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Srinagar Darshan

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पौड़ी गढ़वाल, टेका रोड पर गुलदार का वायरल वीडियो
गैरसैंण समेत चार क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग, सांसद अनिल बलूनी ने शिक्षा मंत्री से की मुलाकात

गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से भेंट कर उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सांसद ने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को उनके समक्ष रखा।

सांसद अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की अपनी मांग को पुनः दोहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने रामनगर, यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र तथा देवप्रयाग में भी केंद्रीय विद्यालय स्थापित किए जाने का अनुरोध किया।

सांसद ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना होने से स्थानीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। इससे विशेष रूप से पहाड़ के बच्चों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सांसद द्वारा उठाए गए इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। सांसद ने उम्मीद जताई कि इन क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की दिशा में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

गैरसैंण सहित रामनगर, यमकेश्वर और देवप्रयाग में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के अवसरों को और मजबूत करने के साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह भी आसान होगी।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष के साथ पुलिस अधिकारी द्रारा अभद्रता का कथित आरोप, देर रात कोतवाली पहुंचे छात्र
सीओ से माफी की मांग पर अड़े छात्र, श्रीनगर कोतवाली में धरना जारी

पुलिस की कथित कार्रवाई से नाराज छात्रों का प्रदर्शन, मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

श्रीनगर। सड़क हादसे के बाद पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र बस से श्रीनगर कोतवाली पहुंचे और परिसर में धरने पर बैठ गए। छात्र संबंधित सीओ द्वारा कथित अभद्रता के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात श्रीनगर क्षेत्र में बाइक और स्कूटी की भिड़ंत के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों की कार्रवाई को लेकर विवाद हुआ था। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत राणा का आरोप है कि मौके पर पहुंचे एक पुलिस अधिकारी ने हादसे में शामिल एक छात्र को थप्पड़ मार दिया। इसका विरोध करने पर उनके साथ भी कथित तौर पर अभद्रता की गई।

घटना के बाद छात्र नेता देर रात करीब साढ़े 12 बजे श्रीनगर कोतवाली पहुंच गए थे। यहां पुलिस और छात्रों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। छात्रों ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर छात्रों ने कोतवाली परिसर में धरना शुरू कर दिया और रात में जमीन पर सोकर विरोध जताया।

इसके बाद रात करीब तीन बजे छात्रों ने श्रीनगर शहर में घूम-घूमकर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मंगलवार को छात्र एक बार फिर बस से कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

माफी नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी:
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब तक संबंधित सीओ छात्रों के साथ कथित व्यवहार को लेकर माफी नहीं मांगते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।

छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। वहीं, कोतवाली परिसर में छात्रों के धरने के चलते पुलिस प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गुस्साए छात्र बस लेकर पहुंचे श्रीनगर कोतवाली, धरने पर बैठे

देर रात हुए विवाद के बाद आज फिर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस पर लगाए अभद्रता के आरोप; कार्रवाई की मांग पर अड़े छात्र

श्रीनगर। सड़क हादसे के बाद पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। पुलिस पर छात्र के साथ अभद्रता और मारपीट के आरोपों को लेकर गुस्साए छात्र बस लेकर श्रीनगर कोतवाली पहुंच गए। बड़ी संख्या में छात्रों ने कोतवाली परिसर में धरना शुरू कर दिया और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।

बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात सड़क हादसे के बाद छात्र नेताओं और पुलिस के बीच विवाद हो गया था। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत राणा ने आरोप लगाया था कि हादसे के मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी ने एक छात्र को थप्पड़ मारा। इसका विरोध करने पर उनके साथ भी अभद्रता की गई। घटना से आक्रोशित छात्र नेता देर रात करीब साढ़े 12 बजे कोतवाली पहुंचे थे।

कोतवाली में काफी देर तक पुलिस और छात्रों के बीच नोकझोंक हुई। मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर छात्र रात में ही धरने पर बैठ गए थे। छात्रों ने कोतवाली परिसर में जमीन पर सोकर भी विरोध जताया। इसके बाद रात करीब तीन बजे छात्रों ने श्रीनगर शहर में घूमकर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

