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अमेरिका ट्रेड डील किसान विरोधी, किसान की रोजी रोटी छीनने का डील, देश के नेता प्रतिपक्ष का दावा... #news #BiharNews #Rah...

Musahri, Muzaffarpur | Feb 13, 2026

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कांटी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज मानिकपुर नरोत्तम के मध्य विद्यालय श्रीसियाँ के प्रांगण में जिलाधिकारी द्वारा पौधा रोपण किया गया।

कांटी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज मानिकपुर नरोत्तम के मध्य विद्यालय श्रीसियाँ के प्रांगण में जिलाधिकारी द्वारा पौधा रोपण किया गया।

Musahri, Muzaffarpur | Aug 5, 2026

महान मार्क्सवादी चिंतक कॉमरेड शिवदास घोष की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, समाजवादी क्रांति के लक्ष्य पर आगे बढ़ने का आह्वान
            इस युग के महान मार्क्सवादी दार्शनिक, क्रांतिकारी चिंतक एवं एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के वैचारिक मार्गदर्शक कॉमरेड शिवदास घोष के स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को पार्टी के जिला कार्यालय, मोतीझील, मुजफ्फरपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी ध्वजारोहण तथा कॉमरेड शिवदास घोष के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
            इस अवसर पर राज्य कमिटी सदस्य अर्जुन कुमार ने कहा कि कॉमरेड शिवदास घोष ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से शोषण, अन्याय और पूंजीवादी व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष का वैज्ञानिक एवं क्रांतिकारी मार्ग दिखाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूंजीवादी शोषण से आम जनता की वास्तविक मुक्ति केवल समाजवादी क्रांति के माध्यम से ही संभव है।
             उन्होंने कहा कि जब तक पूंजीवादी व्यवस्था कायम रहेगी, तब तक महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, सांप्रदायिकता, अश्लीलता, महिलाओं पर हिंसा तथा सामाजिक असमानता जैसी समस्याएं समाप्त नहीं होंगी। संसदीय राजनीति इन जटिल समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। इसलिए आज के दिन प्रत्येक कार्यकर्ता को व्यक्तिवाद और स्वार्थ से ऊपर उठकर जनहित के लिए संगठित, अनुशासित एवं निरंतर संघर्ष का संकल्प लेना होगा तथा पूंजीवाद-विरोधी समाजवादी क्रांति के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए स्वयं को समर्पित करना होगा।
             श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत पटना में आयोजित राज्यस्तरीय स्मृति सभा में भाग लेने के लिए मुजफ्फरपुर जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता रवाना हुए।

महान मार्क्सवादी चिंतक कॉमरेड शिवदास घोष की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, समाजवादी क्रांति के लक्ष्य पर आगे बढ़ने का आह्वान इस युग के महान मार्क्सवादी दार्शनिक, क्रांतिकारी चिंतक एवं एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के वैचारिक मार्गदर्शक कॉमरेड शिवदास घोष के स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को पार्टी के जिला कार्यालय, मोतीझील, मुजफ्फरपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी ध्वजारोहण तथा कॉमरेड शिवदास घोष के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर राज्य कमिटी सदस्य अर्जुन कुमार ने कहा कि कॉमरेड शिवदास घोष ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से शोषण, अन्याय और पूंजीवादी व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष का वैज्ञानिक एवं क्रांतिकारी मार्ग दिखाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूंजीवादी शोषण से आम जनता की वास्तविक मुक्ति केवल समाजवादी क्रांति के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक पूंजीवादी व्यवस्था कायम रहेगी, तब तक महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, सांप्रदायिकता, अश्लीलता, महिलाओं पर हिंसा तथा सामाजिक असमानता जैसी समस्याएं समाप्त नहीं होंगी। संसदीय राजनीति इन जटिल समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। इसलिए आज के दिन प्रत्येक कार्यकर्ता को व्यक्तिवाद और स्वार्थ से ऊपर उठकर जनहित के लिए संगठित, अनुशासित एवं निरंतर संघर्ष का संकल्प लेना होगा तथा पूंजीवाद-विरोधी समाजवादी क्रांति के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए स्वयं को समर्पित करना होगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत पटना में आयोजित राज्यस्तरीय स्मृति सभा में भाग लेने के लिए मुजफ्फरपुर जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता रवाना हुए।

