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#dduikey देश के अहम् मुद्दों पर युवाओं की वैचारिक सहभागिता जरूरी-केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री उइके

Harda, Harda | Dec 15, 2025

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रेलवन से अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3 प्रतिशत की छूट
 
अनारक्षित टिकट, आरक्षण, शिकायत, ट्रेन ट्रैकिंग, फुड आर्डर सहित सभी सेवाएँ अब एक ही ऐप पर उपलब्ध

अनोखा तीर, भोपाल। यात्रियों की सुविधा, डिजिटल सेवाओं के एकीकरण तथा रेल यात्रा को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा “रेलवन ऐप” को एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप रेल यात्रा से जुड़ी लगभग सभी आवश्यक सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। वर्तमान में रेलवन पर अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3 प्रतिशत का छूट 14 जुलाई ,2026 तक प्रयोगिक तौर पर दिया जा रहा है। 

“रेलवन ऐप” के माध्यम से यात्रियों को आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग, प्लेटफॉर्म टिकट, लाइव ट्रेन स्थिति, आरक्षण विवरण, टिकट निरस्तीकरण एवं धनवापसी, रेल मदद सेवाएँ, शिकायत दर्ज करने एवं निवारण, तथा ट्रेन में भोजन बुकिंग जैसी सुविधाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

ऐप की एक प्रमुख विशेषता सिंगल साइन-ऑन सुविधा है, जिसके अंतर्गत यात्री पूर्व में प्रयुक्त रेलकनेक्ट अथवा यूटीएस ऑन मोबाइल की उपयोक्ता आईडी से ही लॉगिन कर सकते हैं। इसके साथ ही रेलवे ई-वॉलेट की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से अनारक्षित टिकट लेने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता है।

सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते “रेलवन ऐप” को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें, “रेलकनेक्ट अथवा यूटीएस ऑन मोबाइल” से “रेलवन ऐप” पर स्थानांतरण सुनिश्चित करें तथा एकीकृत डिजिटल सेवाओं के माध्यम से अपनी रेल यात्रा को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाएं।

रेलवन से अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3 प्रतिशत की छूट अनारक्षित टिकट, आरक्षण, शिकायत, ट्रेन ट्रैकिंग, फुड आर्डर सहित सभी सेवाएँ अब एक ही ऐप पर उपलब्ध अनोखा तीर, भोपाल। यात्रियों की सुविधा, डिजिटल सेवाओं के एकीकरण तथा रेल यात्रा को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा “रेलवन ऐप” को एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यह ऐप रेल यात्रा से जुड़ी लगभग सभी आवश्यक सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। वर्तमान में रेलवन पर अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3 प्रतिशत का छूट 14 जुलाई ,2026 तक प्रयोगिक तौर पर दिया जा रहा है। “रेलवन ऐप” के माध्यम से यात्रियों को आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट बुकिंग, प्लेटफॉर्म टिकट, लाइव ट्रेन स्थिति, आरक्षण विवरण, टिकट निरस्तीकरण एवं धनवापसी, रेल मदद सेवाएँ, शिकायत दर्ज करने एवं निवारण, तथा ट्रेन में भोजन बुकिंग जैसी सुविधाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐप की एक प्रमुख विशेषता सिंगल साइन-ऑन सुविधा है, जिसके अंतर्गत यात्री पूर्व में प्रयुक्त रेलकनेक्ट अथवा यूटीएस ऑन मोबाइल की उपयोक्ता आईडी से ही लॉगिन कर सकते हैं। इसके साथ ही रेलवे ई-वॉलेट की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से अनारक्षित टिकट लेने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते “रेलवन ऐप” को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें, “रेलकनेक्ट अथवा यूटीएस ऑन मोबाइल” से “रेलवन ऐप” पर स्थानांतरण सुनिश्चित करें तथा एकीकृत डिजिटल सेवाओं के माध्यम से अपनी रेल यात्रा को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाएं।

Harda, Harda | Jun 18, 2026

विकास और संस्कृति का संतुलन ही सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता की मार्गदर्शक

सेवा और अध्यात्म का संगम से ही समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल में "आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज के सशक्तिकरण"कार्यक्रम को किया संबोधित

