*खनियांधाना में 40 सालों से "खान चाचा" का परिवार बना रहा दशहरे का रावण*
खनियांधाना। नगर में दशहरे की सबसे अनोखी मिसाल कायम है। पिछले 40 सालों से यहां दशहरे के रावण का पुतला "मिस्टर खान चाचा" का परिवार बना रहा है।
खान परिवार का कहना है - "न हिंदू बनूंगा, न मुसलमान बनूंगा, इंसान हूं इंसानियत का पैगाम दूंगा।" यही सोच लेकर उनके पिता ने यह परंपरा शुरू की थी, जिसे आज दूसरी-तीसरी पीढ़ी निभा रही है।
आज सोमवार शाम करीब 4 बजे तक रावण का पुतला अंतिम चरण में था। खान चाचा के परिवार के लोग बांस, कागज और रंगों से 30 से 50 फीट ऊंचा रावण तैयार करते हैं। नगर के लोग भी उनके इस जज्बे को सलाम करते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि खान चाचा का यह काम हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की सच्ची मिसाल है। विजयादशमी पर जब यही रावण जलता है, तो पूरा कस्बा इंसानियत का पैगाम देता है।