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Srinagar Darshan

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राष्ट्रपति ने डॉ. मनीषा निगम को प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

गढ़वाल विश्वविद्यालय और उत्तराखंड का बढ़ाया मान, शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

श्रीनगर गढ़वाल, 5 सितंबर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर के लिए शनिवार का दिन गौरवपूर्ण रहा। विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. मनीषा निगम को शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. मनीषा निगम को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।

डॉ. मनीषा निगम का चयन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले National Awards to Teachers of HEIs & Polytechnics–2026 के लिए देशभर से चयनित 21 शिक्षकों में हुआ था। विभिन्न आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों के बीच गढ़वाल विश्वविद्यालय की शिक्षिका का चयन उत्तराखंड के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित सम्मान के तहत डॉ. मनीषा निगम को प्रशस्ति-पत्र, 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं रजत पदक प्रदान किया गया। यह सम्मान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा तथा शिक्षा और शोध में उल्लेखनीय योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।

डॉ. मनीषा निगम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा गया कि उनका सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर और समूचे उत्तराखंड के लिए गर्व एवं गौरव का विषय है। उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रेरित करेगी।

विश्वविद्यालय परिवार ने डॉ. मनीषा निगम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उनके राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने पर विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है और इसे संस्थान की अकादमिक उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कीर्तिनगर में अनियंत्रित कार गदेरे में गिरी, तीन संत सुरक्षित

महादेव की कृपा से टला बड़ा हादसा, घायलों का बेस अस्पताल श्रीकोट में उपचार जारी

कीर्तिनगर। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कीर्तिनगर के समीप देर रात एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गदेरे में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही कीर्तिनगर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना में कार सवार तीन लोग घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीकोट पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार सभी लोग सुरक्षित है।

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कीर्तिनगर संजय मिश्रा ने बताया कि देर रात कार दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। कार अनियंत्रित होकर गदेरे में जा गिरी थी। कार में सवार तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीकोट भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

बताया गया कि कार में जूना अखाड़े के स्वामी स्वरूपानंद यति महाराज, बाबा निरंजन पुरी महाराज समेत तीन संत सवार थे। स्वामी स्वरूपानंद यति ने घटना को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि यह उनके लिए मौत को करीब से छूकर लौटने जैसा अनुभव था। महादेव की कृपा से तीनों संत सुरक्षित हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार ढूंढप्रयाग के इस स्थान पर पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, आवश्यकतानुसार क्रैश बैरियर, सुरक्षा दीवार और अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पर फिसलन और खराब मौसम के चलते दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

लोगों ने यात्रियों और वाहन चालकों से भी बरसात के दौरान विशेष सावधानी बरतने तथा सुरक्षित यात्रा करने की अपील की है।
ऑक्सफोर्ड में गूंजी देवभूमि की आवाज, डॉ. भगवती प्रसाद मैंदोली ने पेश किया ‘आनंदम’ का मॉडल

संस्कृत मंगलाचरण और ध्यान से शुरू हुआ संबोधन, दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों ने की उत्तराखंड की शिक्षा पहल की सराहना

देवभूमि उत्तराखंड के एक और लाल ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। मूल रूप से चमोली जिले के नंदानगर निवासी और वर्तमान में समग्र शिक्षा अभियान, उत्तराखंड में स्टाफ ऑफिसर के पद पर तैनात डॉ. भगवती प्रसाद मैंदोली ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित सोशल आउटकम्स कॉन्फ्रेंस-2026 में उत्तराखंड के शिक्षा परिवर्तन के मॉडल और अभिनव ‘आनंदम पाठचर्या’ को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।
3 और 4 सितंबर को आयोजित सम्मेलन के विशेष सत्र ‘सरकार के भीतर से शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन कैसा दिखाई देता है?’ में डॉ. मैंदोली ने विभिन्न देशों से आए शिक्षा विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों के समक्ष उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और आनंदम पाठचर्या के अनुभव साझा किए।