अनोखा तीर, बैतूल- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि समाज का सशक्तिकरण केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए। वास्तविक सशक्तिकरण तब होता है जब व्यक्ति में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान, जागरूकता और दायित्वबोध का विकास हो। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने वाला समाज है और उसकी यही विशेषता उसे विशिष्ट बनाती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को अपनी आंतरिक शक्ति का अनुभव कराती है तथा सकारात्मक सोच को जीवन के उच्च आदर्शों से जोड़ती है। विकास और संस्कृति का संतुलन ही किसी भी सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बैतूल में आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन को संबोधित कर रही थी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है जब देश का कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से पीछे न रह जाए। हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत सुरक्षित और अक्षुण्ण रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को भ्रमित करने के प्रयास भी समय-समय पर किए जाते हैं, ऐसे में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित इस प्रकार के सम्मेलन जनजातीय समाज के आध्यात्मिक उत्थान, सामाजिक जागरूकता और समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मध्यप्रदेश शासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनजातीय कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में इस बीमारी की संभावना अधिक पाई जाती है और इसके उन्मूलन के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से जनजातीय समाज का स्वास्थ्य स्तर और बेहतर होगा।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश का बैतूल जिला अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक चेतना के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। यहां के जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है। सामूहिकता, सहयोग, सरलता, ईमानदारी और आध्यात्मिकता जैसे उच्च जीवन मूल्यों का जीवंत स्वरूप बैतूल की जनजातीय संस्कृति में दिखाई देता है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लक्ष्य पर केंद्रित इस महासम्मेलन में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन केवल बैतूल या मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महासम्मेलन में तैयार होने वाली कार्ययोजनाएं जनजातीय समाज को राष्ट्र की प्रगति का सशक्त भागीदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान ने मातृशक्ति को केंद्र में रखकर अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। संस्थान की आंतरिक शुचिता, मानवीय गरिमा, सेवा भावना तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में आंतरिक शुचिता और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर समाज में समतापरक आचरण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की भावना विकसित होती है। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव, संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तब ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय की जीवनशैली स्वाभाविक रूप से आध्यात्मिक मूल्यों और प्रकृति के निकट रही है। जनजातीय समाज, जिसे आदिवासी समाज भी कहा जाता है, सृष्टि के आरंभ से ही धरती के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीता आया है। यह समाज सुख, शांति, आनंद और प्रेम के साथ जीवन जीना जानता है तथा हिंसा से दूर रहता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति ही नहीं, बल्कि पंचतत्वों—धरती, आकाश, वायु, जल, सूर्य और चंद्रमा—को पूजनीय मानता है। इनके लिए किसी विशेष मंदिर या पूजा स्थल की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि पूरी प्रकृति ही उनके लिए आराधना का केंद्र है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि धरती, जल और वायु के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जनजातीय समाज प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसका संरक्षण करता है। वे धरती को क्षति नहीं पहुंचाते, जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करते और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग भी आवश्यकता के अनुसार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज किसी भी संसाधन के उपयोग से पहले प्रकृति को नमन करता है। यही कारण है कि उनकी जीवनशैली पर्यावरण संरक्षण का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करती है। आज जब पेड़-पौधों, नदियों और समुद्रों के संरक्षण की आवश्यकता पूरी दुनिया महसूस कर रही है, तब जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता के लिए मार्गदर्शक बन सकती है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु द्वारा कलश एवं ध्वज को ब्रह्माकुमारी बहनों को प्रदान कर अध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन का शुभारंभ किया। महासम्मेलन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल मंगुभाई पटेल सहित अन्य अतिथियों का राजयोगिनी मंजू दीदी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने महासम्मेलन परिसर में बैतूल जिले की सांस्कृतिक झलक और विकास योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन क्या। उन्होंने जनजातीय समाज द्वारा प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और विदेशी कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग भूमि की उर्वरता को नष्ट कर रहा है तथा इसके कारण अनेक प्रकार की बीमारियां भी बढ़ रही हैं। प्राकृतिक खेती भारत की मूल परंपरा रही है और आज देश पुनः उसी दिशा में लौट रहा है। प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह मन, शरीर और आध्यात्मिक चेतना को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान लंबे समय से जनजातीय समाज के साथ मिलकर प्राकृतिक जीवनशैली और प्रकृति संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहा है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि तेजी से बदलते वर्तमान दौर में जनजातीय युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे विकास की नई संभावनाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उनकी सांस्कृतिक पहचान, परंपराएं और आध्यात्मिक विरासत सुरक्षित बनी रहे। विकास और संस्कृति का संतुलन ही किसी भी सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है। शाश्वत विकास वही है जो हमारी जड़ों को मजबूत बनाते हुए भविष्य की संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करे।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान पिछले कई दशकों से बैतूल और आसपास के क्षेत्रों में आध्यात्मिक जागरण, नैतिक मूल्यों के प्रसार, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। ध्यान और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से संस्थान ने हजारों लोगों के जीवन में शांति, संतुलन और नई आशा का संचार किया है। जनजातीय समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में संस्थान की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जब सेवा और अध्यात्म का संगम होता है, तब समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। यह महासम्मेलन उसी संगम का सशक्त उदाहरण है और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए अधिक प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना और मानव कल्याण ही समावेशी एवं विकसित भारत की आधारशिला बनेंगे।

