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2024 में सिरसा में उपायुक्त रहे IAS आरके सिंह 504 करोड़ के बैंकिंग घोटाले में गिरफ्तार - पंचकूला नगर निगम के 79.46 करोड़ रुपये फंड गबन मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई चंडीगढ़/सिरसा। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के चर्चित 79.46 करोड़ रुपये के पंचकूला नगर निगम फंड गबन मामले में 2024 में सिरसा में उपायुक्त रहे आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई के अनुसार यह मामला IDFC फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा से जुड़े 504 करोड़ रुपये के बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। गौरतलब है कि आरके सिंह जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक पंचकूला नगर निगम आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके बाद वे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव तथा पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। सरकार ने उन्हें 9 अप्रैल 2026 को निलंबित कर दिया था। सिरसा जिले से भी आरके सिंह का विशेष संबंध रहा है। वे वर्ष 2024 मार्च से नवम्बर 2024 के दौरान सिरसा में उपायुक्त (डीसी) के पद पर तैनात रहे थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी की खबर सिरसा प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हस्ताक्षरित चेक देकर करोड़ों रुपये निकलवाने का आरोप सीबीआई जांच के अनुसार तत्कालीन नगर निगम आयुक्त रहते हुए आरके सिंह ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) बनाने के नाम पर कई हस्ताक्षरित चेक बिचौलियों के माध्यम से बैंक अधिकारियों को सौंपे। आरोप है कि इन चेकों के जरिए नगर निगम के खाते से करोड़ों रुपये निकाल लिए गए, जबकि किसी प्रकार की एफडी अस्तित्व में नहीं थी। जांच एजेंसी का दावा है कि निकाली गई राशि को बैंक अधिकारियों द्वारा संचालित शेल कंपनियों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण में नगर निगम के तत्कालीन वरिष्ठ लेखाकार सुरेंद्र जैन की भी भूमिका सामने आई है, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। चंडीगढ़ और करनाल में छापेमारी गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरके सिंह के चंडीगढ़ और करनाल स्थित आवासों पर तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। सीबीआई के मुताबिक यह घोटाला हरियाणा सरकार के आठ विभागों के खातों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि फर्जी एफडी और डेबिट नोट्स के माध्यम से करोड़ों रुपये निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर किए गए। इस मामले में अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें निजी बैंकों के अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, कंपनियां और निजी व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई पहले ही इसी बैंक शाखा से जुड़े चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) तथा CREST Chandigarh से संबंधित मामलों की भी जांच कर रही है। इन मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरके सिंह की गिरफ्तारी को हरियाणा के हालिया वर्षों के सबसे बड़े प्रशासनिक और वित्तीय घोटालों में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सरकारी धन के दुरुपयोग का दायरा कितना बड़ा था।

Sirsa, Sirsa | Jun 18, 2026

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