पन्ना की रूंझ और मझगांय बांध परियोजना में विस्थापित आदिवासियों के मुआवजे और पुनर्वास में धांधली को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड 14 के पार्षद एवं कांग्रेस जिला महामंत्री वैभव थापक ने प्रेसवार्ता कर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 तीखे सवाल दागे हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। हाल ही में रिश्वत लेते पकड़े गए पटवारी के लोकायुक्त ट्रैप के बाद प्रशासनिक भ्रष्टाचार खुलकर उजागर हुआ है। वही धरातल पर विस्थापन की मार झेल रहे मृतिका रमिया आदिवासी के नाती दासी लाल ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उनका 7.50 लाख रुपये का पुनर्वास पैकेज और मकान का मुआवजा अटका हुआ है। वहीं रमिया के बड़े बेटे का भी 75 लाख रुपये का जायज हक फाइलों में दबा है, जिससे परिवार बेघर होने की कगार पर है।
बीओ :-1 पार्षद थापक ने प्रभावित परिवारों की ग्रामवार सूची सार्वजनिक करने, रिकॉर्ड का स्वतंत्र ऑडिट कराने और बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द पारदर्शी न्याय और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा
Panna, Panna | Sep 18, 2026