*बस्ती: CY-VAJRA अभियान के तहत साइबर थाने की बड़ी कामयाबी, PhonePe पर नाम सर्च कर CRIME BRANCH का डर दिखाकर ठगने वाले 2 शातिर गिरफ्तार*
*जनपद बस्ती,उत्तर प्रदेश 08 सितंबर 2026।* पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे *CY-VAJRA अभियान* के तहत थाना साइबर क्राइम बस्ती को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फोन पे पर नाम सर्च कर भोले-भाले लोगों को क्राइम ब्रांच लखनऊ का डर दिखाकर ठगी करने वाले 02 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।पुलिस अधीक्षक के आदेश पर अपर पुलिस अधीक्षक श्यामाकांत के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी साइबर कुलदीप यादव के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना विजय नारायण मिश्रा व उनकी टीम ने यह कार्रवाई की है। इस सराहनीय कार्य के लिए वादी ने साइबर थाना पुलिस की जमकर प्रशंसा की है।
*क्या है पूरा मामला -*
थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0-21/2026 धारा 319(2)/318(4)/308(2)/61(2)/317(2) बीएनएस व 66सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत था। इसी केस में दिनांक 07.09.2026 को समय करीब 16:35 बजे दो अभियुक्तों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
*गिरफ्तार अभियुक्त -*
1. आदित्य गुप्ता पुत्र स्व0 सीताराम गुप्ता निवासी मसकनवा बाजार थाना छपिया जनपद गोंडा, हाल पता - मंगलबाजार मस्जिद के सामने गली दक्षिण दरवाजा थाना पुरानी बस्ती, उम्र 28 वर्ष।
2. अजय सिंह चौहान पुत्र राम सिंह निवासी कंचनपुर थाना गुजैनी कानपुर नगर, मूल पता ग्राम भौसाना थाना चौबेपुर जनपद कानपुर देहात, उम्र 24 वर्ष।
*अपराध का सनसनीखेज तरीका -*
पूछताछ में अभियुक्त आदित्य गुप्ता ने बताया कि वह पिछले दो साल से साइबर ठगी कर रहा है। वह अपने ही भाई रितिक के नाम पर बिना बताए 10-12 बैंक खाते और सिम निकलवाता था। उसकी खुद की आदित्य ट्रेडर्स के नाम से फर्म है, जिसकी आड़ में वह BSNL डिस्ट्रीब्यूटर का काम करता था। वह अपने साथियों को ठगी के लिए सिम और खाता नंबर उपलब्ध कराता था और ठगी के पैसे का 30 प्रतिशत कमीशन लेता था। पैसा कभी ATM से निकालता था तो कभी दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता था। दूसरे अभियुक्त अजय ने बताया कि जौनपुर के प्रांजल यादव से 11,000 रुपये की ठगी के लिए सिम आदित्य ने ही भेजी थी।
*लोगों को ऐसे फंसाते थे शातिर -*
ये शातिर फोन पे या गूगल पे पर कोई भी मोबाइल नंबर डालकर चेक करते थे कि वह नंबर किस नाम से है। फिर सीधे उस व्यक्ति को कॉल कर खुद को *क्राइम ब्रांच लखनऊ का अधिकारी* बताते थे। बोलते थे - "तुम्हारे खिलाफ 42 पन्नों की CDR आई है, तुम अश्लील वीडियो देखते हो, तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज हो रहा है क्योंकि भारत में 2018 से पोर्न देखना मना है।" इतना सुनते ही पीड़ित डर जाता था। फिर ये कहते थे - "अगर कोर्ट से केस खत्म कराना है तो 4 लाख लगेंगे, यहीं थाने से खत्म कराना है तो 15 हजार में हो जाएगा।" डर के मारे पीड़ित उनके बताए UPI / खाते में पैसा भेज देता था। जब इन्हें लगता था कि पीड़ित के पास और पैसा है तो वॉयस चेंजर लगाकर खुद को बड़ा अधिकारी बताकर और पैसे की मांग करते थे और इस तरह पूरा खाता खाली करा लेते थे।
*पुलिस टीम -*
प्रभारी निरीक्षक विजय नारायण मिश्रा, भगवान सिंह, उ0नि0 जावेद खान, हे0का0 अंगद मौर्या, हे0का0 ऋषिवेद तिवारी, हे0का0 पवन यादव, का0 जितेन्द्र यादव, का0 इशांत कुमार, का0 अमित कुमार झा।
*पुलिस अधीक्षक बस्ती की अपील -*
एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने जनता से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं। तुरंत 1930 पर कॉल करें या http://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। FIR के बाद भी आपकी धनराशि वापस कराई जा सकती है। किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक डिटेल या आधार की फोटो कभी भी शेयर न करें। क्राइम ब्रांच या पुलिस कभी भी फोन पर पैसे की मांग नहीं करती।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Sep 9, 2026