 

आध्यात्मिक जागृति जनजातीय समाज के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक मूल्यों के माध्यम से समाज को उन्नत, संस्कारित एवं सम्मानपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए संस्था के सभी भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि उनका प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था से वर्ष 1995 से आत्मीय जुड़ाव रहा है। नवसारी में उनके निवास के सामने स्थित ब्रह्माकुमारी केंद्र से लेकर माउंट आबू, गांधीनगर सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में उन्हें सहभागी बनने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा आध्यात्मिक जागरण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है।

राज्यपाल श्री पटेल ने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कहा कि प्रतिदिन कुछ समय ध्यान एवं मेडिटेशन के लिए निकालने से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतुलन प्राप्त होता है। ऐसे आध्यात्मिक अभ्यास व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और सद्भाव का संचार करते हैं तथा समाज को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

 

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का जीवन संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण: केंद्रीय मंत्री श्री उइके

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से जनजातीय गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, संविधान की महानता और सामाजिक समरसता की जीवंत मिसाल हैं। केंद्रीय मंत्री श्री उइके ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का जीवन संघर्ष, समर्पण, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपनी कर्मठता, धैर्य और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के बल पर न केवल सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित किया है, अपितु देश की प्रत्येक बेटी, जनजातीय समाज और आम नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के बैतूल आगमन से जिले का प्रत्येक जनजातीय परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनका नेतृत्व सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति सभी को प्रेरित करता है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर अनहद संगीत महाविद्यालय बैतूल की 7 सदस्यीय कलाकारों द्वारा आकर्षक और मनमोहक स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, ब्रह्मकुमारी संस्थान से राजयोगिनी शैलजा दीदी, राजयोगिनी मंजू दीदी, राजयोगी डॉ बीके नथमल जी उपस्थित रहें।

