ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की तत्परता से 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला पहुंचीं परिवार तक
बस अड्डे पर भटक रही थीं बुजुर्ग महिला, बैंक पासबुक और आधार कार्ड से पुलिस ने परिजनों का पता लगाकर बहू को सौंपा
राह अनजान थी और मंजिल का पता नहीं था। करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला बस अड्डे पर काफी देर से बैठी थीं और अपने घर-परिवार का सही पता बताने में असमर्थ थीं। ऐसे में एक ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की संवेदनशीलता ने उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मामला एक सितंबर का है। एक ऑटो चालक ने करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कार्यालय पहुंचाया। चालक के अनुसार, महिला काफी समय से बस अड्डे पर बैठी थीं और उन्होंने ऑटो से जौनपुर जाने की बात कही। चालक उन्हें जौनपुर सहित अन्य स्थानों पर लेकर गया, लेकिन महिला अपना घर या परिजनों का सही पता नहीं बता सकीं। स्थिति चिंताजनक प्रतीत होने पर चालक ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
एएचटीयू टीम ने महिला से पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम प्रेमसला, निवासी बिजनौर, उम्र करीब 90 वर्ष बताया। महिला ने बताया कि वह पूर्व में अपने पुत्र के साथ कोटद्वार में रहती थीं और इसी दौरान उनका स्थानीय बैंक में खाता खुला था। बैंक संबंधी कार्य के लिए वह अकेले यहां आई थीं, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण वह अपने पुत्र का वर्तमान पता और निवास स्थान स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही थीं।
पुलिस टीम ने महिला के सामान की जांच की तो उसमें बैंक पासबुक और आधार कार्ड मिले। दस्तावेजों में उपलब्ध जानकारी और संपर्क सूत्रों के आधार पर पुलिस ने उनके पुत्र सतीश से संपर्क स्थापित किया। जानकारी मिलने के बाद कुछ ही समय में सतीश की पत्नी एएचटीयू कार्यालय पहुंचीं।
पुलिस टीम ने बुजुर्ग महिला को सकुशल उनकी बहू के सुपुर्द कर दिया। परिजनों से मिलकर बुजुर्ग महिला के चेहरे पर भी राहत और खुशी दिखाई दी। इस पूरे घटनाक्रम में ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की अहम भूमिका रही।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में महिला कांस्टेबल विद्या मेहता, कांस्टेबल सुमित कुमार और कांस्टेबल राहुल शामिल रहे।