आज जिस प्रकार से नरोत्तम मिश्रा की टिकट काटी गई है उसी तरह 1985 के आम विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय पंडित श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी की अर्जुन सिंह ने टिकट कटवा दी थी।
इसके बाद अगले दिन श्रीनिवास तिवारी के घर में करीब 20000 से ज्यादा जनता जनार्दन जुटी तथा उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने को कहा लेकिन श्रीनिवास तिवारी ने अपने समर्थकों से धैर्य रखने को कहा था कि, "कांग्रेस का मतलब अकेले अर्जुन सिंह थोड़ी न हैं और भी बहुत कुछ है,देखते जाइए।
इसके बाद श्रीनिवास तिवारी 1990,1993 और 1998 लगातार चुनाव जीते साथ ही 10 साल लगातार मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहते हुए पूरे देश में एक अलग छाप छोड़ी।
निश्चित ही नरोत्तम मिश्रा के लिए यह संकट की घड़ी है तथा उनके धैर्य की अग्नि परीक्षा है।जरूरी नहीं की एक टिकट कट जाने से किसी का राजनीतिक कैरियर खत्म हो जाता है लेकिन एक गलत निर्णय लेने से व्यक्ति का पूरा राजनीतिक कैरियर चौपट हो सकता है। #pradeshvarta #LatestNews #MadhyaPradesh #datiya