संस्कृत मंगलाचरण से हुई शुरुआत
ऑक्सफोर्ड के अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. मैंदोली ने अपने संबोधन की शुरुआत संस्कृत मंगलाचरण से की। इसके बाद उन्होंने करीब दो मिनट का सचेतनता एवं ध्यान अभ्यास कराया। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने शांत होकर अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित किया। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी इस अनूठी शुरुआत ने शिक्षा में मानसिक शांति, भावनात्मक कल्याण और बच्चों के समग्र विकास के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. मैंदोली ने कहा कि शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन केवल नीतियां बनाने से नहीं आता, बल्कि तब आता है जब नीति विद्यालय और कक्षा तक पहुंचती है और शिक्षक उसे बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव में बदलते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक प्रदर्शन बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, संवेदनशील, सहानुभूतिशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।

डॉ. मैंदोली ने वर्ष 2019 में उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू की गई खुशहाली पाठ्यचर्या ‘आनंदम’ की कार्यप्रणाली और उसके परिणामों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आनंदम का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना है, जहां बच्चे विषयगत ज्ञान के साथ स्वयं को और दूसरों को समझना, अपनी भावनाओं को पहचानना तथा सहानुभूति विकसित करना सीखें।

आनंदम के तहत विद्यालयों में दिन के शुरुआती 30 से 35 मिनट बच्चों के सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के लिए निर्धारित किए जाते हैं।
जय हो की पहली जीत, रामरूप गुजर निर्विरोध कोषाध्यक्ष निर्वाचित

पीएचडी स्कॉलर हिमांशु भंडारी की अध्यक्ष पद पर मजबूत दावेदारी, अनुभव और शिक्षा को बनाया चुनावी मुद्दा

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में जय हो छात्र संगठन ने अपना खाता खोलते हुए कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। जय हो छात्र संगठन के प्रत्याशी रामरूप गुजर निर्विरोध कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। रामरूप गुजर बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्र हैं। उनकी निर्विरोध जीत से संगठन के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और इसे अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पीएचडी स्कॉलर हिमांशु भंडारी की दावेदारी के लिए भी अहम माना जा रहा है।

जय हो छात्र संगठन ने इस बार छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर पीएचडी स्कॉलर हिमांशु भंडारी को मैदान में उतारा है। विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में पहली बार पीएचडी स्तर का कोई छात्र अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहा है। हिमांशु भंडारी की उम्मीदवारी को संगठन अनुभव, उच्च शिक्षा और परिपक्व नेतृत्व के रूप में छात्रों के सामने रख रहा है।

संगठन का कहना है कि एक वरिष्ठ और उच्च शिक्षित छात्र के अध्यक्ष पद की दौड़ में आने से छात्रसंघ को विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था और छात्रों की वास्तविक समस्याओं की बेहतर समझ रखने वाला नेतृत्व मिल सकता है। पीएचडी स्तर की पढ़ाई कर रहे हिमांशु भंडारी के अनुभव को छात्र हितों की आवाज को मजबूती देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया जा रहा है।

रामरूप की निर्विरोध जीत से बढ़ा उत्साह, कोषाध्यक्ष पद पर रामरूप गुजर का निर्विरोध निर्वाचन जय हो छात्र संगठन के लिए पहली बड़ी चुनावी सफलता है। संगठन इसे छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष और छात्रों के बीच बनाए गए विश्वास का परिणाम बता रहा है।

जय हो छात्र संगठन पूर्व में 5 प्रतिशत कैंपस वेटेज, डिग्री में 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी' लिखे जाने और विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें कम किए जाने जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलनों में सक्रिय रहा है। सीटें कम किए जाने के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान छात्रों पर मुकदमे दर्ज होने के बावजूद संगठन ने छात्र हितों की आवाज उठाना जारी रखा।

अध्यक्ष पद के साथ छात्रा प्रतिनिधि पद पर भी नजर, जय हो छात्र संगठन ने अध्यक्ष पद के साथ छात्रा प्रतिनिधि पद पर बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा सुनिधि सिंह को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध जीत के बाद संगठन की नजर अब अध्यक्ष और छात्रा प्रतिनिधि पद के चुनाव पर है।
जय हो छात्र संगठन के छात्र नेताओं ने किया वीडियो जारी। कागज फाड़ने के आरोपों पर रखी अपनी बात
इस्कॉन श्रीनगर ने भक्ति और उल्लास के बीच मनाई जन्माष्टमी

