पहाड़ों के बीच बसे सूपढाका मेंचौपाल नहीं लगी थी, बल्कि भरोसे का एक नया रिश्ता बना था।
जब कलेक्टर ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठीं, उनकी बातें सुनीं, बच्चों के सपनों को जाना, महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और जल संरक्षण के लिए स्वयं श्रमदान किया, तब प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी और कम होती नजर आई।
छोटी आँखों में बड़े सपने, जल संरक्षण का संकल्प और विकास की नई उम्मीदों के साथ सूपढाका का यह दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
#JanChaupal #Balrampur #PahadiKorwa #JalSanrakshan #goodgovernance
69 views | Balrampur, Chhattisgarh | Jul 29, 2026