चित्रकूट: आश्वासन मिलने के बाद पंकज प्रजापति का हुआ अंतिम संस्कार, तीन दिन बाद खत्म हुआ गतिरोध, मौके पर पहुंचे समाजसेवियों से पुलिस की हुई नोकझोंक, वहीं कानून व्यवस्था पर उठे सवाल धमकियां भी मिली मुकदमा लिख देने की, पीड़ित की मदद करना आवाज उठाना क्या गलत है, कैमरा बंद करने की भी धमकी
रिपोर्ट: दिनेश सिंह कुशवाहा
चित्रकूट जिले के राजापुर थाना क्षेत्र के मुहरवां गांव में पंकज प्रजापति की निर्मम हत्या के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा। 4 जुलाई 2026 से मृतक के परिजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखकर जनरेटर के माध्यम से संरक्षित किए हुए थे और अंतिम संस्कार करने से इंकार कर रहे थे।
परिजनों की प्रमुख मांगों में 25 लाख रुपये का मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, परिवार की सुरक्षा व्यवस्था तथा लाइसेंसी शस्त्र सहित अन्य मांगें शामिल थीं।
आज, 7 जुलाई 2026 को लगभग दोपहर 2:00 बजे, प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया और पंकज प्रजापति का अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
मौके पर पुलिस अधीक्षक चित्रकूट, जिलाधिकारी चित्रकूट, अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन द्वारा परिजनों को उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।