पानी की कमी के कारण इस बार गेहूं के दानों के विकास पर असर पड़ा है, जिसे देखते हुए गुणवत्ता मानकों में ढील दी गई है। सरकार ने कम विकसित दानों की सीमा 6 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दी है। वहीं क्षतिग्रस्त दानों की स्वीकार्य सीमा भी बढ़ाकर 6 फीसदी तक कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को सीधा फायदा मिलेगा जिनकी फसल मौसम और पानी की कमी के कारण