विकास और संस्कृति का संतुलन ही सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता की मार्गदर्शक सेवा और अध्यात्म का संगम से ही समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बैतूल में "आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज के सशक्तिकरण"कार्यक्रम को किया संबोधित अनोखा तीर, बैतूल- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि समाज का सशक्तिकरण केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए। वास्तविक सशक्तिकरण तब होता है जब व्यक्ति में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान, जागरूकता और दायित्वबोध का विकास हो। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने वाला समाज है और उसकी यही विशेषता उसे विशिष्ट बनाती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को अपनी आंतरिक शक्ति का अनुभव कराती है तथा सकारात्मक सोच को जीवन के उच्च आदर्शों से जोड़ती है। विकास और संस्कृति का संतुलन ही किसी भी सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु बैतूल में आयोजित “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन को संबोधित कर रही थी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है जब देश का कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से पीछे न रह जाए। हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत सुरक्षित और अक्षुण्ण रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को भ्रमित करने के प्रयास भी समय-समय पर किए जाते हैं, ऐसे में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित इस प्रकार के सम्मेलन जनजातीय समाज के आध्यात्मिक उत्थान, सामाजिक जागरूकता और समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मध्यप्रदेश शासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनजातीय कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में इस बीमारी की संभावना अधिक पाई जाती है और इसके उन्मूलन के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से जनजातीय समाज का स्वास्थ्य स्तर और बेहतर होगा। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश का बैतूल जिला अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक चेतना के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। यहां के जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, लोकज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है। सामूहिकता, सहयोग, सरलता, ईमानदारी और आध्यात्मिकता जैसे उच्च जीवन मूल्यों का जीवंत स्वरूप बैतूल की जनजातीय संस्कृति में दिखाई देता है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लक्ष्य पर केंद्रित इस महासम्मेलन में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन केवल बैतूल या मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महासम्मेलन में तैयार होने वाली कार्ययोजनाएं जनजातीय समाज को राष्ट्र की प्रगति का सशक्त भागीदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान ने मातृशक्ति को केंद्र में रखकर अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। संस्थान की आंतरिक शुचिता, मानवीय गरिमा, सेवा भावना तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी दुनिया में आंतरिक शुचिता और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर समाज में समतापरक आचरण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की भावना विकसित होती है। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव, संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है, तब ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जनजातीय समुदाय की जीवनशैली स्वाभाविक रूप से आध्यात्मिक मूल्यों और प्रकृति के निकट रही है। जनजातीय समाज, जिसे आदिवासी समाज भी कहा जाता है, सृष्टि के आरंभ से ही धरती के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीता आया है। यह समाज सुख, शांति, आनंद और प्रेम के साथ जीवन जीना जानता है तथा हिंसा से दूर रहता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति ही नहीं, बल्कि पंचतत्वों—धरती, आकाश, वायु, जल, सूर्य और चंद्रमा—को पूजनीय मानता है। इनके लिए किसी विशेष मंदिर या पूजा स्थल की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि पूरी प्रकृति ही उनके लिए आराधना का केंद्र है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि धरती, जल और वायु के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जनजातीय समाज प्रकृति को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसका संरक्षण करता है। वे धरती को क्षति नहीं पहुंचाते, जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करते और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग भी आवश्यकता के अनुसार करते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज किसी भी संसाधन के उपयोग से पहले प्रकृति को नमन करता है। यही कारण है कि उनकी जीवनशैली पर्यावरण संरक्षण का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करती है। आज जब पेड़-पौधों, नदियों और समुद्रों के संरक्षण की आवश्यकता पूरी दुनिया महसूस कर रही है, तब जनजातीय समाज की जीवन पद्धति मानवता के लिए मार्गदर्शक बन सकती है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु द्वारा कलश एवं ध्वज को ब्रह्माकुमारी बहनों को प्रदान कर अध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन का शुभारंभ किया। महासम्मेलन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल मंगुभाई पटेल सहित अन्य अतिथियों का राजयोगिनी मंजू दीदी द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने महासम्मेलन परिसर में बैतूल जिले की सांस्कृतिक झलक और विकास योजनाओं पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन क्या। उन्होंने जनजातीय समाज द्वारा प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और विदेशी कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग भूमि की उर्वरता को नष्ट कर रहा है तथा इसके कारण अनेक प्रकार की बीमारियां भी बढ़ रही हैं। प्राकृतिक खेती भारत की मूल परंपरा रही है और आज देश पुनः उसी दिशा में लौट रहा है। प्राकृतिक खेती न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह मन, शरीर और आध्यात्मिक चेतना को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान लंबे समय से जनजातीय समाज के साथ मिलकर प्राकृतिक जीवनशैली और प्रकृति संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहा है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि तेजी से बदलते वर्तमान दौर में जनजातीय युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल सशक्तिकरण से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे विकास की नई संभावनाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उनकी सांस्कृतिक पहचान, परंपराएं और आध्यात्मिक विरासत सुरक्षित बनी रहे। विकास और संस्कृति का संतुलन ही किसी भी सशक्त और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है। शाश्वत विकास वही है जो हमारी जड़ों को मजबूत बनाते हुए भविष्य की संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करे। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान पिछले कई दशकों से बैतूल और आसपास के क्षेत्रों में आध्यात्मिक जागरण, नैतिक मूल्यों के प्रसार, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। ध्यान और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से संस्थान ने हजारों लोगों के जीवन में शांति, संतुलन और नई आशा का संचार किया है। जनजातीय समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में संस्थान की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जब सेवा और अध्यात्म का संगम होता है, तब समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। यह महासम्मेलन उसी संगम का सशक्त उदाहरण है और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए अधिक प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना और मानव कल्याण ही समावेशी एवं विकसित भारत की आधारशिला बनेंगे। आध्यात्मिक जागृति जनजातीय समाज के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक मूल्यों के माध्यम से समाज को उन्नत, संस्कारित एवं सम्मानपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए संस्था के सभी भाई-बहनों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि उनका प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था से वर्ष 1995 से आत्मीय जुड़ाव रहा है। नवसारी में उनके निवास के सामने स्थित ब्रह्माकुमारी केंद्र से लेकर माउंट आबू, गांधीनगर सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में उन्हें सहभागी बनने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा आध्यात्मिक जागरण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है। राज्यपाल श्री पटेल ने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कहा कि प्रतिदिन कुछ समय ध्यान एवं मेडिटेशन के लिए निकालने से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतुलन प्राप्त होता है। ऐसे आध्यात्मिक अभ्यास व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और सद्भाव का संचार करते हैं तथा समाज को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का जीवन संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण: केंद्रीय मंत्री श्री उइके केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से जनजातीय गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, संविधान की महानता और सामाजिक समरसता की जीवंत मिसाल हैं। केंद्रीय मंत्री श्री उइके ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का जीवन संघर्ष, समर्पण, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपनी कर्मठता, धैर्य और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के बल पर न केवल सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित किया है, अपितु देश की प्रत्येक बेटी, जनजातीय समाज और आम नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के बैतूल आगमन से जिले का प्रत्येक जनजातीय परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनका नेतृत्व सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति सभी को प्रेरित करता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर अनहद संगीत महाविद्यालय बैतूल की 7 सदस्यीय कलाकारों द्वारा आकर्षक और मनमोहक स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, ब्रह्मकुमारी संस्थान से राजयोगिनी शैलजा दीदी, राजयोगिनी मंजू दीदी, राजयोगी डॉ बीके नथमल जी उपस्थित रहें।

