क्या आप जानते हैं, उत्तराखंड की इस बेटी ने तीन-तीन राष्ट्रपतियों के सामने लोकगीत गाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है?
गांव नेग्याणा (जौनपुर) के रामलीला मंच से लेकर देश के सर्वोच्च मंचों तक का प्रेरणादायक सफर... पिछले 30 वर्षों से उत्तराखंड की लोक संस्कृति की अलख जगा रहीं सुप्रसिद्ध लोक गायिका कुसुम नेगी को हाल ही में प्रतिष्ठित 'उफतारा सम्मान' से सम्मानित किया गया।
उनकी उपलब्धियां एक नजर में:🔸 18 ऑडियो कैसेटों में अपनी मधुर आवाज़ दी।🔸 राष्ट्रपति के. आर. नारायणन, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल के समक्ष उत्तराखंड की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया।🔸 भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय की जूनियर फेलोशिप (2017) से सम्मानित।🔸 यूफा अवार्ड (2018) से सम्मानित।🔸 उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद एवं उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला की युवा प्रतिभा पुरस्कार योजना में प्रथम पुरस्कार प्राप्त।🔸 आकाशवाणी की बी-हाई ग्रेड एवं उत्तराखंड संस्कृति विभाग की ए-ग्रेड कलाकार।🔸 भातखंडे संगीत महाविद्यालय, देहरादून से संगीत शिक्षा (गायन एवं लोकनृत्य) प्राप्त।🔸 जौनपुर-जौनसार की लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में तीन दशक से अधिक समय से निरंतर सक्रिय।
रैबार पहाड़ का के विशेष कार्यक्रम में कुसुम नेगी ने अपने संघर्ष, लोक संस्कृति, लोकगीतों और जीवन के अनसुने पहलुओं पर खुलकर बातचीत की।
वीडियो का अंतिम गीत आपको भावुक कर देगा... पूरा वीडियो जरूर देखें और उत्तराखंड की इस गौरवशाली बेटी का उत्साहवर्धन करें।
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