मथुरा में अक्टूबर बनेगा साइबर जागरूकता माह, पुलिस ने शुरू किया अभियान
डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचाव के लिए मथुरा पुलिस की पहल
Deepfake, फर्जी ऐप और ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत, पुलिस ने किया जागरूक
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाएगा। इसी क्रम में मथुरा पुलिस की ओर से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के साथ-साथ स्कूली-कॉलेज विद्यार्थियों और आम लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश ऐप, ई-चालान और AI से बने Deepfake को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया।
वीओ
मथुरा पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाने के लिए अभियान शुरू किया गया है। अभियान का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों की विवेचना के लिए दक्ष बनाना और आम लोगों को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखना है।
अभियान के पहले चरण में पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों की विवेचना, जटिल मामलों को सुलझाने और साइबर अपराध की नई चुनौतियों से निपटने के तरीकों की जानकारी दी गई।
वहीं दूसरे चरण में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और आम लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। मोबाइल, लैपटॉप और व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने तथा बच्चों को सुरक्षित गेमिंग के प्रति सजग रहने की सलाह दी गई।
लोगों को फर्जी पुलिस या जांच अधिकारी बनकर डराने-धमकाने और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली ठगी से सावधान रहने को कहा गया। इसके साथ ही लुभावने रिटर्न का झांसा देकर फर्जी ऐप के माध्यम से निवेश कराने वाली साइबर ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई।
पुलिस ने ई-चालान, बिजली या गैस कनेक्शन, लोन और इनकम टैक्स के नाम पर भेजी जाने वाली संदिग्ध फाइलों और लिंक को खोलने से बचने की सलाह दी।
वहीं AI के दुरुपयोग से बनाई गई नकली आवाज, तस्वीर और Deepfake वीडियो की पहचान के तरीकों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। संदिग्ध वीडियो की जांच के लिए Deepware जैसी सेवाओं के इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
पुलिस ने अपील की कि किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। साथ ही मोबाइल में संचार साथी ऐप रखने की सलाह दी गई।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे अक्टूबर माह चलने वाले इस अभियान से पुलिसकर्मियों की साइबर अपराध से निपटने की दक्षता बढ़ाने के साथ आम जनता को भी ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक किया जाएगा।