बस लेकर पहुंचे छात्र, कोतवाली में फिर शुरू हुआ धरना:
मंगलवार को छात्रों ने एकजुट होकर बस से श्रीनगर कोतवाली का रुख किया। बड़ी संख्या में छात्र कोतवाली पहुंचे और परिसर में धरने पर बैठ गए। छात्रों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन से घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने, छात्र के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के आरोपों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

छात्रों के दोबारा कोतवाली पहुंचने के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। कोतवाली परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, छात्रों के प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में गहमागहमी बनी हुई है।

फिलहाल मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस का पक्ष आने के बाद ही आरोपों और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
श्रीनगर कोतवाली में देर रात हंगामा, छात्रों ने जमीन पर सोकर किया प्रदर्शन

पुलिस पर अभद्रता और छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप, मांग नहीं माने जाने पर रात 3 बजे तक गूंजे ‘श्रीनगर पुलिस मुर्दाबाद’ के नारे

श्रीनगर। सड़क हादसे के बाद पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर श्रीनगर में देर रात जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पर छात्र के साथ कथित अभद्रता और थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए छात्र संघ से जुड़े पदाधिकारी और छात्र नेता रात करीब साढ़े 12 बजे श्रीनगर कोतवाली पहुंच गए। छात्रों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

जानकारी के अनुसार, देर रात श्रीनगर क्षेत्र में बाइक और स्कूटी की भिड़ंत हो गई। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत राणा के अनुसार, वह उस समय मौके से गुजर रहे थे और हादसा देखकर घायलों की मदद के लिए वहां रुके। आरोप है कि कुछ देर बाद पुलिस की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। जसवंत राणा का कहना है कि गाड़ी से बाहर आए एक व्यक्ति ने स्वयं को सीओ बताया और हादसे में शामिल एक छात्र को थप्पड़ मार दिया।

जसवंत राणा के मुताबिक, उन्होंने छात्र के साथ कथित तौर पर की गई इस कार्रवाई का विरोध किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी अभद्रता की। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और बड़ी संख्या में छात्र नेता व छात्र संघ पदाधिकारी श्रीनगर कोतवाली पहुंच गए।

कोतवाली में जमीन पर सोकर किया प्रदर्शन : 
कोतवाली पहुंचने के बाद छात्र नेताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। छात्रों ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जब उनकी मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए। विरोध जताते हुए कई छात्र जमीन पर ही सो गए और रातभर आंदोलन जारी रखा।

छात्र नेताओं का कहना था कि यदि पुलिसकर्मी द्वारा छात्र के साथ मारपीट या अभद्रता की गई है तो मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। छात्रों ने पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की।

रात तीन बजे तक सड़कों पर प्रदर्शन :
मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित छात्र रात करीब तीन बजे कोतवाली से बाहर निकले और श्रीनगर नगर क्षेत्र में घूम-घूमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और ‘श्रीनगर पुलिस मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। देर रात शहर की सड़कों पर छात्रों के प्रदर्शन से माहौल गरमाया रहा।
90 किलो गांजा तस्करी का 24 घंटे में खुलासा, सप्लाई नेटवर्क के दो और तस्कर गिरफ्तार

एंबुलेंस में गांजा पहुंचाने वाले नेटवर्क की खुली पूरी कहानी, रुद्रप्रयाग से गांजा खरीदकर श्रीनगर में महंगे दाम पर बेचने की थी तैयारी

श्रीनगर। एंबुलेंस में 90 किलो गांजा बरामदगी के मामले में पौड़ी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गांजा बेचने वाले मुख्य सप्लायर और तस्करी में शामिल सह अभियुक्त को दबोचकर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने रुद्रप्रयाग से श्रीनगर तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क की अहम कड़ी को ध्वस्त कर दिया है।

गौरतलब है कि 23 अगस्त को श्रीनगर पुलिस ने आवास विकास ग्राउंड के समीप चेकिंग के दौरान इको एंबुलेंस संख्या UK14-PA-0539 से नौ कट्टों में रखा 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया था। बरामद गांजे की कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई थी। पुलिस ने एंबुलेंस चालक रविन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर वाहन सीज करते हुए कोतवाली श्रीनगर में धारा 8/20/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने तस्करी की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर सूचना एवं साक्ष्यों को जुटाया गया।