महाअभिषेक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और छप्पन भोग ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

श्रीनगर गढ़वाल। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) श्रीनगर की ओर से आयोजित ‘जन्माष्टमी महोत्सव सप्ताह’ का भव्य आयोजन श्रीनगर स्थित सर्राफा धर्मशाला में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य पर्व को लेकर आयोजित महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक भक्ति के रंग में रंगे नजर आए।

महोत्सव में उत्तराखंड सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी तथा एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्रीप्रकाश सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का भव्य महाअभिषेक किया गया। इसके साथ ही मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्ति कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग अर्पित किया गया और मध्यरात्रि में भगवान के प्राकट्य के अवसर पर श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ जन्मोत्सव मनाया।

कार्यक्रम के दौरान सर्राफा धर्मशाला में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन एवं महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

इस्कॉन श्रीनगर के आयोजक आश्रय कृष्ण दास, आनंद केशव दास, माधव दास एवं शिवम रावत ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया।
देखिए जब मंत्री सुबोध उनियाल और कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच हुई ऐसी बात कि मौजूद सभी लोग हंसने लगे
पुलकित अग्रवाल ने भरी हुंकार, नामांकन रैली में दिखा दम, उपाध्यक्ष पद पर ठोकी मजबूत दावेदारी, छात्राओं का मिला समर्थन
पौड़ी के पहले डिप्लोमा NIS एथलेटिक्स कोच बने विकास शाह

LNIPE के PGDSC डिप्लोमा में A ग्रेड के साथ टॉप-5 में बनाई जगह, पिथौरागढ़ में इंटर्नशिप में 99/100 अंक हासिल कर A+ ग्रेड

श्रीनगर गढ़वाल के युवा एथलेटिक्स प्रशिक्षक विकास शाह ने खेल जगत में जिले का नाम रोशन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) के PGDSC Diploma in Sports Coaching 2025-26 का फाइनल परिणाम घोषित हो गया है। इसमें विकास शाह ने A ग्रेड हासिल करने के साथ ही टॉप-5 में जगह बनाई है। इस उपलब्धि के साथ वह पौड़ी जिले के पहले डिप्लोमा NIS एथलेटिक्स कोच बनने में सफल रहे हैं।

विकास शाह ने एथलेटिक्स कोचिंग के प्रतिष्ठित डिप्लोमा पाठ्यक्रम को शानदार प्रदर्शन के साथ पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल, पिथौरागढ़ में अपनी इंटर्नशिप भी उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की। इंटर्नशिप में विकास ने 100 में से 99 अंक हासिल करते हुए A+ ग्रेड प्राप्त किया।

देशभर से सिर्फ 20 अभ्यर्थियों का होता है चयन: 
LNIPE के एथलेटिक्स डिप्लोमा कोर्स में हर वर्ष पूरे देश से करीब 20 अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में टॉप-5 में स्थान बनाना विकास शाह की मेहनत, खेल ज्ञान और प्रशिक्षण क्षमता को दर्शाता है। उनकी इस उपलब्धि से श्रीनगर गढ़वाल सहित पौड़ी जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।

गुरु अनूप बिष्ट ने जताई खुशी : 
विकास शाह की सफलता पर उनके गुरु एवं उत्तराखंड के द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित एथलेटिक्स कोच अनूप बिष्ट ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विकास ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में विकास के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड एवं श्रीनगर के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

पूनम जैन ने रखी थी विकास की खेल यात्रा की नींव : विकास शाह की इस उपलब्धि पर उनकी शुरुआती मार्गदर्शक एवं व्यायाम अध्यापिका पूनम जैन ने भी हर्ष व्यक्त किया। खेल के शुरुआती दौर में विकास की प्रतिभा को निखारने और उनकी खेल यात्रा की नींव मजबूत करने में पूनम जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विकास को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विकास शाह की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और गुरुजनों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि श्रीनगर गढ़वाल और पौड़ी जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
पौड़ी के पहले डिप्लोमा NIS एथलेटिक्स कोच बने विकास शाह

