Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
मौत
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
मध्यप्रदेश
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
Crimenews
Karnataka
Aap

जींद- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी हरियाणा के राज्यपाल महामहिम प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव साथ में रहे मौजूद

Ambala, Ambala | Jul 17, 2026

MORE NEWS

भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र,और बहन सुभद्रा,की भव्य रथ यात्रा, 16 जुलाई 2026 से ओडिशा के पुरी मे निकाली जा रही है।
ओडिशा के पुरी में हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को, निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य रथ उत्सव है। इसमें भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा लकड़ी के विशाल रथों पर सवार होकर, अपनी मौसी के घर 'गुंडिचा मंदिर  जाते है।
यात्रा में सबसे आगे बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ, बीच में बहन सुभद्रा का दर्पदलन (पद्मध्वज) रथ, और अंत में भगवान जगन्नाथ का विशाल नंदीघोष रथ चलता है।
   तीनों भाई-बहन गुंडिचा मंदिर में सात दिनों तक विश्राम करते हैं। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल दशमी को वे अपने मुख्य मंदिर लौट आते हैं, जिसे बहुदा यात्रा कहा जाता है। 
मान्यता है कि जो भी भक्त पूरी के 'बड़ा दांडा' (सड़क) पर रथ खींचने में शामिल होता है, उसे सौ यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र,और बहन सुभद्रा,की भव्य रथ यात्रा, 16 जुलाई 2026 से ओडिशा के पुरी मे निकाली जा रही है। ओडिशा के पुरी में हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को, निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य रथ उत्सव है। इसमें भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा लकड़ी के विशाल रथों पर सवार होकर, अपनी मौसी के घर 'गुंडिचा मंदिर जाते है। यात्रा में सबसे आगे बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ, बीच में बहन सुभद्रा का दर्पदलन (पद्मध्वज) रथ, और अंत में भगवान जगन्नाथ का विशाल नंदीघोष रथ चलता है। तीनों भाई-बहन गुंडिचा मंदिर में सात दिनों तक विश्राम करते हैं। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल दशमी को वे अपने मुख्य मंदिर लौट आते हैं, जिसे बहुदा यात्रा कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त पूरी के 'बड़ा दांडा' (सड़क) पर रथ खींचने में शामिल होता है, उसे सौ यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

Ambala, Ambala | Jul 16, 2026