पूछताछ और जांच में सामने आया कि गिरफ्तार एंबुलेंस चालक रविन्द्र सिंह के साथ रविन्द्र कठैत उर्फ बिट्टू ने रुद्रप्रयाग निवासी विनोद रावत से कम कीमत पर थोक मात्रा में गांजा खरीदा था। इसके बाद गांजे को एंबुलेंस के जरिए श्रीनगर लाकर अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविन्द्र कठैत उर्फ बिट्टू (38), निवासी बड्यारगढ़, टिहरी गढ़वाल, हाल भक्तियाना श्रीनगर को श्रीनगर से तथा विनोद रावत (47), निवासी बणसू, रुद्रप्रयाग को रुद्रप्रयाग से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

एंबुलेंस को इसलिए चुना, ताकि जांच से बच सकें : पूछताछ में रविन्द्र कठैत उर्फ बिट्टू ने पुलिस को बताया कि तस्करी के लिए एंबुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था क्योंकि ऐसे वाहनों पर सामान्य तौर पर कम संदेह होता है और मानवीय संवेदनाओं के चलते उनकी जांच भी अपेक्षाकृत कम होने की उम्मीद रहती थी।
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चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ पौड़ी जिले में बड़ा अभियान

11 टीमों ने बाजारों में की ताबड़तोड़ छापेमारी, दुकानों में स्टॉक की जांच

चीनी की जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए पौड़ी जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में खाद्य एवं पूर्ति विभाग की 11 टीमों ने रविवार को जनपद के विभिन्न बाजारों में औचक छापेमारी कर खाद्य दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों में चीनी के स्टॉक और उसकी उपलब्धता की जांच की गई।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि विभागीय टीमों ने कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, पाबौ, लैंसडाउन, सतपुली, लक्ष्मणझूला, चौबट्टाखाल, रिखणीखाल, दुगड्डा और उफरैंखाल बाजारों में दुकानों का निरीक्षण किया। टीमों ने व्यापारियों से चीनी का अनावश्यक भंडारण न करने और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई व्यापारी चीनी की जमाखोरी, अवैध भंडारण अथवा कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले के बाजारों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में भी नियमित और औचक निरीक्षण जारी रहेगा। विभाग ने व्यापारियों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए कहा है कि खाद्य सामग्री की कृत्रिम कमी पैदा करने अथवा कालाबाजारी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
एंबुलेंस में मरीज की जगह 90 किलो गांजा, श्रीनगर पुलिस ने चालक को दबोचा

45 लाख रुपये कीमत की गांजे की बड़ी खेप बरामद, रुद्रप्रयाग से श्रीनगर लाकर बेचने की थी तैयारी; सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

श्रीनगर। नशे के खिलाफ पौड़ी पुलिस के अभियान में श्रीनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तड़के सघन चेकिंग के दौरान एक इको एंबुलेंस से 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर चालक को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करी में प्रयुक्त एंबुलेंस को भी पुलिस ने सीज कर दिया है। पुलिस अब गांजे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी श्रीनगर तपेश कुमार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में रविवार तड़के पुलिस टीम आवास विकास ग्राउंड के समीप वाहनों की चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध प्रतीत हो रही इको एंबुलेंस संख्या UK14-PA-0539 को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान एंबुलेंस के भीतर रखे नौ कट्टों में 90 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक रविन्द्र सिंह बिष्ट (45 वर्ष), निवासी चौरास, थाना कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल, हाल निवासी श्रीनगर को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह श्रीकोट में उक्त एंबुलेंस का संचालन करता है। वह अपने एक सहयोगी के साथ रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजा खरीदकर एंबुलेंस के जरिए श्रीनगर ला रहा था। योजना के अनुसार गांजे को यहां अधिक कीमत पर बेचने की तैयारी थी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ कोतवाली श्रीनगर में मु0अ0सं0-53/2026, धारा 8/20/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गांजे की आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों तथा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है।