LNIPE के PGDSC डिप्लोमा में A ग्रेड के साथ टॉप-5 में बनाई जगह, पिथौरागढ़ में इंटर्नशिप में 99/100 अंक हासिल कर A+ ग्रेड

श्रीनगर गढ़वाल के युवा एथलेटिक्स प्रशिक्षक विकास शाह ने खेल जगत में जिले का नाम रोशन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) के PGDSC Diploma in Sports Coaching 2025-26 का फाइनल परिणाम घोषित हो गया है। इसमें विकास शाह ने A ग्रेड हासिल करने के साथ ही टॉप-5 में जगह बनाई है। इस उपलब्धि के साथ वह पौड़ी जिले के पहले डिप्लोमा NIS एथलेटिक्स कोच बनने में सफल रहे हैं।

विकास शाह ने एथलेटिक्स कोचिंग के प्रतिष्ठित डिप्लोमा पाठ्यक्रम को शानदार प्रदर्शन के साथ पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल, पिथौरागढ़ में अपनी इंटर्नशिप भी उत्कृष्ट अंकों के साथ पूरी की। इंटर्नशिप में विकास ने 100 में से 99 अंक हासिल करते हुए A+ ग्रेड प्राप्त किया।

देशभर से सिर्फ 20 अभ्यर्थियों का होता है चयन: 
LNIPE के एथलेटिक्स डिप्लोमा कोर्स में हर वर्ष पूरे देश से करीब 20 अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित पाठ्यक्रम में टॉप-5 में स्थान बनाना विकास शाह की मेहनत, खेल ज्ञान और प्रशिक्षण क्षमता को दर्शाता है। उनकी इस उपलब्धि से श्रीनगर गढ़वाल सहित पौड़ी जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।

गुरु अनूप बिष्ट ने जताई खुशी : 
विकास शाह की सफलता पर उनके गुरु एवं उत्तराखंड के द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित एथलेटिक्स कोच अनूप बिष्ट ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विकास ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में विकास के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड एवं श्रीनगर के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

पूनम जैन ने रखी थी विकास की खेल यात्रा की नींव : विकास शाह की इस उपलब्धि पर उनकी शुरुआती मार्गदर्शक एवं व्यायाम अध्यापिका पूनम जैन ने भी हर्ष व्यक्त किया। खेल के शुरुआती दौर में विकास की प्रतिभा को निखारने और उनकी खेल यात्रा की नींव मजबूत करने में पूनम जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विकास को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विकास शाह की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और गुरुजनों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि श्रीनगर गढ़वाल और पौड़ी जिले के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
ABVP से अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहे पंकज फर्स्वाण ने बदला संगठन, अब आर्यन से लड़ेंगे महासचिव का चुनाव

गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। ABVP से अध्यक्ष पद पर दावेदारी कर रहे पंकज फर्स्वाण ने टिकट न मिलने पर थामा आर्यन संगठन का दामन। अब आर्यन से होंगे महासचिव प्रत्याशी। महासचिव पद पर आर्यन, एनएसयूआई आमने सामने। इधर पंकज के एबीवीपी छोड़ने से संगठन को भी हो सकता है नुकसान
भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के लिए सज गया श्री बद्रीनाथ धाम, जय बद्री विशाल, आप सभी भक्तों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं
गढ़वाल विवि छात्र संघ चुनाव नामांकन प्रक्रिया के दौरान हंगामा, चुनाव कार्यालय में नामांकन पत्र फाड़ने का आरोप
गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव: जय हो के अध्यक्ष प्रत्याशी हिमांशु भंडारी ने कराया नामांकन

पहली बार पीएचडी छात्र ने अध्यक्ष पद पर ठोकी ताल, अनुभव और उच्च शिक्षा को बनाया ताकत; जय हो से तीन प्रत्याशी मैदान में

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जय हो छात्र संगठन की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हिमांशु भंडारी ने गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस बार जय हो छात्र संगठन ने अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और छात्रा प्रतिनिधि पद पर अपने तीन प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है।

