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Srinagar Darshan

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उत्तराखंड की रक्षक देवी, माँ धारी देवी जी की प्रातः कालीन दिव्य आरती दर्शन, जय माता दी
चार दिन धरना, फिर सड़क पर उतरे पैरामेडिकल छात्र

स्टाइपेंड की मांग को लेकर श्रीकोट में निकाली रैली, बोले - शांतिपूर्ण धरने के बाद भी नहीं हुआ समाधान

श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के पैरामेडिकल इंटर्न छात्रों का स्टाइपेंड को लेकर चल रहा आंदोलन अब सड़क तक पहुंच गया है। चार दिन तक शांतिपूर्ण धरने पर बैठने के बाद भी मांगों पर समाधान नहीं होने से शनिवार को पैरामेडिकल छात्रों ने श्रीकोट में रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में छात्र रैली में शामिल हुए और स्टाइपेंड की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।

छात्रों का कहना है कि वे पिछले चार दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे। इस दौरान शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। रैली के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए पूरे छह माह का स्टाइपेंड और ₹15 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की मांग उठाई।

Gen-Z अंदाज में शुरू हुआ था आंदोलन : 
स्टाइपेंड की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अपने अलग अंदाज के कारण भी चर्चा में रहा है। धरने के दौरान छात्रों ने हाथों में मजेदार और Gen-Z अंदाज वाली तख्तियां लेकर अपनी मांग रखी थीं। इनमें ‘कुचु पुचु स्टाइपेंड दे दो’ और ‘कुचु पुचु मान जाओ ना’ जैसे संदेश लिखे थे। हालांकि, चार दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखने के बाद समाधान नहीं होने पर अब छात्रों ने रैली के जरिए अपना आक्रोश जताया है।

छह माह के स्टाइपेंड की मांग : 
पैरामेडिकल छात्रों के 2022 बैच की मांग है कि इंटर्नशिप के पूरे छह माह का स्टाइपेंड दिया जाए और उन्हें ₹15 हजार प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाए। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पताल में नियमित सेवाएं दे रहे हैं। आठ से 12 घंटे तक की ड्यूटी के साथ इमरजेंसी ड्यूटी भी लगाई जाती है। छात्रों के अनुसार रविवार और सरकारी अवकाश के दिनों में भी उन्हें ड्यूटी करनी पड़ती है।

छात्रों ने शासन-प्रशासन से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
नीलकंठ मार्ग पर पहाड़ी ढलान में फंसी युवती, पुलिस-SDRF ने रेस्क्यू कर बचाया

दुर्गम ढलान पर कड़ी मशक्कत के बाद 24 वर्षीय युवती को सुरक्षित सड़क तक पहुंचाया, हरियाणा की रहने वाली है युवती

नीलकंठ-लक्ष्मणझूला मार्ग पर गुफा के समीप शुक्रवार को एक युवती सड़क से नीचे खड़ी पहाड़ी ढलान में फंस गई। सूचना मिलते ही लक्ष्मणझूला पुलिस और एसडीआरएफ ढालवाला की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर युवती को सकुशल बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार 19 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि गरुड़ चट्टी से आगे नीलकंठ मार्ग पर एक युवती पहाड़ी से नीचे नदी के बहाव क्षेत्र के समीप दुर्गम ढलान में फंस गई है। सूचना पर एसडीआरएफ टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर युवती काफी नीचे खड़ी और जोखिम भरी पहाड़ी ढलान पर फंसी हुई थी तथा भयभीत अवस्था में थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसडीआरएफ जवानों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू शुरू किया। एसडीआरएफ जवानों ने रोप रेस्क्यू तकनीक और सुरक्षा उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक पहाड़ी से नीचे उतरकर युवती तक पहुंच बनाई। टीम ने युवती को ढांढस बंधाया और सुरक्षित तरीके से उसे पहाड़ी से ऊपर लाकर नीलकंठ मार्ग की सड़क तक पहुंचाया।

रेस्क्यू की गई युवती की पहचान (उम्र 24), निवासी हिसार, हरियाणा के रूप में हुई है। रेस्क्यू के बाद युवती को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के उपनिरीक्षक सुरेंद्र नेगी के साथ अर्जुन, किशोर, रमेश भट्ट, मनमोहन, संदीप और दीपक शामिल रहे। टीम की तत्परता और साहस के चलते युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
दिनदहाड़े शिक्षकों की गाड़ी के सामने आ धमका गुलदार, मचा हड़कंप