पहले भी दर्ज है मुकदमा
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में धारा 60 आबकारी अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज रहा है।

इनकी रही अहम भूमिका : 
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक पंकज तिवाड़ी, उपनिरीक्षक विजय शैलानी, हेड कांस्टेबल दिनेश
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग, पूर्व IAS सचिव विनोद रतूड़ी ने मुंडन कर शुरू की पदयात्रा

श्रीनगर। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर पूर्व आईएएस सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में देहरादून से गैरसैंण तक शुरू हुई पदयात्रा रविवार को श्रीनगर से डुंगरीपंथ की ओर रवाना हुई। 15 अगस्त से शुरू हुई यह पदयात्रा अपने नौवें दिन श्रीनगर पहुंची थी, जहां रात्रि विश्राम के बाद यात्रा आगे बढ़ाई गई।

गैरसैंण राजधानी संघर्ष समिति के संयोजक विनोद रतूड़ी ने स्थायी राजधानी की मांग को लेकर विरोध स्वरूप अपना मुंडन भी कराया है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के ढाई दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उत्तराखंड की स्थायी राजधानी निर्धारित नहीं हो पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

रतूड़ी ने कहा कि राज्य गठन के बाद देहरादून को अस्थायी राजधानी के तौर पर रखा गया था, जबकि बाद में भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया। इसके बावजूद स्थायी राजधानी को लेकर स्थिति आज तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारों की उदासीनता के कारण यह महत्वपूर्ण मुद्दा लगातार लंबित है।

उन्होंने बताया कि स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर 8 मार्च से 21 जून 2026 तक 106 दिनों का क्रमिक अनशन भी किया गया। इसी आंदोलन के दौरान उन्होंने विरोध स्वरूप मुंडन कराया था। अब उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए 15 अगस्त से देहरादून विधानसभा से गैरसैंण तक पैदल यात्रा शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल राजधानी के सवाल तक सीमित नहीं है, बल्कि पहाड़ के समग्र विकास और उत्तराखंड की जनभावनाओं से जुड़ा आंदोलन है। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में पदयात्रा से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने से पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिल सकती है।

श्रीनगर से डुंगरीपंथ की ओर रवाना हुई पदयात्रा में विनोद रतूड़ी के साथ उनकी टोली के सदस्य भी शामिल रहे। यात्रा के दौरान स्थायी राजधानी गैरसैंण के समर्थन में लोगों से संवाद करते हुए आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने की अपील की जा रही है।
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भाजपा पार्षद बोले कांग्रेस करती है जातिगत राजनीति, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर साधा निशाना
शराबियों के अड्डे पर महापौर आरती भंडारी का छापा, पुलिस गश्त और CCTV से अब लगेगी लगाम

स्थानीय लोगों की शिकायत पर वार्ड 23 की ठेके वाली गली पहुंचीं महापौर आरती भंडारी, सफाई व्यवस्था सुधारने के भी दिए निर्देश

श्रीनगर। नगर निगम श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी ने शुक्रवार को वार्ड संख्या 23 में टीजीएमओयू अड्डे के पीछे स्थित गली का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। लंबे समय से गली में असामाजिक तत्वों के शराब पीकर बैठने और स्थानीय लोगों से अभद्र व्यवहार की शिकायत मिलने पर महापौर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

स्थानीय निवासियों ने महापौर को बताया कि गली में दिन के समय भी कुछ लोग शराब पीकर बैठ जाते हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ ही असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। लोगों ने असामाजिक तत्वों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत भी की।

महापौर आरती भंडारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके से ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीनगर को फोन कर गली में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उक्त गली में नगर निगम की ओर से तत्काल CCTV कैमरा लगाए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

निरीक्षण के दौरान गली में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। जगह-जगह कूड़ा एकत्र होने और कुछ लोगों द्वारा कूड़ा लाकर गली में छोड़ने की शिकायत पर महापौर ने निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को तत्काल उचित कार्रवाई करने तथा क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

महापौर आरती भंडारी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में किसी भी स्थान को असामाजिक गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है।

