भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन पर आदर्श स्कूल में STEM प्रतियोगिताओं का आयोजन,हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण-मुक्त, ऊर्जा-कुशल एवं भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम——-सोहन लाल सैनी
भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन देश की वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा हरित विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि——रोबिन कुमार
बबैन/बरगट जट्टान, 17 जुलाई। (संदीप दहिया)भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन के ऐतिहासिक शुभारंभ के उपलक्ष्य में आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरगट जट्टान में विद्यार्थियों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (STEM) के प्रति रुचि, नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से STEM आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन : विकसित भारत @2047 के लिए STEM नवाचार" रहा।
प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा VI से VIII के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर निर्माण तथा कक्षा IX एवं XI के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने हाइड्रोजन ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में STEM की भूमिका पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतिभागियों ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण-मुक्त, ऊर्जा-कुशल एवं भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रोबिन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भा भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन पर आदर्श स्कूल में STEM प्रतियोगिताओं का आयोजन
बरगट जट्टान, 17 जुलाई। भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन के ऐतिहासिक शुभारंभ के उपलक्ष्य में आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बरगट जट्टान में विद्यार्थियों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (STEM) के प्रति रुचि, नवाचार और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से STEM आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन : विकसित भारत @2047 के लिए STEM नवाचार" रहा।
प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा VI से VIII के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर निर्माण तथा कक्षा IX एवं XI के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने हाइड्रोजन ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में STEM की भूमिका पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतिभागियों ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण-मुक्त, ऊर्जा-कुशल एवं भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रोबिन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन देश की वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा हरित विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को अपनाने तथा विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है तथा इससे केवल जलवाष्प निकलती है। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रतीक है।
विद्यालय के प्रबंधक श्री सोहनलाल सैनी ने विद्यार्थियों के उत्साह एवं रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की भावना और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय भविष्य में भी STEM आधारित ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन कर विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करता रहेगा।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन एवं विकसित, आत्मनिर्भर तथा हरित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।भारत की प्रथम हाइड्रोजन ट्रेन देश की वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा हरित विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को अपनाने तथा विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है तथा इससे केवल जलवाष्प निकलती है। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रतीक है।
विद्यालय के प्रबंधक श्री सोहनलाल सैनी ने विद्यार्थियों के उत्साह एवं रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की भावना और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यालय भविष्य में भी STEM आधारित ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन कर विद्यार्थियों को वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करता रहेगा।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन एवं विकसित, आत्मनिर्भर तथा हरित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।