चमधार-देवलगढ़ रोड पर चमियाला गदेरे के पास अचानक सड़क पर आया गुलदार, शिक्षकों ने वाहन रोककर बनाया वीडियो

श्रीनगर। चमधार-देवलगढ़ रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल से वापस लौट रहे शिक्षकों की गाड़ी के सामने अचानक गुलदार आ धमका। दिनदहाड़े सड़क पर गुलदार को देख वाहन में सवार शिक्षक भी सहम गए। कुछ देर तक गुलदार सड़क के आसपास ही मंडराता रहा, जिसके बाद वह जंगल की ओर चला गया।

बताया गया कि शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद वाहन से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान चमियाला गदेरे के पास अचानक गुलदार सड़क पर दिखाई दिया। गुलदार को देखते ही चालक ने वाहन रोक दिया। इस दौरान शिक्षकों ने गुलदार का वीडियो भी बनाया। दिन के समय आबादी और सड़क के नजदीक गुलदार की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की सक्रियता देखी जा रही है। सड़क पर आवाजाही के दौरान भी गुलदार दिखाई देने से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।

दिनदहाड़े सड़क पर गुलदार के दिखाई देने की घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने बच्चों और राहगीरों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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अंकिता की चौथी बरसी पर श्रीनगर में जले दीप, कैंडल मार्च में उठी न्याय की आवाज

गढ़वाल विवि से गोला पार्क तक निकला कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

श्रीनगर। अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर शुक्रवार को श्रीनगर में अंकिता की स्मृति में दीप जलाए गए और कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अंकिता को याद करते हुए न्याय की मांग उठाई।

गोला पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘एक दिया अंकिता के नाम’ अभियान के तहत दीप प्रज्वलित कर अंकिता को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराने, कथित वीआईपी कनेक्शन से जुड़े तथ्यों की जांच कर उन्हें सार्वजनिक करने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।

कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष सूरज घिल्डियाल, जिला महामंत्री सुधांशु नौडियाल, छात्रसंघ महासचिव मयंक बहुगुणा, वीरेंद्र नेगी, जगदीश भट्ट, प्रीतपाल नरूला, संजय कुमार और शिव लाल समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वहीं, गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर गेट से छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गोला पार्क तक कैंडल मार्च निकाला। हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर मार्च कर रहे लोगों ने अंकिता को श्रद्धांजलि दी और हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने और दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।

कैंडल मार्च के जरिए लोगों ने अंकिता की स्मृति को जीवंत रखते हुए महिला सुरक्षा और न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान इन्द्रेश मैखुरी, रेशमा पंवार, युवराज सिंह, शिवांक नौटियाल, प्रियंका, रॉबिन असवाल आदि छात्र मौजूद थे।
छोटी सी कोशिश, बड़ा बदलाव: 11 साल बाद फिर जीवंत हुआ उफल्डा का पौराणिक धारा, महापौर आरती भंडारी की पहल रंग लाई 

प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण की दिशा में नगर निगम का कदम, तीन वार्डों के लोगों को मिलेगा लाभ

श्रीनगर। प्राकृतिक जलस्रोतों और पौराणिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में नगर निगम श्रीनगर ने एक और सकारात्मक पहल की है। महापौर आरती भंडारी के प्रयासों से वार्ड संख्या 39 उफल्डा में करीब 11-12 वर्षों से बंद पड़ा पौराणिक धारा अब फिर से जीवंत हो गया है। वर्षों से बंद पड़े धारे के पुनर्जीवित होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।

यह पौराणिक धारा वार्ड संख्या 37, 38 और 39 के लोगों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण प्राकृतिक जलस्रोत रहा है। धारे के दोबारा उपयोगी होने से आसपास के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। नगर निगम की इस पहल को क्षेत्र की पारंपरिक जलधरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महापौर आरती भंडारी ने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोत केवल पानी के स्रोत नहीं, बल्कि हमारी पौराणिक विरासत और पहाड़ की पहचान हैं। इनका संरक्षण वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में ऐसे प्राकृतिक एवं पौराणिक जलस्रोतों को चिह्नित कर उनके संरक्षण की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

धारे को पुनर्जीवित करने में वार्ड संख्या 38 के पार्षद नरेंद्र रावत और वार्ड संख्या 39 के पार्षद सुरेंद्र कुमार के विशेष प्रयास भी रहे। स्थानीय लोगों ने महापौर आरती भंडारी समेत नगर निगम और दोनों पार्षदों का आभार जताया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से बंद पड़े इस धारे के फिर से जीवंत होने से न केवल पानी का प्राकृतिक स्रोत बचा है, बल्कि क्षेत्र की पुरानी परंपरा और धरोहर को भी नई जिंदगी मिली है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जड़ें उसके प्राकृतिक जलस्रोतों से जुड़ी हैं और इनके संरक्षण के प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए।
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12 साल की कायरा ने चार वर्गों में जीते स्वर्ण, टेबल टेनिस में रचा नया मुकाम