स्थानीय लोगों ने भी महापौर की ओर से मौके पर पहुंचकर समस्या का संज्ञान लेने, पुलिस गश्त की व्यवस्था कराने और CCTV लगाने की पहल का स्वागत किया। इससे क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने और स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दो बार पानी के ऊपर निकले हाथ, फिर आंखों से ओझल हुआ युवक; प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी घटना

श्रीनगर। अलकेश्वर घाट स्थित नैथाना झूला पुल से अलकनंदा नदी में छलांग लगाने वाले युवक की घटना के बीच प्रत्यक्षदर्शी ने घटना का आंखों देखा हाल बताया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, पुल से नदी में छलांग लगाने के बाद युवक दो बार पानी के ऊपर दिखाई दिया और उसने हाथ भी बाहर निकाले, लेकिन कुछ ही क्षण बाद वह तेज बहाव के बीच आंखों से ओझल हो गया।

पुलिस को सूचना देने वाले ने बताया कि वह अपनी बहन के साथ स्कूटी से चौरास की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसकी बहन की नजर पुल पर खड़े एक युवक पर पड़ी, जो नदी में कूदने का प्रयास कर रहा था। दोनों ने युवक को आवाज लगाकर ऐसा करने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और अलकनंदा नदी में छलांग लगा दी।

नदी में गिरने के बाद युवक कुछ समय तक पानी के ऊपर दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक उसने दो बार अपने हाथ पानी के ऊपर निकाले, जिससे उसके जिंदा होने का पता चला। हालांकि देखते ही देखते नदी के तेज बहाव में वह फिर डूब गया और इसके बाद नजर नहीं आया।

घटना की सूचना तत्काल पुलिस को 112 के माध्यम से दी गई। सूचना मिलते ही श्रीनगर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश में नदी में सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस के अनुसार अभी तक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण सर्च अभियान में टीम को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। युवक की तलाश लगातार जारी है।
उम्र 82, सोच नई: कलम सिंह ने देहदान का लिया संकल्प

बोले - मृत्यु के बाद भी मेरा शरीर किसी के काम आए, इससे बड़ी संतुष्टि नहीं

श्रीनगर। उम्र 82 वर्ष, लेकिन सोच आज भी समाजसेवा की नई राह दिखाने वाली। टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के कुलेड़ी थाती डागर निवासी 82 वर्षीय कलम सिंह रावत पुत्र स्व. जोत सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में देहदान का संकल्प लेकर समाज के सामने मानव सेवा की प्रेरणादायी मिसाल पेश की है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचकर उन्होंने देहदान से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। एनाटॉमी विभाग की ओर से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें देहदान का परिचय पत्र भी सौंपा गया।

कलम सिंह रावत के इस निर्णय की मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सराहना की। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने उनका स्वागत करते हुए देहदान के संकल्प के लिए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि देहदान वास्तव में महादान है और इससे समाज के अन्य लोगों को भी मानव सेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।

प्राचार्य ने कहा कि देहदान के माध्यम से एमबीबीएस और पैरामेडिकल के विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का वैज्ञानिक अध्ययन करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। वहीं, नियमानुसार अंगदान की संभावना होने पर जरूरतमंद लोगों को भी इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि देहदान अथवा अंगदान का संकल्प लेना समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का परिचायक है।

मृत्यु के बाद भी शरीर किसी के काम आए

देहदान का पंजीकरण कराने पहुंचे कलम सिंह रावत ने बताया कि उनके मन में काफी समय से यह विचार था कि मृत्यु के बाद भी उनका शरीर किसी के काम आ सके। इसी भावना को लेकर उन्होंने पंडित सत्यानंद डंगवाल से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में देहदान करने का निर्णय लिया। परिवार के सभी सदस्यों की सहमति लेने के बाद बुधवार को उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पंजीकरण कराया।

कलम सिंह रावत ने कहा कि यदि मृत्यु के बाद उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के अध्ययन में काम आ सके और उनके अंग नियमानुसार जरूरतमंदों के उपयोग में आ सकें तो इससे बड़ी संतुष्टि उनके लिए कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि जीवन के बाद भी उनका शरीर मानव सेवा के काम आए।