Harda, Harda | Jun 18, 2026

पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा ने किया सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

अनोखा तीर , नर्मदापुरम। जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित राजपूत ढाबा संचालक हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। हत्या के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त देशी पिस्टल, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चरित्र संदेह के कारण आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया था। गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 जून को सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित राजपूत ढाबा के संचालक सचिन पुवैया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और व्यापारियों सहित स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हत्या का प्रकरण दर्ज कर विशेष जांच दल का गठन किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के तकनीकी साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और मुखबिर तंत्र की सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस का संदेह बुधनी निवासी विवेक उर्फ धनीराम गुर्जर पर गया, जिसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी को मृतक सचिन पुवैया के चरित्र को लेकर लंबे समय से संदेह था। इसी संदेह के चलते उसने हत्या की साजिश रची। घटना वाले दिन आरोपी सचिन को किसी काम का बहाना बनाकर अपने साथ मोटरसाइकिल पर ले गया। दोनों रानी पिपरिया नहर पुलिया के पास पहुंचे, जहां आरोपी ने पहले बातचीत की और फिर मौका पाकर देशी पिस्टल से सचिन के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सचिन की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात के दौरान पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। बरामद सामान को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने हत्या में प्रयुक्त हथियार कहां से प्राप्त किया था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक श्री थोटा ने बताया कि पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। उन्होंने मामले के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
इस त्वरित कार्रवाई से जहां मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली की भी क्षेत्र में सराहना हो रही है। आरोपी के विरुद्ध हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा ने किया सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार अनोखा तीर , नर्मदापुरम। जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित राजपूत ढाबा संचालक हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। हत्या के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त देशी पिस्टल, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चरित्र संदेह के कारण आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया था। गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 जून को सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत संचालित राजपूत ढाबा के संचालक सचिन पुवैया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और व्यापारियों सहित स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हत्या का प्रकरण दर्ज कर विशेष जांच दल का गठन किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के तकनीकी साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और मुखबिर तंत्र की सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस का संदेह बुधनी निवासी विवेक उर्फ धनीराम गुर्जर पर गया, जिसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी को मृतक सचिन पुवैया के चरित्र को लेकर लंबे समय से संदेह था। इसी संदेह के चलते उसने हत्या की साजिश रची। घटना वाले दिन आरोपी सचिन को किसी काम का बहाना बनाकर अपने साथ मोटरसाइकिल पर ले गया। दोनों रानी पिपरिया नहर पुलिया के पास पहुंचे, जहां आरोपी ने पहले बातचीत की और फिर मौका पाकर देशी पिस्टल से सचिन के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सचिन की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात के दौरान पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। बरामद सामान को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने हत्या में प्रयुक्त हथियार कहां से प्राप्त किया था और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक श्री थोटा ने बताया कि पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत कर तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। उन्होंने मामले के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इस त्वरित कार्रवाई से जहां मृतक के परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली की भी क्षेत्र में सराहना हो रही है। आरोपी के विरुद्ध हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

Harda, Harda | Jun 18, 2026

हरदा जिले में टेल क्षेत्र के 148 गांवों के किसानों के खेतों में पहुंचेगा सिंचाई के लिए पानी

-पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल ने शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के संबंध में हरदा में अधिकारियों की बैठक लेकर डीपीआर को दिया अंतिम रूप, पूर्व कैबिनेट मंत्री की मांग पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते 18 मार्च को हरदा में की थी शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना की घोषणा