अंडर-15, 17, 19 के साथ महिला एकल में भी हासिल किया खिताब · महिला वर्ग में पहला स्वर्ण, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कर चुकी हैं भारत का प्रतिनिधित्व

पौड़ी। महज 12 वर्ष की उम्र में टेबल टेनिस खिलाड़ी कायरा भंडारी ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पौड़ी में आयोजित दूसरे उत्तराखंड स्टेट रैंकिंग टूर्नामेंट में कायरा ने चार अलग-अलग वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम किया। उन्होंने अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 और महिला एकल वर्ग में खिताब अपने नाम किए।

महिला एकल वर्ग का स्वर्ण कायरा के लिए विशेष उपलब्धि रहा। पहली बार उन्होंने महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। कम उम्र में अपने से अधिक उम्र की खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रदर्शन कर कायरा ने अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया।

कायरा ने कोविड काल के दौरान वर्ष 2021 में टेबल टेनिस खेलना शुरू किया था। वर्ष 2023 से उन्होंने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में नियमित रूप से हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अलग-अलग आयु वर्गों में अपनी पहचान बनाई। अंडर-13 वर्ग में कायरा भारत की नंबर-34 खिलाड़ी तक पहुंच चुकी हैं।

खास बात यह है कि कायरा अब केवल अपनी आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं। वह लगातार बड़े आयु वर्गों और महिला वर्ग की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेकर चुनौती पेश कर रही हैं। वर्ष 2026 में उन्होंने ताशकंद और अल्माटी में आयोजित डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना उनके अब तक के खेल सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।

कायरा का मूल घर देहरादून में है, जबकि उनके पिता का परिवार टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर से जुड़ा है। पौड़ी में चार स्वर्ण पदक जीतने के बाद कायरा की उपलब्धि ने उत्तराखंड के खेल जगत में भी ध्यान खींचा है। छोटी उम्र में लगातार बड़े वर्गों में बेहतर प्रदर्शन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी से उनके खेल सफर को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
डाक बंगला क्षेत्र में गुलदार की दस्तक, रात में बढ़ी दहशत

सीसीटीवी में कुत्तों और मवेशियों का पीछा करता दिखा गुलदार, शाम ढलते ही सुनाई दे रही गुर्राने की आवाज

श्रीनगर गढ़वाल। शहर के डाक बंगला रोड क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से गुलदार की सक्रियता ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रात के समय क्षेत्र में गुलदार की आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल है। रात करीब दो बजे गुलदार सीसीटीवी कैमरे में कुत्तों और मवेशियों का पीछा करता हुआ कैद हुआ। इसके बाद से स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।

व्यापार सभा के कोषाध्यक्ष पंकज नेगी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रात और तड़के सुबह गुलदार की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। फुटेज में गुलदार कुत्तों और मवेशियों के पीछे जाता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से शाम ढलने के बाद क्षेत्र में कई बार गुर्राने जैसी आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डाक बंगला रोड के आसपास आबादी और आवाजाही वाले क्षेत्र होने के कारण गुलदार की लगातार मौजूदगी चिंता का विषय बनी हुई है। रात के समय लोग घरों से बाहर निकलने में भी सतर्कता बरत रहे हैं।

लोगों ने वन विभाग से जल्द टीम भेजकर क्षेत्र का निरीक्षण कराने, नियमित गश्त बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। साथ ही लोगों से रात के समय अकेले बाहर न निकलने और आसपास के क्षेत्र में सतर्क रहने की अपील की गई है।
NIT सुमाडी निर्माणाधीन परिसर के कार्य पर फिर उठे सवाल, साफ सफाई सुरक्षा एवं पर्यावरण के नियमों की बड़ी अनदेखी का आरोप, स्थानीय युवक अंकित काला ने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माणाधीन परिसर एन आई टी सुमाडी में एक बार फिर से निर्माणाधीन कंपनी द्वारा साफ सफाई सुरक्षा एवं पर्यावरण के नियमों की बड़ी अनदेखी का मामला सुर्ख़ियों में है, जहां एक और सरकार नमामि गंगे जैसी बड़ी बड़ी साफ सफाई वाली योजनाओं को धरातल पर मजबूती से उतारने में लगी है। तो वहीं दूसरी और प्रशासनिक नियमों का लगातार उल्लंघन कर कार्यदायिक संस्था अपने निर्माण कार्यों को करने में लगी है।।
दृष्टिबाधित बच्चों की मासूम आवाज़ों में जब गूंजा जन्मदिन का गीत, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक हो उठे। बच्चों के स्नेह और आत्मीयता ने इस जन्मदिन के पल को उनके लिए बेहद खास और यादगार बना दिया।
सुबह सुबह श्रीनगर के डाकबंगला क्षेत्र में चहलकदमी करते दिखा गुलदार, देखें CCTV फुटेज
Hello मैं पुष्कर धामी बोल रहा हूं, मुख्यमंत्री ने सुनी जनता की समस्या, अधिकारियों को लगाई फटकार
बेस अस्पताल में दो जटिल सर्जरी, लौटी चलने की उम्मीद