Musahri, Muzaffarpur | Aug 5, 2026

तिमुल डेयरी प्लांट का डीएम कुमार गौरव ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व्यवस्था की समीक्षा

जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बुधवार को तिरहुत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (तिमुल), का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डेयरी प्लांट में दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण तथा गुणवत्ता नियंत्रण की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्लांट की कार्यप्रणाली, दूध की गुणवत्ता बनाए रखने की प्रक्रिया और आधुनिक प्रसंस्करण व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दुग्ध उत्पाद पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्लांट की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव भी दिए और अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने को कहा।

निरीक्षण के दौरान तिमुल के अधिकारियों ने डेयरी प्लांट की कार्यप्रणाली, दुग्ध संग्रहण क्षमता, प्रसंस्करण व्यवस्था तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को दी। निरीक्षण के बाद डीएम ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्हें और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।

तिमुल डेयरी प्लांट का डीएम कुमार गौरव ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व्यवस्था की समीक्षा जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बुधवार को तिरहुत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (तिमुल), का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डेयरी प्लांट में दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण तथा गुणवत्ता नियंत्रण की पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्लांट की कार्यप्रणाली, दूध की गुणवत्ता बनाए रखने की प्रक्रिया और आधुनिक प्रसंस्करण व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दुग्ध उत्पाद पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्लांट की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव भी दिए और अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान तिमुल के अधिकारियों ने डेयरी प्लांट की कार्यप्रणाली, दुग्ध संग्रहण क्षमता, प्रसंस्करण व्यवस्था तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली की विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को दी। निरीक्षण के बाद डीएम ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्हें और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।

Musahri, Muzaffarpur | Aug 5, 2026

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की द्वितीय बैठक का आयोजन
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अत्याचार का सम्पूर्ण निवारण एवं पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगेः डीएम ने दिया पदाधिकारियों को निदेश
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मुजफ्फरपुर जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर  कुमार गौरव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियम 1995 के तहत गठित जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। कैलेण्डर वर्ष 2026 की यह द्वितीय बैठक थी। इसमें माननीय विधायिका श्रीमती बेबी कुमारी, श्री कांतेश मिश्रा वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर श्री निशांत सिहारा उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर श्री सुधीर कुमार सिन्हा अपर समाहत्र्ता, विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण), जिला कल्याण पदाधिकारी, अनुमण्डल पदाधिकारी, पूर्वी/पश्चिमी सहित अन्य पदाधिकारी तथा समिति के सदस्य उपस्थित थे। 

जिलाधिकारी ने कहा कि अत्याचार का सम्पूर्ण निवारण एवं पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया। साथ ही उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स को इसके लिए  दृढ़-संकल्पित रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रति अत्याचार के विरूद्ध शून्य सहिष्णुता के सिद्धान्त का अक्षरशः अनुसरण किया जा रहा है। अधिनियम अंतर्गत नियम 15 (1) (घ) के तहत सरकारी उपक्रम में रोजगार के मामलों को सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के आलोक में आवश्यक कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जिले में नौकरी हेतु योग्य अश्रित कुल 05 मामलों में समूह ‘घ’ के रूप में पूर्व में सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम अंतर्गत सभी दर्ज मामलों में प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति, मुआवजा, पेंशन, यात्रा भत्ता आदि का भुगतान किया जा रहा है।

जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि वित्तीय वर्ष 2026 में द्वितीय बैठक तक कुल 243 पीड़ितों के मुआवजा भुगतान हेतु स्वीकृति देते हुए कुल 165 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।  

जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बैठक में जानकारी दी गयी कि कैलेंडर वर्ष 2026 में कुल 72 मामलों में मृतक के आश्रितों को प्रति माह पेंशन भुगतान किया जा रहा है। जुलाई माह तक यह किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निदेश दिया कि पेंशन का भुगतान हमेशा अद्यतन रखें। आवश्यकता के अनुसार उक्त मदों में आवंटन की मांग करते हुए पेंशनरों एवं गंभीर मामलों के पीड़ितों को तत्परता के साथ भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि आरोप पत्र हेतु लंबित मामलों को अविलम्ब एवं विधिवत निष्पादित करें तथा पीड़ितों को मुआवजा भुगतान दें। जघन्य मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाते हुए मामले को निष्पादित करें। 

जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम के तहत लंबित कांडों के निष्पादन हेतु त्वरित अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण करने तथा ससमय राहत अनुदान की राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा सभी कार्रवाई की गयी है। साथ ही उक्त योजना के तहत अन्य सुविधाएं निर्धारित समय में उपलब्ध करायी जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सुसंगत धाराओं के तहत निर्धारित अवधि में अन्वेषण और आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। 
 
आज की इस बैठक में समिति के सदस्य-सचिव-सह-जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा विस्तृत भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियम-1995 के अन्तर्गत आयोजित विगत बैठक के अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। अधिनियम अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस द्वारा प्रतिवेदित एवं निष्पादित कांडों, समर्पित आरोप पत्रों, गिरफ्तारियों एवं मुआवजा भुगतान से संबंधित मामलों के भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन पर विस्तृत चर्चा हुई। 

बैठक में माननीय विधायकों, जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सदस्यों द्वारा अपना-अपना सुझाव दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सुझावों पर नियमानुसार अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियमावली 1995 के नियम 11(1) के तहत गवाहःसाक्षी को माननीय न्यायालय में उपस्थित होने के उपरान्त मुजफ्फरपुर जिला में इस कैलेण्डर वर्ष में कुल 18 व्यक्तियों को यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता का भुगतान किया गया है। मुजफ्फरपुर जिला में इसके नियमित कार्यान्वयन हेतु सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित प्रणाली विकसित की गई है।

जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले मामलों को संवेदनशीलता के साथ ससमय निष्पादित करने का निदेश दिया। साथ ही इस अधिनियम के प्रावधानों का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना प्रशासन को दी जा सकती है। 

जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला कल्याण पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में मुजफ्फरपुर जिला में नियमित तौर पर बैठक हो रही है। अनुमंडलों में भी बैठक हो रहा है। अधिकारीद्वय ने सभी अनुमंडलों में आगे भी नियमित तौर पर समिति की बैठकें आयोजित करते हुए इन बैठकों में सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से भाग लेने का निदेश दिया। 

