जल जीवन मिशन में आईओटी तकनीक से नल-जल योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी
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कलेक्टर डॉ सोनवणे ने ग्राम बांसपानी में आईओटी आधारित स्मार्ट ऑटोमेशन प्रणाली का किया निरीक्षण, जिले की 831 हस्तांतरित योजनाओं में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने की पहल
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बैतूल, 22 अक्टूबर 2026। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को नियमित एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा नल-जल योजनाओं के संचालन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में बैतूल जिले में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। जिले में पूर्ण होकर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी 831 ग्रामीण नल-जल प्रदाय योजनाओं में जलापूर्ति की सतत निगरानी एवं संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आईओटी आधारित स्मार्ट ऑटोमेशन प्रणाली स्थापित करने की पहल की गई है।
इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने विकासखंड बैतूल के ग्राम बांसपानी पहुंचकर नल-जल प्रदाय योजना में स्थापित आईओटी उपकरण एवं स्मार्ट ऑटोमेशन प्रणाली की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मोटर-पंप के संचालन, विद्युत वोल्टेज एवं करंट, 50 हजार लीटर क्षमता वाली ओवरहेड टंकी के जलस्तर तथा कंट्रोल पैनल की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने प्रणाली के माध्यम से प्राप्त हो रहे तकनीकी आंकड़ों एवं ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था की भी जानकारी ली।
केंद्रीकृत डैशबोर्ड से जिला स्तर पर होगी योजनाओं की निगरानी
नल-जल योजनाओं के संचालन में मोटर-पंप में खराबी, विद्युत वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, जलस्रोत से संबंधित समस्याओं तथा संचालन संबंधी लापरवाही के कारण जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इन चुनौतियों को कम करने और योजनाओं की कार्यशीलता पर लगातार नजर रखने के उद्देश्य से आईओटी आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है।
इस प्रणाली के माध्यम से मोटर-पंप के चालू एवं बंद होने की स्थिति, पंपिंग अवधि, विद्युत वोल्टेज, करंट तथा ओवरहेड टंकी के जलस्तर जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी मानकों की जानकारी सिम आधारित संचार व्यवस्था के जरिए सर्वर तक पहुंचती है। प्राप्त आंकड़ों को केंद्रीकृत वेब डैशबोर्ड से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकृत अधिकारी योजनाओं की स्थिति की ऑनलाइन निगरानी कर सकते हैं।
किसी योजना में मोटर-पंप बंद होने, विद्युत संबंधी असामान्य स्थिति अथवा जलस्तर में अपेक्षित सुधार नहीं होने जैसी परिस्थितियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने में इससे मदद मिलेगी। निर्धारित मानकों के विपरीत वोल्टेज अथवा ड्राई-रन जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर पंप को सुरक्षित करने के लिए ट्रिपिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है। उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार अधिकृत ऑपरेटर एवं अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से मोटर-पंप का संचालन भी कर सकते हैं।
ग्राम बांसपानी के 303 परिवारों को मिल रहा नल-जल योजना का लाभ
ग्राम बांसपानी में निर्मित नल-जल प्रदाय योजना के माध्यम से 303 ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां स्थापित आईओटी उपकरण के माध्यम से मोटर-पंप के संचालन एवं योजना के महत्वपूर्ण तकनीकी मानकों की निगरानी की जा रही है। इस तकनीक का उद्देश्य केवल उपकरणों की ऑनलाइन निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के नियमित संचालन, समय पर तकनीकी हस्तक्षेप, विद्युत एवं पंप संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान और ग्रामीण परिवारों को बाधारहित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
नया गांव, सावंगा और खडला में भी किया निरीक्षण
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत खडला के ग्राम नया गांव में सिरपुर पैटर्न के तहत किए जा रहे कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सावंगा में मक्के की फसल का निरीक्षण किया तथा फसल की स्थिति एवं कृषि गतिविधियों की जानकारी ली।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत बांसपानी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजना का भी निरीक्षण किया तथा योजना के संचालन एवं जलापूर्ति की स्थिति की जानकारी ली।
शेष योजनाओं में चरणबद्ध विस्तार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ सोनवणे ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की शेष हस्तांतरित नल-जल योजनाओं में आईओटी आधारित नियंत्रक स्थापित करने की कार्रवाई चरणबद्ध रूप से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए। साथ ही स्थापित उपकरणों की नियमित कार्यशीलता सुनिश्चित करने, प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने तथा योजनाओं की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्री एस.एस. मरकाम, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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