त्यौंथर: भ्रष्टाचार और धमकियों से तंग आकर RTI कार्यकर्ता ने मांगी इच्छामृत्यु, कलेक्टर को लिखा पत्र
7 दिन में न्याय नहीं मिला तो त्याग दूंगा प्राण", ग्राम पंचायत घूमा में प्रशासनिक संरक्षण और माफियाराज का आरोप
त्यौंथर/रीवा : समीपवर्ती ग्राम पंचायत घूमा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना एक सूचना के अधिकार (RTI) कार्यकर्ता के लिए जान का जंजाल बन गया है। भ्रष्टाचार को उजागर करने पर मिल रही लगातार धमकियों और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर पीड़ित ने कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उन्हें न्याय नहीं मिला और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे अपने प्राण त्यागने पर मजबूर होंगे।
विधायक के नाम पर धमकी और माफियाराज का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि ग्राम पंचायत घूमा की सरपंच आशा मिश्रा के पति और वर्तमान शराब ठेकेदार भूपेंद्र मिश्रा, अपने भाइयों के साथ मिलकर इलाके में खौफ का माहौल बना रहे हैं। पीड़ित के मुताबिक, इन रसूखदारों पर कथित तौर पर ब्लैक सीमेंट कारोबार, शराब माफिया और जमीन संबंधी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोप है कि पंचायत के सचिव अनुराग शर्मा और भूपेंद्र मिश्रा, स्थानीय त्यौंथर विधायक से अपने घनिष्ठ संबंधों का हवाला देकर पीड़ित पर RTI मामले में आगे न बढ़ने का लगातार दबाव बना रहे
मुझे गाड़ी से कुचलवाने, गोली मरवाने और घर में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) रखवाकर झूठे केस में फंसाने की लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मेरा और मेरे परिवार का जीना मुहाल हो गया है
प्रशासनिक अमला मौन, केवल कागजी कार्रवाई
इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) त्यौंथर को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन वहां से केवल आश्वासन ही मिला। प्रशासन द्वारा अब तक कथित तौर पर 10 बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि प्रशासनिक अमला रसूखदारों के दबाव में चुप्पी साधे बैठा है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र और संविधान का मखौल है।
कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
निराश होकर पीड़ित ने अंततः जिले के मुखिया (कलेक्टर) का दरवाजा खटखटाया है। सौंपे गए पत्र में पीड़ित ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि कलेक्टर महोदय स्वयं एक बार ग्राम घूमा का दौरा करें, ताकि पूरी जनता की समस्याओं और इस कथित भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी का सच सामने आ सके। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 दिन की समय सीमा के भीतर उन्हें उचित न्याय नहीं मिला, तो उनके पास प्राण त्यागने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
इस संवेदनशील मामले के बाद अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पर क्या त्वरित एक्शन लेता है और पीड़ित को माफियाओं के डर से कब तक मुक्ति मिलती है।
Huzur Nagar, Rewa | Jun 17, 2026