मुरैना नगर निगम परिषद की बैठक छह महीने बाद बुलाई गई, लेकिन विकास के मुद्दों पर चर्चा होने से पहले ही बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। अभियाचित सम्मेलन के प्रस्ताव में भाजपा पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भाजपा पार्षदों ने हस्ताक्षर फर्जी होने का आरोप लगाया, तो नेता प्रतिपक्ष ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हस्ताक्षर फर्जी हैं तो एफआईआर करा दीजिए। और मुरैना नगर निगम परिषद की बैठक में भाजपा मुर्दाबाद , महापौर मुर्दाबाद के नारे लगाए गए हंगामे के बीच सभापति ने बैठक 11 अगस्त तक स्थगित कर दी।