धारूहेड़ा की साहबी नदी में प्रदूषण का मामला पहुंचा केंद्र तक
बोर्ड ने मानी जलभराव और अपशिष्ट जल की समस्या
रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार
धारूहेड़ा स्थित साबी नदी के जलग्रहण क्षेत्र को प्रदूषण से बचाने के लिए गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रकाश यादव द्वारा शुरू की गई मुहिम अब बड़े परिणाम देती दिखाई दे रही है। भिवाड़ी और खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले प्रदूषित पानी के साबी नदी क्षेत्र तक पहुंचने के मुद्दे को लेकर प्रकाश यादव ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों को लगातार पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के बाद राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा कराई गई जांच में जलभराव और प्रदूषण की समस्या को गंभीर माना गया है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित शनि मंदिर और आसपास के इलाके में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बोर्ड ने माना है कि भिवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों से निकलने वाला भारी मात्रा में घरेलू सीवेज इस क्षेत्र में पहुंच रहा है, जिससे खाली भूखंडों और निचले इलाकों में गंदा पानी जमा हो रहा है। रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि कुछ औद्योगिक इकाइयां इस जलभराव की स्थिति का फायदा उठाकर अवसर मिलने पर अपना अपशिष्ट जल भी यहां छोड़ देती हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भिवाड़ी क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन की क्षमता कम पड़ने के कारण बड़ी मात्रा में अनुपचारित पानी प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाला गंदा पानी भी समस्या को बढ़ा रहा है। लंबे समय से स्थानीय लोग आरोप लगाते रहे हैं कि यह पानी आगे चलकर सहाबी नदी के कैचमेंट क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लिए गए पानी के नमूनों की जांच में भी प्रदूषण के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार पानी में जैविक एवं रासायनिक प्रदूषण से जुड़े कई मानक सामान्य सीमा से अधिक पाए गए। हालांकि बोर्ड ने पानी की प्रकृति को मुख्य रूप से घरेलू सीवेज बताया है, लेकिन उद्योगों द्वारा अपशिष्ट जल छोड़े जाने की संभावना को भी स्वीकार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर पर समाधान की दिशा में पहल शुरू की गई है। रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र से जल निकासी के लिए लगभग छह किलोमीटर लंबे ड्रेन के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा भिवाड़ी में 34 एमएलडी क्षमता का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू किया गया है। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने हेतु भूमि भी चिन्हित की गई है।
प्रकाश यादव ने कहा कि साबी नदी क्षेत्र को बचाने और लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने मांग की कि जलभराव का फायदा उठाकर अपशिष्ट जल छोड़ने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान सार्वजनिक कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह रिपोर्ट वर्षों से उठाए जा रहे पर्यावरणीय मुद्दों की पुष्टि करती है। अब लोगों को उम्मीद है कि सरकार और संबंधित विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर धरातल पर स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे।
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Rewari, Rewari | Jun 23, 2026