रुद्रप्रयाग की 62 वर्षीय महिला के दोनों घुटने और टिहरी के 31 वर्षीय युवक के दोनों कूल्हे किए प्रत्यारोपित, आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क हुआ उपचार

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर का हड्डी रोग विभाग पर्वतीय क्षेत्र के मरीजों के लिए लगातार बड़ी उम्मीद बन रहा है। विभाग की विशेषज्ञ टीम ने दो जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी सफलतापूर्वक कर मरीजों को फिर से चलने की राह दिखाई है। रुद्रप्रयाग की 62 वर्षीय महिला के दोनों घुटनों और टिहरी के 31 वर्षीय युवक के दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। खास बात यह है कि दोनों मरीजों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क किया गया।

रुद्रप्रयाग निवासी दीपा देवी (62) के दोनों घुटने आर्थराइटिस के कारण गंभीर रूप से खराब हो गए थे। स्थिति यह थी कि उन्हें चलने-फिरने के साथ ही रोजमर्रा के काम करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जांच के बाद चिकित्सकों ने दोनों घुटनों के प्रत्यारोपण की सलाह दी। हड्डी रोग विभाग की विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक दोनों घुटनों का रिप्लेसमेंट किया।

वहीं टिहरी निवासी सचिन (31) सोरायसिस से पीड़ित थे। बीमारी के चलते उनके दोनों कूल्हे गंभीर रूप से खराब हो गए थे और चलना-फिरना मुश्किल हो गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों कूल्हों के प्रत्यारोपण का निर्णय लिया। विशेषज्ञ टीम ने जटिल सर्जरी करते हुए दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण किया।

दोनों ऑपरेशन के बाद मरीजों की हालत स्थिर रही और चिकित्सकों की निगरानी में स्वास्थ्य में सुधार हुआ। सफल सर्जरी के बाद दोनों मरीजों को वॉकर के सहारे अस्पताल परिसर में चलाया गया। स्वस्थ होने पर दोनों को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई।

सर्जरी को सफल बनाने में हड्डी रोग विभाग के एचओडी डॉ. दयाकृष्ण टम्टा के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन टीम में एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मोहित कुमार, आर्थोपेडिक विभाग से डॉ. मिलिंद, डॉ. सार्थक और डॉ. रवि तथा नर्सिंग स्टाफ से राहुल और सुरेंद्र जोशी सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

बड़े शहरों की दौड़ से राहत :
घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल एवं महंगी सर्जरी की सुविधा श्रीनगर में मिलने से पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को अब उपचार के लिए देहरादून, ऋषिकेश या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ रहा है। रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और चमोली समेत गढ़वाल के दूरदराज क्षेत्रों से मरीज जटिल उपचार के लिए बेस अस्पताल पहुंच रहे हैं।
एक्शन मोड में छात्रसंघ उपाध्यक्ष पुलकित, ACL बिल्डिंग के एक चैनल गेट का ताला तोड़ा

मूलभूत सुविधाओं पर रोक बर्दाश्त नहीं, छात्रों के हित में मजबूती से खड़े रहने की दी चेतावनी

श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित छात्रसंघ उपाध्यक्ष पुलकित अग्रवाल पदभार ग्रहण करते ही छात्रों की समस्याओं को लेकर एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने बिरला परिसर स्थित एसीएल (ACL) बिल्डिंग के एक चैनल गेट पर लगे ताले को तोड़कर छात्रों के लिए रास्ता खुलवा दिया। उनका कहना है कि चैनल बंद होने से विद्यार्थियों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी।

