मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के 14 युवक रोजगार की तलाश में कर्नाटक पहुंचे, जहां वे एक दलाल के जाल में फंस गए। दलाल ने गन्ने के खेत में ₹1000 रोजाना मजदूरी और रहने-खाने की सुविधा का वादा किया था, लेकिन मांड्या जिले की फैक्ट्री पहुंचने पर सच्चाई उलट निकली। ठेकेदार ₹50,000 लेकर फरार हो गया और युवकों से दिनभर काम करवाकर सिर्फ ₹400 दिए जाते थे, उसी में उन्हें रहना और खाना भी चलाना पड़ता था।
विरोध करने पर उनके मोबाइल छीन लिए गए और उन्हें बंधक बनाकर मारपीट व प्रताड़ना झेलनी पड़ी। 27 जुलाई को एक युवक लालू मिश्रा को किसी तरह फोन मिला, जिससे उसने समाजसेवी विपिन त्रिपाठी को पूरी जानकारी दी।
इसके बाद पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना जी सक्रिय हुए, उन्होंने कर्नाटक पुलिस और स्थानीय लोगों से संपर्क कर लगातार प्रयास किए। आखिरकार पुलिस की मदद से सभी 14 युवकों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। बाद में उन्हें रेलवे स्टेशन तक सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया और आर्थिक मदद भी दी गई। फिलहाल सभी युवक सुरक्षित अपने घर मऊगंज लौट रहे हैं।