करुणामूलक नियुक्तियों में देरी पर सरकार को घेरा, एक महीने में नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग
करुणामूलक संघ बोला— पात्र 1300 मामलों की फाइलें सचिवालय और वित्त विभाग में लंबित, सरकार समयसीमा बताए
शिमला। हिमाचल प्रदेश करुणामूलक संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन करुणामूलक मामलों को स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें एक महीने के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार, मीडिया प्रभारी गगन कुमार और राज्य आईटी सेल प्रभारी गुलशन कुमार ने कहा कि सरकार लगातार नई-नई अधिसूचनाएं जारी कर रही है, लेकिन पात्र आश्रित परिवारों को अभी तक नियुक्तियां नहीं मिल सकी हैं।
संघ का कहना है कि सरकार बनने के बाद करुणामूलक मामलों के समाधान के लिए कई समितियां गठित की गईं, लेकिन अब तक धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिखे हैं। उनका कहना है कि पहले गठित समिति ने करुणामूलक नीति के तहत वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की सिफारिश की थी,।
संघ के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों से पात्र आश्रितों का ब्यौरा मंगवाया गया था। विभागीय समितियों की जांच के बाद करीब 1300 आश्रित सरकार की निर्धारित शर्तों पर पात्र पाए गए, लेकिन उनकी फाइलें अभी भी वित्त विभाग और सचिव स्तर पर लंबित हैं।
करुणामूलक संघ ने सरकार से मांग की है कि इन पात्र मामलों में नियुक्तियां कब तक दी जाएंगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए। साथ ही चतुर्थ श्रेणी की करुणामूलक नीति को भी जल्द सार्वजनिक करने की मांग की गई।
संघ ने हाल ही में जारी उस अधिसूचना का स्वागत किया है, जिसमें अधिक आय के कारण पूर्व में अस्वीकृत करुणामूलक मामलों पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, संगठन का कहना है कि पहले से पात्र घोषित मामलों में नियुक्तियां देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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