अध्यक्ष पद के प्रत्याशी हिमांशु भंडारी पीएचडी के छात्र हैं। गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार पीएचडी स्तर का कोई छात्र अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहा है। संगठन का कहना है कि एक वरिष्ठ और उच्च शिक्षित छात्र के चुनाव मैदान में उतरने से छात्रसंघ को अनुभव और अकादमिक दृष्टिकोण का लाभ मिलेगा। हिमांशु के अनुभव से छात्र-छात्राओं की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जय हो छात्र संगठन की ओर से कोषाध्यक्ष पद पर राम रूप गुजर को प्रत्याशी बनाया गया है, जो बीएससी फॉरेस्ट्री के छात्र हैं। वहीं छात्रा प्रतिनिधि पद पर बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा सुनिधि सिंह चुनाव मैदान में हैं।

छात्र हितों के मुद्दों को लेकर मुखर रहा है जय हो : जय हो छात्र संगठन ने अपने चुनाव अभियान में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों और संगठन के पिछले संघर्षों को प्रमुखता से रखा है। संगठन का कहना है कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर उसने लगातार आवाज उठाई है। 5 प्रतिशत कैंपस वेटेज, डिग्री में 'सेंट्रल यूनिवर्सिटी' लिखे जाने की मांग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें कम किए जाने के विरोध में संगठन ने आंदोलन किया।

संगठन का दावा है कि सीटें घटाए जाने के मुद्दे पर हुए आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं और छात्रों को मुकदमों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद संगठन छात्र हितों की आवाज उठाता रहा।

जय हो छात्र संगठन का कहना है कि इस बार चुनाव में अनुभव, शिक्षा और छात्र हितों के संघर्ष को केंद्र में रखकर छात्रों के बीच पहुंच बनाई जा रही है। संगठन को उम्मीद है कि छात्र एक ऐसे नेतृत्व को मौका देंगे, जो विश्वविद्यालय की अकादमिक व्यवस्था को समझने के साथ ही छात्रों की समस्याओं को मजबूती से उठा सके।
मामला पौड़ी का है। विकास कार्यों को लेकर अधिकारी किंतने संवेदनशील हैं इस वीडियो में देखा जा सकता है। 
 
बिग ब्रेकिंग़: महत्वपूर्ण बैठक में अधिकारी की ‘गेमबाजी’ का वीडियो वायरल। सदन में मुद्दे और मोबाइल पर खेल में मगन अधिकारी
पौड़ी। जिला पंचायत की बैठक में जहां सदस्य क्षेत्रीय समस्याओं और विकास के मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, वहीं अधिकारी मोबाइल फोन में गेम खेलते नजर आए। अधिकारी की इस हरकत ने बैठक की गंभीरता और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। सदन में जनप्रतिनिधि जनता की समस्याएं उठा रहे थे, लेकिन इन अधिकारी का ध्यान मोबाइल गेम पर रहा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
एथलेटिक्स के करतब से हर किसी को कायल कर रहे स्यूली-तल्ली के राहुल भंडारी

पहाड़ की पगडंडियों से खेल के मैदान तक पहुंची प्रतिभा, खुद भी निखर रहे और युवाओं को भी दे रहे प्रशिक्षण

श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की मिट्टी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ उन्हें सही दिशा, प्रशिक्षण और मंच देने की। इसी सोच को साकार करने में जुटे हैं पैठाणी क्षेत्र के स्यूली-तल्ली गांव निवासी राहुल भंडारी। अपनी शानदार एथलेटिक्स प्रतिभा और हैरतअंगेज करतबों के जरिए राहुल इन दिनों श्रीनगर में युवाओं के बीच खास पहचान बना रहे हैं।

श्रीनगर गढ़वाल के गंगा-दर्शन क्षेत्र के आसपास अक्सर राहुल भंडारी को एथलेटिक्स से जुड़े विभिन्न करतब करते देखा जा सकता है। उनकी शारीरिक दक्षता, संतुलन और अभ्यास को देखकर राहगीर भी कुछ पल ठहरकर उनकी प्रतिभा को निहारने लगते हैं। राहुल के करतब अब क्षेत्र में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने लगे हैं।