अनोखा तीर, हरदा। प्रदेश में हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचित कराने की दिशा में पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल के प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने हरदा में गत 26 जनवरी को शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से टेल क्षेत्र तक के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की घोषणा की थी। इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल की मांग पर बीते 18 मार्च को हरदा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना की सौगात प्रदान करते हुए इसे स्वीकृति की घोषणा की। इस परियोजना में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने हरदा जिले के उन गांवों को सबसे पहले प्राथमिकता में शामिल किया है। जहां सिंचाई के लिए किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचता है। गुरूवार को हरदा में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने सिंचाई विभाग एवं एनबीडीए के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए 148 गांवों की डीपीआर को अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक में अंतिम रूप दिया। यह डीपीआर अब शासन स्तर पर भेजी जाएगी। जहां से स्वीकृति मिलते ही परियोजना को गति मिलेगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने बताया कि शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से हरदा जिले के 148 गांवों की 1 लाख 62 हजार 251 एकड़ कृषि भूमि सिंचित होगी। जिसमें टेल के उन गांवों के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। जहां नहर होने के बाद भी पानी नहीं पहुंच रहा है। यह वे गांव हैं जो कि शहीद ईलाप सिंह सिंचाई परियोजना एवं गंजाल मोरण्ड सिंचाई परियोजना में नहीं हैं। उन्हें शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि 148 गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से किसानों के खेतों में पानी पहुंचेगा। इस परियोजना का पूरा काम सिंचाई विभाग के माध्यम से होगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने बताया कि शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना की डीपीआर को शासन से शीघ्र ही स्वीकृति दिलाएंगे। ताकि इस परियोजना के माध्यम से टेल क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंचेगा और हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनेगा। बैठक में सिंचाई विभाग से कार्यपालन यंत्री सोनम वाजपेयी, एसडीओ सोनतलाई माचक रोहन विल्यम्स, एसडीओ सामरधा रेवापुर मौसम पोर्ते, एसडीओ टिमरनी विनीत बोरयाले, सब इंजीनियर प्रेमित पाटिल एवं कमलेश काजले भी मौजूद थे।

इन गांवों को मिलेगा लाभ

शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से अबगांवकलां, अबगांवखुर्द, अदलपुर, अदलपुर रैयत, अलायगांव, अमनेर, अमरसमा, बहाला, बाहरगांव, बैडग़ांव, बैड़ी, बालागांव, बाल्याखेड़ी, बम्हनगांव, बरकलां, बरखेड़ी, भादूगांव, बहादुरपुरा, भैरोपुर, भामनेर, भाटपरेटिया, भवरतलाब, भायली, बीचपुरी, बंूदड़ा, चारखेड़ा, चौकी, चुनड़ी, डगावांनीमा, देदलादमानी, देदलामाल, देवतलाब, देवास, धामनिया, धनगांव, धौलपुरखुर्द, दूरानीखेड़ा, दूधकच्छखुर्द, दुमदुम, गाडरापुर, गांग्याखेड़ी, गांगला, घोड़ाकुंड, गोदड़ी, गुराडख़ेड़ा, गुआड़ी, हरदा खुर्द, हेमापुर, जामुन्या, झाड़पा, झुंडगांव, जिजगांवकलां, कड़ौलाउबारी, कनारदा, करताना, कादड़ी, कायागांव, कैलनपुर, खारपा, खेड़ा, खेड़ी खुशाल, खिडक़ी, खोल्याखेड़ी, कोलीपुरा, कोलवा, कोल्याखेड़ी, कुही, कुकरावद, कुंजरगांव, कुसिया, लहतपुर, मजली, मान्याखेड़ी, नहाडिय़ा, नहालखेड़ा, नांदवा, नरसिंहखेड़ी, नयागांव, नीलगढ़, नीमाचाकलां, नीमाचाखुर्द, पड़वान, पलासनेर, पायली, पिडग़ांव, रन्हाईकलां, रूपीपरेटिया, रहटाखुर्द, रिछाडिय़ा, रिजगांव, रूंदलाय, सामरधा, सिरकम्बा, सोलडपुर, सुहागपुर, सुखरास, उड़ा, खेड़ी मेहमुदाबाद, बैरागढ़, खामापड़वा, कमताड़ा, कमताड़ी, पहटगांव, बीड़, धौलपुर, सक्तापुर, नहालीखुर्द, हरदाखास, महलपुरा, जादौपुरा, टेमलाबाड़ी रैयत, टेमलाबाड़ीमाल, कुड़ावा, मुहॉल सर्कुल, मुहॉलकलां, मुहॉलखुर्द, जयमलपुरा, जूनापानी, गोपालपुरा, भवरदीमाल, भवरदीरैयत, भवरदीकलां, मक्तापुर, मोरगढ़ी, छुरीखाल (जामन्या), कुंडिया, सोनपुरा, सारसूद, भवरदामाफी, पहटकलां, पहटकलांखुर्द, जटपुरामाल, लोनी, निमाचा, बाफला, तिमाचा, पाटली, विक्रमपुराखुर्द, भीमपुरा, रहटाकलां, कालकुंड, धूपकरण, पंधानिया, मरदानपुर, बावडिय़ा, बैडिय़ाकलां, बैडिय़ाकलां खुर्द शामिल हैं।