देहदान की प्रक्रिया बेहद सरल : डॉ. द्विवेदी

एनाटॉमी विभाग के एचओडी डॉ. अनिल द्विवेदी ने कलम सिंह रावत के देहदान के संकल्प के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि देहदान की प्रक्रिया बेहद सरल है।
ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बागवान (देवप्रयाग) के पास पहाड़ी से आया मलबा, पत्थर
महापौर आरती भंडारी के नेतृत्व में 10 पार्षद भाजपा में शामिल

कांग्रेस के दो पार्षदों ने भी थामा भाजपा का दामन, श्रीनगर की सियासत में बड़ा बदलाव

श्रीनगर। श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी और वरिष्ठ समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी के नेतृत्व में नगर निगम के 10 पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में सभी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में विजय चमोली सोनू, मीना भारती, भावना चौहान, अंजनी भंडारी, आशीष नेगी, अनुराग चौहान, राजकुमार, नरेंद्र सिंह रावत, धर्म सिंह रावत और प्रवेश चमोली शामिल हैं। इनमें अनुराग चौहान और राजकुमार कांग्रेस के पार्षद रहे हैं। दोनों के भाजपा में शामिल होने को श्रीनगर की स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

महापौर आरती भंडारी इससे पूर्व जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख खिर्सू की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। वहीं वरिष्ठ समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी भी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों लंबे समय से क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों और जनसरोकारों से जुड़े रहे हैं।

विकास और जनसेवा को मिलेगी नई मजबूती : आरती भंडारी

महापौर आरती भंडारी ने कहा कि भाजपा में शामिल होना उनके लिए विचारधारा और विकास के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सहयोग से श्रीनगर नगर निगम के विकास कार्यों को लगातार गति मिली है।

उन्होंने कहा, “भाजपा की विचारधारा मेरे लिए नई नहीं है। मैं पहले भी भाजपा परिवार का हिस्सा रही हूं। आज अपने साथियों के साथ पार्टी में शामिल होकर मुझे बेहद खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। हमारा उद्देश्य श्रीनगर के विकास और जनता की सेवा करना है। आने वाले समय में सरकार और संगठन के सहयोग से श्रीनगर को और बेहतर एवं विकसित नगर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।”

संगठन के साथ मिलकर जनता की सेवा करेंगे : लखपत सिंह भंडारी

वरिष्ठ समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि भाजपा में शामिल होने का उद्देश्य क्षेत्र के विकास और जनसेवा को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा, विकास की सोच और जनसेवा के संकल्प से हम लंबे समय से जुड़े रहे हैं। आज पार्षद साथियों के साथ भाजपा में शामिल होकर हम और अधिक मजबूती से जनता के बीच काम करेंगे।
बारिश का कहर: मलबे में दबकर दो साल के मासूम की मौ'त, दो अब भी लापता

मेहर गांव में मकान पर मलबा गिरने से हादसा, लगातार बारिश के बीच SDRF-पुलिस का रेस्क्यू अभियान जारी; बैर गांव में किचन की छत गिरने से महिला घायल

पौड़ी। पहाड़ में लगातार हो रही बारिश मंगलवार को सतपुली तहसील क्षेत्र के मेहर गांव में एक परिवार पर कहर बनकर टूटी। सुबह अचानक मकान के ऊपर भारी मलबा आ गिरा, जिससे पूरा मकान मलबे की चपेट में आ गया। हादसे के वक्त घर में मौजूद तीन लोग मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान दो वर्षीय मासूम रुद्राक्ष पुत्र नवीन सिंह का शव बरामद कर लिया गया, जबकि 46 वर्षीय धीरेंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह और 70 वर्षीय मथुरा देवी पत्नी प्रताप सिंह अभी लापता हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। लगातार बारिश, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खिसकते मलबे के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद एसडीआरएफ और पुलिस के जवान लगातार मलबा हटाकर दोनों लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

मासूम रुद्राक्ष का शव मिलने की सूचना से पूरे गांव में मातम पसर गया। हादसे के बाद ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करते रहे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बैर गांव में किचन की छत गिरी, महिला घायल

