भव्य कलश यात्रा संपन्न, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने रचा नया इतिहास।
श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
शेखपुरा के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल खांड पर पहाड़ स्थित श्री श्री 108 श्री रामाधुनी महायज्ञ समिति के तत्वावधान में आयोजित मनोकामना कलश यात्रा मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस भव्य कलश यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा के दौरान भगवान श्रीराम के जयघोष, भजन-कीर्तन, गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कलश व्रतियों एवं श्रद्धालुओं ने "जय श्री राम" के उद्घोष के साथ नाचते-गाते, झूमते हुए पूरे मार्ग को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था तनिक भी कम नहीं हुई। सभी श्रद्धालु पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल रहे और महायज्ञ की गरिमा को और भी भव्य बना दिया।
इस सफल आयोजन के लिए समिति ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर परिषद शेखपुरा तथा सभी संबंधित विभागों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग एवं सुरक्षा व्यवस्था के कारण यह विशाल धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समिति के अध्यक्ष रमेश महतो (लड्डू जी) ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं, दानदाताओं एवं समिति के प्रत्येक सदस्य का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे समाज की एकजुटता और प्रभु श्रीराम की असीम कृपा का परिणाम है।
पूरे आयोजन के दौरान समिति के सभी सदस्य व्यवस्था संभालने में निरंतर सक्रिय रहे। श्रद्धालुओं के स्वागत, सुरक्षा, जलपान, मार्गदर्शन एवं अन्य व्यवस्थाओं का जिम्मा समिति ने पूरी तत्परता से निभाया, जिससे यात्रा अत्यंत व्यवस्थित और सफल रही।
समिति ने जानकारी दी कि दिनांक 05 अगस्त 2026 (बुधवार) प्रातः 10:00 बजे वैदिक विधि-विधान से अग्निमंथन के साथ 48 घंटे के अखंड श्री रामधुनी महायज्ञ का शुभारंभ होगा। सभी श्रद्धालुओं से इस पावन अनुष्ठान में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है।
इसके साथ ही समिति ने विशेष रूप से बताया कि दिनांक 06 अगस्त 2026 (गुरुवार) संध्या 7:00 बजे शिव शक्ति संतोषी माता मंदिर प्रांगण में वाराणसी के विद्वान आचार्यों द्वारा भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा। यह महाआरती इस वर्ष के महायज्ञ का प्रमुख आकर्षण होगी।
समिति ने शेखपुरा एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित इस दिव्य आयोजन में अवश्य पधारें, महाआरती का पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा तन, मन और धन से सहयोग कर इस धार्मिक महोत्सव को और अधिक भव्य एवं सफल बनाएं।