हरदा जिले में टेल क्षेत्र के 148 गांवों के किसानों के खेतों में पहुंचेगा सिंचाई के लिए पानी -पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल ने शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के संबंध में हरदा में अधिकारियों की बैठक लेकर डीपीआर को दिया अंतिम रूप, पूर्व कैबिनेट मंत्री की मांग पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीते 18 मार्च को हरदा में की थी शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना की घोषणा अनोखा तीर, हरदा। प्रदेश में हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचित कराने की दिशा में पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल के प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने हरदा में गत 26 जनवरी को शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से टेल क्षेत्र तक के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की घोषणा की थी। इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल की मांग पर बीते 18 मार्च को हरदा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना की सौगात प्रदान करते हुए इसे स्वीकृति की घोषणा की। इस परियोजना में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने हरदा जिले के उन गांवों को सबसे पहले प्राथमिकता में शामिल किया है। जहां सिंचाई के लिए किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचता है। गुरूवार को हरदा में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने सिंचाई विभाग एवं एनबीडीए के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए 148 गांवों की डीपीआर को अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक में अंतिम रूप दिया। यह डीपीआर अब शासन स्तर पर भेजी जाएगी। जहां से स्वीकृति मिलते ही परियोजना को गति मिलेगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने बताया कि शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से हरदा जिले के 148 गांवों की 1 लाख 62 हजार 251 एकड़ कृषि भूमि सिंचित होगी। जिसमें टेल के उन गांवों के किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। जहां नहर होने के बाद भी पानी नहीं पहुंच रहा है। यह वे गांव हैं जो कि शहीद ईलाप सिंह सिंचाई परियोजना एवं गंजाल मोरण्ड सिंचाई परियोजना में नहीं हैं। उन्हें शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि 148 गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से किसानों के खेतों में पानी पहुंचेगा। इस परियोजना का पूरा काम सिंचाई विभाग के माध्यम से होगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री पटेल ने बताया कि शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना की डीपीआर को शासन से शीघ्र ही स्वीकृति दिलाएंगे। ताकि इस परियोजना के माध्यम से टेल क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंचेगा और हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनेगा। बैठक में सिंचाई विभाग से कार्यपालन यंत्री सोनम वाजपेयी, एसडीओ सोनतलाई माचक रोहन विल्यम्स, एसडीओ सामरधा रेवापुर मौसम पोर्ते, एसडीओ टिमरनी विनीत बोरयाले, सब इंजीनियर प्रेमित पाटिल एवं कमलेश काजले भी मौजूद थे। इन गांवों को मिलेगा लाभ शहीद दीप सिंह चौहान माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना से अबगांवकलां, अबगांवखुर्द, अदलपुर, अदलपुर रैयत, अलायगांव, अमनेर, अमरसमा, बहाला, बाहरगांव, बैडग़ांव, बैड़ी, बालागांव, बाल्याखेड़ी, बम्हनगांव, बरकलां, बरखेड़ी, भादूगांव, बहादुरपुरा, भैरोपुर, भामनेर, भाटपरेटिया, भवरतलाब, भायली, बीचपुरी, बंूदड़ा, चारखेड़ा, चौकी, चुनड़ी, डगावांनीमा, देदलादमानी, देदलामाल, देवतलाब, देवास, धामनिया, धनगांव, धौलपुरखुर्द, दूरानीखेड़ा, दूधकच्छखुर्द, दुमदुम, गाडरापुर, गांग्याखेड़ी, गांगला, घोड़ाकुंड, गोदड़ी, गुराडख़ेड़ा, गुआड़ी, हरदा खुर्द, हेमापुर, जामुन्या, झाड़पा, झुंडगांव, जिजगांवकलां, कड़ौलाउबारी, कनारदा, करताना, कादड़ी, कायागांव, कैलनपुर, खारपा, खेड़ा, खेड़ी खुशाल, खिडक़ी, खोल्याखेड़ी, कोलीपुरा, कोलवा, कोल्याखेड़ी, कुही, कुकरावद, कुंजरगांव, कुसिया, लहतपुर, मजली, मान्याखेड़ी, नहाडिय़ा, नहालखेड़ा, नांदवा, नरसिंहखेड़ी, नयागांव, नीलगढ़, नीमाचाकलां, नीमाचाखुर्द, पड़वान, पलासनेर, पायली, पिडग़ांव, रन्हाईकलां, रूपीपरेटिया, रहटाखुर्द, रिछाडिय़ा, रिजगांव, रूंदलाय, सामरधा, सिरकम्बा, सोलडपुर, सुहागपुर, सुखरास, उड़ा, खेड़ी मेहमुदाबाद, बैरागढ़, खामापड़वा, कमताड़ा, कमताड़ी, पहटगांव, बीड़, धौलपुर, सक्तापुर, नहालीखुर्द, हरदाखास, महलपुरा, जादौपुरा, टेमलाबाड़ी रैयत, टेमलाबाड़ीमाल, कुड़ावा, मुहॉल सर्कुल, मुहॉलकलां, मुहॉलखुर्द, जयमलपुरा, जूनापानी, गोपालपुरा, भवरदीमाल, भवरदीरैयत, भवरदीकलां, मक्तापुर, मोरगढ़ी, छुरीखाल (जामन्या), कुंडिया, सोनपुरा, सारसूद, भवरदामाफी, पहटकलां, पहटकलांखुर्द, जटपुरामाल, लोनी, निमाचा, बाफला, तिमाचा, पाटली, विक्रमपुराखुर्द, भीमपुरा, रहटाकलां, कालकुंड, धूपकरण, पंधानिया, मरदानपुर, बावडिय़ा, बैडिय़ाकलां, बैडिय़ाकलां खुर्द शामिल हैं।