खुद मैदान में उतरकर युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण:
राहुल की खासियत सिर्फ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि वह क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति जागरूक और प्रेरित कर रहे हैं। लट्ठी ग्रुप के संयोजक डॉ. आलोक नेगी के सानिध्य में राहुल युवाओं को नियमित रूप से प्रशिक्षण देते हैं। उनका उद्देश्य है कि पहाड़ के युवाओं को खेलों के लिए बेहतर अभ्यास और उचित मार्गदर्शन मिल सके तथा उनकी प्रतिभा को सही मंच हासिल हो।

बीपीएड की पढ़ाई ने बढ़ाया खेल के प्रति जुनून:
राहुल भंडारी ने राठ महाविद्यालय से बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) की डिग्री हासिल की है। खेल और शारीरिक फिटनेस के प्रति उनका जुनून तथा शैक्षणिक प्रशिक्षण उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी के साथ-साथ प्रशिक्षक के रूप में भी पहचान दिला रहा है। वह युवाओं को केवल व्यायाम और एथलेटिक्स की तकनीक ही नहीं बताते, बल्कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और फिटनेस के महत्व के प्रति भी जागरूक करते हैं।

पहाड़ की प्रतिभाओं को मंच देने का संकल्प:
ग्रामीण परिवेश से निकलकर अपनी मेहनत और लगन के दम पर राहुल भंडारी ने खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है। उनका मानना है कि पहाड़ के युवाओं में प्राकृतिक रूप से मेहनत करने की क्षमता और शारीरिक दक्षता होती है। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वे जिला और राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।

राहुल की यह पहल क्षेत्र के उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो संसाधनों के अभाव में खेल के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाते।
ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की तत्परता से 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला पहुंचीं परिवार तक

बस अड्डे पर भटक रही थीं बुजुर्ग महिला, बैंक पासबुक और आधार कार्ड से पुलिस ने परिजनों का पता लगाकर बहू को सौंपा

राह अनजान थी और मंजिल का पता नहीं था। करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला बस अड्डे पर काफी देर से बैठी थीं और अपने घर-परिवार का सही पता बताने में असमर्थ थीं। ऐसे में एक ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की संवेदनशीलता ने उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

मामला एक सितंबर का है। एक ऑटो चालक ने करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कार्यालय पहुंचाया। चालक के अनुसार, महिला काफी समय से बस अड्डे पर बैठी थीं और उन्होंने ऑटो से जौनपुर जाने की बात कही। चालक उन्हें जौनपुर सहित अन्य स्थानों पर लेकर गया, लेकिन महिला अपना घर या परिजनों का सही पता नहीं बता सकीं। स्थिति चिंताजनक प्रतीत होने पर चालक ने मानवता का परिचय देते हुए महिला को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

एएचटीयू टीम ने महिला से पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम प्रेमसला, निवासी बिजनौर, उम्र करीब 90 वर्ष बताया। महिला ने बताया कि वह पूर्व में अपने पुत्र के साथ कोटद्वार में रहती थीं और इसी दौरान उनका स्थानीय बैंक में खाता खुला था। बैंक संबंधी कार्य के लिए वह अकेले यहां आई थीं, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण वह अपने पुत्र का वर्तमान पता और निवास स्थान स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही थीं।

पुलिस टीम ने महिला के सामान की जांच की तो उसमें बैंक पासबुक और आधार कार्ड मिले। दस्तावेजों में उपलब्ध जानकारी और संपर्क सूत्रों के आधार पर पुलिस ने उनके पुत्र सतीश से संपर्क स्थापित किया। जानकारी मिलने के बाद कुछ ही समय में सतीश की पत्नी एएचटीयू कार्यालय पहुंचीं।

पुलिस टीम ने बुजुर्ग महिला को सकुशल उनकी बहू के सुपुर्द कर दिया। परिजनों से मिलकर बुजुर्ग महिला के चेहरे पर भी राहत और खुशी दिखाई दी। इस पूरे घटनाक्रम में ऑटो चालक की सजगता और पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की अहम भूमिका रही।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में महिला कांस्टेबल विद्या मेहता, कांस्टेबल सुमित कुमार और कांस्टेबल राहुल शामिल रहे।
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गंभीर पीलिया और रक्त संक्रमण से बिगड़ी थी हालत, दो बार एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन, आईवीआईजी और कृत्रिम सांस देकर बचाया जीवन

