#BreakingNews .नेहा झा, चार बहनों में सबसे छोटी, 25 साल की नेहा दरभंगा में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यानि M.R.का काम कर रही थी।
वैसे तो उसकी तीसरी बहन अंजू झा भी दरभंगा के ही एक डायग्नोस्टिक सेंटर में काम करती है।
नेहा के पिता संजय झा पहले खेती का काम किया करते थे, फिर शायद किसी ने सलाह मशवरा दिया होगा कि खेती से ज्यादा पैसे तो शराब की तस्करी में है।
बस संजय झा खेती- बाड़ी छोड़ तस्करी के धंधे में लग गए, शायद कमाई अच्छी खासी हो रही थी सो ज्यादा कमाने के चक्कर में अपनी बड़ी बेटी निशु को भी इस नेक काम में शामिल कर लिया।
बस पैसे ही पैसे आ रहे थे घर में।
फिर जब दोनों बाप - बेटी की तस्करी वाली बात उत्पाद विभाग के टीम को मालूम हुई, बस रंगेहाथ उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अब संजय झा ने जेल जाने के बाद ये काम अपनी छोटी बेटी नेहा के कंधे पर दे दी।
नेहा ने अपने साथ शराब तस्करी में अपने जीजा को भी शामिल कर लिया।
पिछले दिनों समस्तीपुर स्टेशन पर आरपीएफ और सीआईबी ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास का कूपे खुलवाया।
(उन्हें वाराणसी स्टेशन से एक गुप्त सूचना मिली थी। )
ये गुप्त सूचना सही निकली उस कूपे में नेहा और उसका जीजा था, और साथ में दो भारी - भरकम ट्रॉली जिसमें लगभग 75 लीटर विदेशी शराब भरी पड़ी थी।
परतों का खुलना शुरू हुआ तो मालूम चला जिस एसी फर्स्ट क्लास के मजे वो ले रहे थे उनके पास तो उसके टिकट भी नहीं थे।
नेहा कह रही थी कि ये शराब उसके इसी जीजा ने हरियाणा से खरीदा था, और वो इन शराबों को बिहार में होने वाली शादियों में सप्लाई करने वाली थी।
वैसे उड़ती हुई खबर ये भी है कि , नेहा M. R. के काम की आड़ में बड़े डाक्टर और रसूख वाले को शराब पहुंचाती थी।
नेहा बड़े ही आत्मविशवास से पुलिस वालों के सवालों के जवाब दे रही थी, जिसे सुनकर और देखकर सारे पुलिस वाले हैरान थे।
नेहा और उसके जीजा दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
संजय झा की लालच ने पूरे परिवार को तहस- नहस कर दिया।
चार बेटियों में से सिर्फ एक सुकून में
2 बेटों में से छोटा बेटा गाँव के ही स्कूल में दसवीं में पढ़ता है, और बड़ा बेटा मेडिकल की परीक्षा में असफल होने पर नशा करने लगा और वो अभी नशा मुक्ति केंद्र में है।
जिस बाप को अपने बच्चों को सही राह दिखाने का काम करना था, उसने ही गलत राह पर अपने बच्चों को चलने को कह दिया।
ये गलत तरीके से पैसे कमाने और अमीर बनने की जिद ने पूरे परिवार को ही तितर- बितर कर दिया।