Harda, Harda | Jun 18, 2026

➡️ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत हरदा ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण, जन कल्याण शिविरों की समीक्षा की

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत हरदा श्रीमती अंजली जोसेफ द्वारा आज विकासखण्ड टिमरनी में विशेष अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों का सघन निरीक्षण किया गया।

श्रीमती जोसेफ ने सर्वप्रथम विकासखण्ड टिमरनी में आयोजित जन कल्याण शिविर की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का तत्परता से समाधान करने के निर्देश दिए।

इसके पश्चात सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत छिदगांवमेल पहुंचकर जल संरक्षण के अंतर्गत निर्मित *रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं सोक्ता पीट* का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता देखी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। श्रीमती जोसेफ ने अन्य पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।

➡️ विशेष अभियान 05 से 21 जून 2026 तक

उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार दिनांक 05 जून से 21 जून 2026 तक जिले में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 12.06.2026 से 18.06.2026 के मध्य विकासखण्ड स्तर पर जन कल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। 

➡️ शिविर कार्यक्रम

1. विकासखण्ड हरदा दिनांक 12.06.2026 से 14.06.2026 तक

2. विकासखण्ड खिरकिया दिनांक 15.06.2026 से 17.06.2026 तक  

3. विकासखण्ड टिमरनी नगर परिषद टिमरनी कार्यालय में दिनांक 16.06.2026 से 18.06.2026 तक

इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व, पेंशन, आयुष्मान, राशन कार्ड एवं अन्य विभागीय योजनाओं से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचे और पारदर्शिता के साथ विकास कार्य हों।

Jansampark Madhya Pradesh 
Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh 
#JanKalyanShivir #Harda #हरदा

➡️ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत हरदा ने किया निर्माण कार्यों का निरीक्षण, जन कल्याण शिविरों की समीक्षा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत हरदा श्रीमती अंजली जोसेफ द्वारा आज विकासखण्ड टिमरनी में विशेष अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों का सघन निरीक्षण किया गया। श्रीमती जोसेफ ने सर्वप्रथम विकासखण्ड टिमरनी में आयोजित जन कल्याण शिविर की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का तत्परता से समाधान करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत छिदगांवमेल पहुंचकर जल संरक्षण के अंतर्गत निर्मित *रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं सोक्ता पीट* का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता देखी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं। श्रीमती जोसेफ ने अन्य पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। ➡️ विशेष अभियान 05 से 21 जून 2026 तक उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार दिनांक 05 जून से 21 जून 2026 तक जिले में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 12.06.2026 से 18.06.2026 के मध्य विकासखण्ड स्तर पर जन कल्याण शिविरों का आयोजन किया गया। ➡️ शिविर कार्यक्रम 1. विकासखण्ड हरदा दिनांक 12.06.2026 से 14.06.2026 तक 2. विकासखण्ड खिरकिया दिनांक 15.06.2026 से 17.06.2026 तक 3. विकासखण्ड टिमरनी नगर परिषद टिमरनी कार्यालय में दिनांक 16.06.2026 से 18.06.2026 तक इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की राजस्व, पेंशन, आयुष्मान, राशन कार्ड एवं अन्य विभागीय योजनाओं से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचे और पारदर्शिता के साथ विकास कार्य हों। Jansampark Madhya Pradesh Panchayat, Rural Development and Social Welfare Department of Madhya Pradesh #JanKalyanShivir #Harda #हरदा

Harda, Madhya Pradesh | Jun 18, 2026

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