श्रीनगर। जन्म के बाद तेजी से बढ़ता पीलिया, शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का तेजी से टूटना और गंभीर रक्त संक्रमण... हालत इतनी नाजुक हो गई कि नवजात के जीवन पर संकट मंडराने लगा। ऐसे मुश्किल समय में हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर के बाल रोग विभाग की टीम ने समय पर उपचार और लगातार निगरानी के जरिए नवजात को नया जीवन देने में सफलता हासिल की। गंभीर स्थिति में शिशु का दो बार एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन (रक्त का आदान-प्रदान) किया गया। साथ ही आईवीआईजी दवा की दो खुराक देने के अलावा हालत बिगड़ने पर दो बार कृत्रिम सांस की सहायता भी दी गई। कई दिनों के उपचार के बाद नवजात पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया।

श्रीकोट श्रीनगर निवासी गिरीश पुरोहित की पत्नी करिश्मा ने 16 अगस्त को बेस अस्पताल में नवजात को जन्म दिया था। प्रसव के बाद जांच में सामने आया कि मां का रक्त समूह आरएच निगेटिव, जबकि बच्चे का रक्त समूह आरएच पॉजिटिव था। दोनों के रक्त समूह में असंगति के चलते नवजात के शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से टूटने लगीं। इससे रक्त में बिलीरुबिन का स्तर लगातार बढ़ता गया और पीलिया गंभीर रूप लेने लगा।

गंभीर हालत को देखते हुए नवजात को बेस अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कराया गया। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सीएम शर्मा और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकिता गिरी की देखरेख में उपचार शुरू किया गया। जांच में नवजात में गंभीर रक्त संक्रमण की समस्या भी सामने आई, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई।

डॉ. अंकिता गिरी ने बताया कि बच्चे में पीलिया लगातार बढ़ रहा था और रक्त कोशिकाएं तेजी से टूट रही थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बच्चे का दो बार एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन किया गया। इसके साथ ही आईवीआईजी दवा की दो खुराक दी गईं। हालत गंभीर होने पर नवजात को दो बार कृत्रिम सांस की सहायता भी देनी पड़ी। चिकित्सकों की लगातार निगरानी और उपचार के बाद धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा।

बच्चे को स्वस्थ देखकर पिता गिरीश पुरोहित की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। परिवार ने बाल रोग विभाग के चिकित्सकों और अस्पताल के पूरे स्टाफ का आभार जताया।

इस उपचार में बाल रोग विभाग के एसआर डॉ. अजय गोस्वामी, जेआर डॉ. महेश, डॉ. धीरज, डॉ. अंजलि और डॉ. दानिश सहित नर्सिंग अधिकारियों ने सहयोग किया।
तेज बरसाती बहाव में बही क्रेटा, युवक समेत दो की मौ'त

एक युवती घायल अवस्था में रेस्क्यू, दो किलोमीटर दूर मिली

देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के लोअर कंडोली, पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास देर रात तेज बरसाती बहाव में एक क्रेटा कार बह गई। हादसे के वक्त वाहन में एक युवक और दो युवतियां सवार थे। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने रातभर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान के दौरान एक युवती को घायल अवस्था में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि युवक और एक अन्य युवती के श'व बरामद किए गए।

जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात क्रेटा वाहन संख्या RJ 13 CE 5641 के कंडोली पुल के पास तेज बरसाती बहाव में बहने की सूचना मिली। सूचना पर डाकपत्थर से अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचते ही जवानों ने प्रतिकूल परिस्थितियों और तेज बहाव के बीच सर्चिंग अभियान शुरू किया।

एसडीआरएफ के अनुसार, सर्चिंग के दौरान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर सहज पुत्री गुलशन बवेजा घायल अवस्था में मिलीं। टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

वहीं, सर्च अभियान के दौरान वाहन में सवार अक्षय पुत्र मुकेश (20), निवासी जयपुर, राजस्थान तथा एक अन्य युवती का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

तेज बारिश और बरसाती पानी के बढ़ते बहाव के बीच एसडीआरएफ जवानों ने पूरी रात घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस द्वारा घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।