आज सवाल सिर्फ हिंदू या मुस्लिम पत्रकार का नहीं है...
सवाल हर उस पत्रकार का है, जो सच दिखाने और जनता की आवाज उठाने की कोशिश करता है।
आज अगर कोई पत्रकार सवाल पूछता है, किसी मुद्दे को उठाता है या सत्ता और व्यवस्था से जवाब मांगता है, तो उसे टारगेट करने की कोशिश की जाती है।
कभी उसके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज करने का आरोप सामने आता है, तो कभी उसे कानूनी मामलों में उलझाकर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
यही वजह है कि अब सिर्फ एक पत्रकार के लिए आवाज उठाना काफी नहीं है।
डिजिटल मीडिया हो, प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया—हर पत्रकार को एकजुट होना होगा।
क्योंकि अगर आज किसी एक की आवाज दबाई गई और बाकी लोग चुप रहे, तो कल यही स्थिति किसी और पत्रकार के साथ भी हो सकती है।
पत्रकारिता का काम सवाल पूछना है... और सवाल पूछने की आजादी को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इसलिए अब समय आ गया है कि सभी पत्रकार एक मंच पर आएं और सच की आवाज को मजबूत करें।
क्योंकि आज अगर हम च