के लिए प्रेरणा का माध्यम बनाते हुए 118 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी कर युवाओं को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया। यह जानकारी देते हुए भीलवाड़ा साइकिल क्लब प्रभारी अरुण संतोष मुछाल ने बताया कि भानु प्रताप, भीलवाड़ा के प्रख्यात साइकिलिस्ट एवं "साइकिल मैन ऑफ भीलवाड़ा" के नाम से प्रसिद्ध शारीरिक शिक्षक मुकेश कुमावत के सुपुत्र हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन पर भीलवाड़ा से चित्तौड़गढ़ स्थित विजय स्तंभ तक तथा वहां से पुनः भीलवाड़ा लौटते हुए कुल 118 किलोमीटर की नॉन-स्टॉप साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस दौरान जतिन जीनगर ने एस्कॉर्ट के रूप में उनका साथ निभाया। भानु प्रताप ने सुबह 4:30 बजे बालाजी फार्म, बालाजी चौराहा से यात्रा प्रारंभ की। बारिश और उमस भरे मौसम के बावजूद उन्होंने लगभग सात घंटे में अपनी यात्रा पूरी की। भीलवाड़ा पहुंचने पर गोल प्याऊ चौराहा, बालाजी मार्केट में भीलवाड़ा साइकिल क्लब द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। उपस्थित जनों ने पुष्पमालाएं पहनाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस प्रेरणादायी उपलब्धि का अभिनंदन किया। इस अवसर पर भानु प्रताप ने कहा कि 18 वर्ष की आयु जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जब व्यक्ति को मतदान का अधिकार प्राप्त होता है। वे इस दिन को केवल केक काटकर नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ जीवन का संदेश देकर यादगार बनाना चाहते थे। उन्होंने युवाओं से नशे, मोबाइल की लत और निष्क्रिय जीवनशैली से दूर रहकर नियमित व्यायाम, खेलकूद और साइकिलिंग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "पहला सुख निरोगी काया" केवल कहावत नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि साइकिलिंग न केवल शरीर को स्वस्थ रखती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और प्रदूषण मुक्त परिवहन को भी बढ़ावा देती है। उनकी यह यात्रा स्वस्थ, जागरूक और हरित समाज की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। सम्मान समारोह में स्थायी लोक अदालत के पूर्व सदस्य गोवर्धन सिंह कावड़िया, ट्रैफिक इंचार्ज रामपाल साल्वी, सुरेश बम्ब, अरुण संतोष मुछाल, राकेश सक्सेना, डॉ. देवेंद्र पुरी गोस्वामी, सत्यनारायण राठी, धर्मेंद्र खटोड़, मुकेश सामरिया, हस्तीमल भलावत, विजय कपूर, रक्तवीर विक्रम दाधीच, मुकेश कुमावत, रामचंद्र मूंदड़ा सहित बालाजी मार्केट के अनेक व्यवसायी एवं भीलवाड़ा साइकिल क्लब के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने भानु प्रताप के साहस, अनुशासन और सामाजिक सोच की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं दीं।

Bhilwara, Bhilwara | Jul 18, 2026

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