जिला में खनन की गतिविधियों सरकार को लगभग 2 करोड़ 55 लाख 25 हजार रुपये का राजस्व हुआ प्राप्त-उपायुक्त प्रीति
यमुनानगर, 17 जुलाई -उपायुक्त प्रीति ने जिला सचिवालय के सभागार में जिले में हो रहे अवैध खनन की रोकथाम के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उपायुक्त ने सभी एसडीएम, खनन अधिकारी, डीडीपीओ,आरटीओ, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन की गतिविधियों पर नजर रखें और निरंतर चेकिंग कर अवैध खनन पर रोक लगाएं। समीक्षा बैठक में जिला खनन अधिकारी लोकेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में खनन गतिविधियों में सरकार को 2 करोड़ 55 लाख 25 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है और अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त 62 वाहनों को सीज किया गया
बैठक में उपायुक्त प्रीति ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अवैध खनन पर रोक लगाएं और प्रशासन के संबंधित विभागों के अधिकारियों का दायित्व है कि वे अवैध खनन रोकने में अपनी ड्यूटी अच्छी तरह से निभाएं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारी यदि आपसी तालमेल से कार्य करें तो अवश्य ही अवैध खनन पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों के चालान कर उन्हें जब्त किया जाए और वाहन मालिकों के खिलाफ भी उचित कार्यवाही अमल में लाई जाए। इसी प्रकार फर्जी ई-रवाना की पूरी जांच की जाए और अवैध खनन में संलिप्त व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर अवश्य दर्ज कर वाहन को जब्त किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में पकड़े गए व्यक्ति व वाहन के सभी दस्तावेज अच्छी तरह चेक कर लें ताकि सही दस्तावेज न होने पर उसके खिलाफ कार्यवाही करने में किसी प्रकार की परेशानी न हों।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए । उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने अपने क्षेत्र में पूर्ण रूप से अवैध खनन पर पाबंदी लगाए और पकड़े गए वाहनों के चालान कर सख्त कार्यवाही अमल में लाए। जिस विभाग के अधिकारी अवैध खनन में लिप्त वाहन को पकड़ते है, उस वाहन के खिलाफ विभाग के नियमों के अनुसार चालान करें। जब भी अवैध खनन में लिप्त वाहन का चालान किया जाए तो उसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को अवश्य दें और उसकी जानकारी उनके कार्यालय में भी भिजवाए। उन्होंने जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी को भी निर्देश दिए कि वे अवैध रूप से पंचायती भूमि पर खनन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा कर कार्यवाही करें और सरपंचों को हिदायत दें कि वे पंचायती भूमि पर किसी प्रकार का अवैध खनन न होने दें।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण अवश्य करते रहें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी संवेदनशील नाकों पर पुलिस फोर्स बढ़ाई जाए। इसके साथ-साथ मोबाइल टीम की गतिविधियों को भी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपसी तालमेल की कमी है उसे दूर कर एक दूसरे अधिकारी को सहयोग करें और बैठक में आने से पूर्व सभी पुलिस अधिकारी अपने अपने क्षेत्र से संबंधित जानकारी के साथ आए ताकि तथ्यों की सही व सटीक जानकारी मिल सकें। संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करें और अपने कार्य में किसी प्रकार की कोताही बरतें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खनन से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सही तथ्यों के आधार पर भेजे।
उन्होंने सिंचाई विभाग को अपने से संबंधित नदी तल क्षेत्रों में नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदूषण व सेल्स टैक्स विभाग को भी बंद पड़े स्टोन क्रैशरों/ स्क्रीन प्लांटों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यदि आपसी तालमेल से कार्य करें तो काफी हद तक अवैध खनन को रोका जा सकता है।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, एसडीएम व्यासपुर डॉ. कुलदीप सिंह, एसडीएम छछरौली जसपाल सिंह गिल, एसडीएम रादौर नरेन्द्र कुमार, डीएसपी रजत गुलिया, जिला खनन अधिकारी लोकेंद्र सिंह, डीडीपीओ नरेन्द्र कुमार, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, संबंधित थानों के प्रभारी, सेल्स टैक्स विभाग, आरटीओ विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।