कल नेपाली फार्म तिराहे पर टेंपो यूनियन के चालकों की झड़प। छिद्रवाला के ऑटो चालक के द्वारा नेपाली फार्म के ऑटो चालक पर आरोप, जबरन सवारी उतरवाई, हाथापाई की गई, मारपीट की गई और गाली गलौच भी की गई।
वहीं दूसरी तरफ नेपाली फार्म के ऑटो चालक ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, नं ही कोई विवाद हुआ, पूरी तरह से झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
बात यही पर ही खत्म नहीं होती, छिद्रवाला यूनियन वालों का आरोप यह भी है कि हमें नेपाली फार्म से सवारी बैठने पर भी नेपाली फार्म के टेंपो वालों को आपति है। जबकि 100 मीटर के दायरे के बाहर ही हमारे द्वारा सवारी बैठाई जाती है, पर उनको उसमें भी दिक्कत है , नेपाली फार्म में टेंपो वालों ने अपना तिराहे से लेकर के उगते होटल तक लगभग 500 मीटर पर कब्जा किया हुआ है। और पूरी तरह से उनकी अपनी मनमानी चल रही है।
वहीं दूसरी तरफ नेपाली फार्म टेंपो यूनियन वाले बोलते है कि हमें नेशनल हाईवे की तरफ से लिखित में अनुमति मिली हुई है की आप हाईवे पर केवल 5 टेंपो से ज्यादा खड़े नहीं कर सकते। और जो भी आरोप छिद्रवाला यूनियन के द्वारा लगाए गए हैं वह सारे के सारे झूठे और बेबुनियाद हैं।
अब कौन सही कौन गलत इसका फैसला पुलिस करेगी।
फिलहाल छिद्रवाल ऑटो चालक जो कि पीड़ित है , नवीन नौटियाल उसके द्वारा रायवाला पुलिस में रमेश पोखरियाल , ऑटो चालक,नेपाली फार्म, जिस पर हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है, के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है।
फिलहाल पुलिस अपने तरीके से इस मामले की जांच कर रही है।
अब सवाल यह भी उठता है कि आखिर इस तरह की स्थिति क्यों पैदा होती है, बता दें कि पिछले कई वर्षों से हम भी नेपाली फार्म की स्थिति देख रहे है, उस क्षेत्र में जो हद से ज्यादा ऑटो, ई रिक्शा की भरमार है। सवाल यह नहीं कि इतने ज्यादा ऑटो क्यों है, सवाल यह है कि आखिर व्यवस्था क्या है। कोई व्यवस्था नहीं है कहीं पर भी उनके खड़े होने की कोई निश्चित जगह नहीं है।
नेशनल हाईवे में अगर इस तरह से हाल रहेगा तो यक़ीनन जाम की स्थिति पैदा होगी और यह समस्या कही न कही दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है, क्योंकि नेपाली फार्म तिराहा अब लोगों का और यात्रियों का हब बन चुका है।
अब प्रशासन पर निर्भर करता है कि वह इस समस्या का समाधान कैसे करे।
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