लगातार बारिश का असर सतपुली तहसील के बैर गांव में भी देखने को मिला। मंगलवार सुबह करीब 60 वर्षीय सुशीला देवी पत्नी कोमल सिंह किचन में खाना बना रही थीं। इसी दौरान अचानक किचन की छत भरभराकर गिर गई और वह मलबे की चपेट में आ गईं।

हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और महिला को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए हंस फाउंडेशन अस्पताल, सतपुली ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

एक ही दिन में हुई इन घटनाओं ने लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते भूस्खलन और भवनों पर मंडरा रहे खतरे की गंभीर तस्वीर सामने ला दी है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय राहत टीमें लगातार स्थिति पर नजर रखते हुए बचाव एवं राहत कार्य में जुटी हैं।
अंधेरी रात में SDRF का साहसिक रेस्क्यू, स्वारना नदी में फंसे UPES के छह छात्र सुरक्षित बचाए

भारी बारिश के बीच SDRF ने छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर छात्रों तक पहुंचाया रेस्क्यू ऑपरेशन

देहरादून। भारी बारिश के बीच स्वारना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से जंगल में फंसे UPES विश्वविद्यालय के छह छात्रों को SDRF की टीम ने साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सकुशल बाहर निकाल लिया। दुर्गम क्षेत्र में करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग के बाद टीम छात्रों तक पहुंची और सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर जिला पुलिस के सुपुर्द किया।

जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त को UPES के छह छात्र देहरादून के थान गांव स्थित मिसरास पट्टी क्षेत्र में स्वारना नदी के आसपास ट्रैकिंग के लिए गए थे। वापसी के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके चलते छात्र जंगल क्षेत्र में फंस गए।

छात्रों के फंसे होने की सूचना मिलते ही SDRF डाकपत्थर की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां और बढ़ा हुआ जलस्तर रेस्क्यू टीम के लिए चुनौती बना हुआ था। इसके बावजूद SDRF जवानों ने करीब छह किलोमीटर पैदल दुर्गम ट्रैक पार कर छात्रों तक पहुंच बनाई।

टीम ने सभी छह छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद सभी छात्रों को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सभी छात्रों की स्थिति सामान्य बताई गई है।

SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में नदी-नालों और जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और छात्रों को मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही ट्रैकिंग या अन्य गतिविधियों के लिए निकलना चाहिए। विशेष रूप से बारिश के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
अब पंच केदारों में से पंचम केदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी भूस्खलन। 
चमोली । उर्गम घाटी में स्थित पांच केदारों में से एक सिद्धपीठ पंचम केदार भगवान कल्पेश्वर महादेव मंदिर परिसर आपदा की चपेट में आ गया है। मंदिर समिति के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के बाद यहां मंदिर के पीछे की ओर से भारी भूस्खलन हुआ है जिससे मंदिर परिसर में भारी मलबा जमा हो गया है। जिससे मंदिर प्रागण में भी खतरा बना हुआ है।
नाग पंचमी स्पेशल, 108 कमल के फूलों से हुआ नागेश्वर महादेव जी का दिव्य श्रृंगार, हर हर महादेव
चौरास टीचर्स कॉलोनी में गुलदार की दस्तक, गाय को बनाया शिकार

चौरास पार्क के समीप हुई घटना, लोगों ने बनाया वीडियो; क्षेत्र में दहशत

श्रीनगर। चौरास क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता से लोगों में दहशत का माहौल है। सोमवार शाम चौरास स्थित टीचर्स कॉलोनी में चौरास पार्क के समीप गुलदार ने एक गाय को अपना शिकार बना लिया। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि गुलदार ने कॉलोनी के समीप गाय पर हमला किया और उसे मार डाला। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने गुलदार की गतिविधियों का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

चौरास क्षेत्र में आबादी के नजदीक गुलदार की लगातार मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि गुलदार के आबादी क्षेत्र में पहुंचने से खासकर शाम और रात के समय घरों से बाहर निकलने में डर लग रहा है।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा गुलदार की सक्रियता पर नजर रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो गुलदार के आबादी क्षेत्र में आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

घटना के बाद से चौरास टीचर्स कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। स्थानीय लोग अब वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।