छात्रसंघ उपाध्यक्ष पुलकित अग्रवाल ने बताया कि चुनाव से पहले भी छात्रम छात्र संगठन के प्रयासों से इन चैनलों को खुलवाया गया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोबारा इन्हें बंद कर दिया। मंगलवार को मौके पर फिर ताला लगा मिला तो छात्रम छात्र संगठन के साथियों के साथ पहुंचकर चैनल को दोबारा खुलवाया गया।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मूलभूत सुविधाओं पर किसी भी तरह की रोक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब-जब विद्यार्थियों की सुविधाओं को प्रभावित करने का प्रयास होगा, वह छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र हित सर्वोपरि है और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

एक दिन पहले उठाई थीं कई मांगें : 
पुलकित अग्रवाल ने सोमवार को भी छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मोर्चा खोला था। उनके नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति एवं कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय की प्रत्येक कक्षा को स्मार्ट क्लास में तब्दील करने, सभी गर्ल्स वॉशरूम में सैनिटरी पैड मशीन लगाने तथा शौचालयों की सफाई व्यवस्था बेहतर करने की मांग की थी।

छात्रों ने कहा था कि आधुनिक शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा जरूरी है। वहीं, छात्राओं की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए गर्ल्स वॉशरूम में सैनिटरी पैड मशीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शौचालयों की नियमित सफाई और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की गई थी।

ज्ञापन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने की बात छात्रसंघ उपाध्यक्ष ने कही थी। अब अगले ही दिन ACL बिल्डिंग के चैनल खोलने की कार्रवाई से छात्रसंघ उपाध्यक्ष के तेवर चर्चा में हैं।

आज इस मौके पर विनायक, अंशुल, सानिया सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
श्रीनगर में पानी की समस्या को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी ने लगाए गंभीर आरोप, गागर में पानी भर कर ले जाने को मजबूर
श्रीकोट में स्कूटी-बाइक की जोरदार भिड़ंत, चार घायल

CCTV में कैद हुआ हादसा, सड़क पर खड़ी बोलेरो को लेकर उठे सवाल

श्रीनगर गढ़वाल के श्रीकोट में रविवार देर शाम स्कूटी और बाइक की जोरदार आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में स्कूटी और बाइक सवार चार लोग घायल हो गए। हादसे का पूरा घटनाक्रम पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा और बीच सड़क वाहन खड़ा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि हादसे से कुछ समय पहले एक बोलेरो सड़क के बीच में खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बोलेरो में न तो पार्किंग लाइट जल रही थी और न ही इंडिकेटर या कोई अन्य संकेत दिया गया था। ऐसे में अंधेरे में सड़क पर खड़ी बोलेरो को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि इससे सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों को स्थिति समझने में परेशानी हुई और इसी दौरान स्कूटी व बाइक की भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों पर सवार चार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

CCTV ने खड़े किए कई सवाल : 
हादसे के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने सड़क पर वाहन खड़ा करने के तरीके को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि हादसे में वास्तविक गलती किसकी थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। लेकिन रात के समय सड़क के बीच वाहन खड़ा करने और आवश्यक संकेतक नहीं जलाने से हादसे का खतरा निश्चित रूप से बढ़ जाता है।

सड़क पर वाहन रोकते या पार्क करते समय वाहन चालकों को पार्किंग लाइट और इंडिकेटर का प्रयोग करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके वाहन से दूसरे राहगीरों को खतरा न हो। एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

सड़क पर सावधान रहें, यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित सफर करें।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के नवनिर्वाचित छात्रसंघ 2026-27 का शपथ ग्रहण समारोह
गढ़वाल विवि छात्रा प्रतिनिधि GR पद पर JAI HO की सुनिधि सिंह जीती, ABVP प्रत्याशी को हराया
महासचिव पद पर चुनाव जीतने के बाद NSUI प्रत्याशी मयंक नी अपनी माँ से की बात, खिर्सू ब्लॉक के रहने वाले है मयंक
गढ़वाल विवि के छात्र संघ अध्यक्ष बने जय हो छात्र संगठन के हिमांशु भंडारी, ABVP को बंपर वोटों से हराया
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र संघ उपाध्यक्ष बने पुलकित अग्रवाल
गढ़वाल विवि के छात्र संघ अध्यक्ष बने जय हो छात्र संगठन के हिमांशु भंडारी, ABVP को बंपर वोटों से हराया, तोड़े सारे रिकॉर्ड
गढ़वाल विवि छात्रसंघ चुनाव महासचिव पद पर NSUI के मयंक बहुगुणा 300+ वोटों से जीते