इस बैठक के बाद समाहरणालय सभाकक्ष में मैनुअल स्कैवेंजर निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत जिला-स्तरीय मैनुअल स्कैवेंजर समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिनियम के प्रभावी एवं सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु सभी स्टेकहोल्डर्स को सजग तथा दृढ़-संकल्पित रहने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की द्वितीय बैठक का आयोजन ------------------------------------ अत्याचार का सम्पूर्ण निवारण एवं पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगेः डीएम ने दिया पदाधिकारियों को निदेश ------------------------------------ मुजफ्फरपुर जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर कुमार गौरव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियम 1995 के तहत गठित जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। कैलेण्डर वर्ष 2026 की यह द्वितीय बैठक थी। इसमें माननीय विधायिका श्रीमती बेबी कुमारी, श्री कांतेश मिश्रा वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर श्री निशांत सिहारा उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर श्री सुधीर कुमार सिन्हा अपर समाहत्र्ता, विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण), जिला कल्याण पदाधिकारी, अनुमण्डल पदाधिकारी, पूर्वी/पश्चिमी सहित अन्य पदाधिकारी तथा समिति के सदस्य उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने कहा कि अत्याचार का सम्पूर्ण निवारण एवं पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया। साथ ही उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स को इसके लिए दृढ़-संकल्पित रहने की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रति अत्याचार के विरूद्ध शून्य सहिष्णुता के सिद्धान्त का अक्षरशः अनुसरण किया जा रहा है। अधिनियम अंतर्गत नियम 15 (1) (घ) के तहत सरकारी उपक्रम में रोजगार के मामलों को सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के आलोक में आवश्यक कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जिले में नौकरी हेतु योग्य अश्रित कुल 05 मामलों में समूह ‘घ’ के रूप में पूर्व में सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम अंतर्गत सभी दर्ज मामलों में प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति, मुआवजा, पेंशन, यात्रा भत्ता आदि का भुगतान किया जा रहा है। जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि वित्तीय वर्ष 2026 में द्वितीय बैठक तक कुल 243 पीड़ितों के मुआवजा भुगतान हेतु स्वीकृति देते हुए कुल 165 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बैठक में जानकारी दी गयी कि कैलेंडर वर्ष 2026 में कुल 72 मामलों में मृतक के आश्रितों को प्रति माह पेंशन भुगतान किया जा रहा है। जुलाई माह तक यह किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निदेश दिया कि पेंशन का भुगतान हमेशा अद्यतन रखें। आवश्यकता के अनुसार उक्त मदों में आवंटन की मांग करते हुए पेंशनरों एवं गंभीर मामलों के पीड़ितों को तत्परता के साथ भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि आरोप पत्र हेतु लंबित मामलों को अविलम्ब एवं विधिवत निष्पादित करें तथा पीड़ितों को मुआवजा भुगतान दें। जघन्य मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाते हुए मामले को निष्पादित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम के तहत लंबित कांडों के निष्पादन हेतु त्वरित अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण करने तथा ससमय राहत अनुदान की राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा सभी कार्रवाई की गयी है। साथ ही उक्त योजना के तहत अन्य सुविधाएं निर्धारित समय में उपलब्ध करायी जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सुसंगत धाराओं के तहत निर्धारित अवधि में अन्वेषण और आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। आज की इस बैठक में समिति के सदस्य-सचिव-सह-जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा विस्तृत भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियम-1995 के अन्तर्गत आयोजित विगत बैठक के अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। अधिनियम अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस द्वारा प्रतिवेदित एवं निष्पादित कांडों, समर्पित आरोप पत्रों, गिरफ्तारियों एवं मुआवजा भुगतान से संबंधित मामलों के भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में माननीय विधायकों, जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सदस्यों द्वारा अपना-अपना सुझाव दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सुझावों पर नियमानुसार अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियमावली 1995 के नियम 11(1) के तहत गवाहःसाक्षी को माननीय न्यायालय में उपस्थित होने के उपरान्त मुजफ्फरपुर जिला में इस कैलेण्डर वर्ष में कुल 18 व्यक्तियों को यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता का भुगतान किया गया है। मुजफ्फरपुर जिला में इसके नियमित कार्यान्वयन हेतु सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित प्रणाली विकसित की गई है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले मामलों को संवेदनशीलता के साथ ससमय निष्पादित करने का निदेश दिया। साथ ही इस अधिनियम के प्रावधानों का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना प्रशासन को दी जा सकती है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला कल्याण पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में मुजफ्फरपुर जिला में नियमित तौर पर बैठक हो रही है। अनुमंडलों में भी बैठक हो रहा है। अधिकारीद्वय ने सभी अनुमंडलों में आगे भी नियमित तौर पर समिति की बैठकें आयोजित करते हुए इन बैठकों में सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से भाग लेने का निदेश दिया। इस बैठक के बाद समाहरणालय सभाकक्ष में मैनुअल स्कैवेंजर निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत जिला-स्तरीय मैनुअल स्कैवेंजर समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिनियम के प्रभावी एवं सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु सभी स्टेकहोल्डर्स को सजग तथा दृढ़-संकल्पित रहने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

Musahri, Muzaffarpur | Aug 5, 2026

जिलाधिकारी ने की श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा, पदाधिकारियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार सुदृढ़ एवं त्रुटिहीन तैयारी सुनिश्चित का दिया निदेश
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मेला का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासनिक सुविधाओं से युक्त एवं पूर्णतः दुर्घटना-मुक्त होना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगीः जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को दिया निदेश
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उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग एवं तत्पर रहेंः जिलाधिकारी 
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मेला का सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताय सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ सभी पदाधिकारी मुस्तैद रहेंः जिलाधिकारी
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टीम भावना एवं अन्तर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जिलाधिकारी ने दिया बल
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जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर  कुमार गौरव ने कहा है कि श्रावणी मेला, 2026 का आयोजन पूर्णतः सुविधापूर्ण एवं इंसिडेंट-फ्री (दुर्घटनामुक्त) होना चाहिए। उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहें। वे आज मेला के आयोजन हेतु समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि मेला का सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। द्वितीय एवं तृतीय सोमवार को कांफी भीड़ रहती है। अतः भीड़ नियंत्रण के मानको का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने कर्तव्य स्थलों पर मुस्तैद रहें एवं सजग तथा सक्रिय होकर कार्य करें। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसका अनुश्रवण करें। प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की स्पाॅट ब्रीफिंग भी करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए हर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध रहनी चाहिए। नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर, ड्रॉप गेट, सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग, बिजली, साफ-सफाई, चिकित्सा शिविर, ट्रैफिक व्यवस्था, एसडीआरएफ, पेयजल,शौचालय सुविधा सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। 

जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि उन्नत एवं सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ सभी पदाधिकारी मुस्तैद रहें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर से सरैयागंज टावर तक विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जन सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। श्रद्धालुओं का मार्ग पूरी तरह अवरोध-मुक्त रहना चाहिए। ट्रैफिक प्लान का अक्षरशः अनुपालन करें। पार्किंग स्थल से इतर गाड़ी नहीं रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं के रास्ते में कोई भी अनधिकृत वेण्डर या दुकान नहीं रहना चाहिए। इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी जिम्मेदारी निर्धारित कर अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।  
  
बैठक में जिलाधिकारी ने बैरिकेडिंग, साफ सफाई की व्यवस्था, सड़क का सुदृढ़ीकरण, ट्रैफिक प्लान, पार्किंग की व्यवस्था, विद्युत एवं प्रकाश की व्यवस्था, ठहराव स्थल की व्यवस्था, पेयजल/शौचालय की व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन, भीड़ प्रबंधन, पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, विधि-व्यवस्था संधारण, साइनेज एवं अन्य बिन्दुओं पर एक-एक कर विस्तृृत समीक्षा की। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों से भी विस्तृत विमर्श किया। 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले पूरे मार्ग एवं स्थलों को अवरोधमुक्त एवं सुविधायुक्त बनाने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सुदृढ़ बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने का निदेश दिया। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को शौचालय, चापाकल एवं यूरिनल की समुचित व्यवस्था रखने का निदेश दिया गया। पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निदेश दिया गया कि प्रेशर प्वांईट एवं क्रिटिकल प्वांईट को चिन्हित कर मानको के अनुसार टैªफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति करेंगे। वाच टावरों पर भी सिपाहियों की प्रतिनियुक्ति करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को सीमावत्र्ती जिलों से भी समन्वय स्थापित रखने का निदेश दिया गया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को टीम भावना से काम करना होगा। राजस्व, भवन निर्माण, नगर निगम, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पीएचईडी, पथ निर्माण, एनएचएआई, पुलिस, प्रशासन, कला एवं संस्कृति, विद्युत, अग्निशमन, बुडको सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता एवं उत्कृष्टतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी भागीदार(स्टेकहोल्डर्स) आपस में समन्वय कर समय से सभी कार्य करें।

जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि श्रद्धालुओं सहित आम लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इसका लगातार पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं के लिए सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध है। शौचालय, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, ठहराव स्थल, पार्किंग की बेहतर सुविधा है। टेंट सिटी का निर्माण किया गया है। सड़क की स्थिति बेहतर है। वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि सफाई की उतम सुविधा है। उत्कृष्ट प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैरिकेडिंग/ड्रॉप गेट की व्यवस्था है।
 

जिलाधिकारी ने कहा कि आईसीसीसी एवं सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है तथा अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर साईनेज लगाया गया है। नगर निकायों एवं विद्युत विभाग द्वारा प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन द्वारा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, पारा मेडिकल स्टाफ तथा चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आपदा प्रबंधन कोषांग द्वारा पाँच स्थानों पर एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गयी है। यातायात पुलिस द्वारा प्रेशर प्वाइंट को चिन्हित कर आवश्यक प्रतिनियुक्ति की की गई है तथा यातायात प्रबंधन से संबंधित सूचना पब्लिक डोमेन में प्रकाशित की जाती है।

जिलाधिकारी ने निदेश देते हुए कहा कि मेला के समय भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात संचालन हेतु मानकों के अनुरूप दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ हर प्रशासनिक व्यवस्था रहनी चाहिए।  

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरा तंत्र सजग एवं सतर्क रहे। आकस्मिक प्लान तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करे।

जिलाधिकारी ने की श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा, पदाधिकारियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार सुदृढ़ एवं त्रुटिहीन तैयारी सुनिश्चित का दिया निदेश ----------------------------------- मेला का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासनिक सुविधाओं से युक्त एवं पूर्णतः दुर्घटना-मुक्त होना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगीः जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को दिया निदेश ------------------------------------ उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग एवं तत्पर रहेंः जिलाधिकारी ------------------------------------ मेला का सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताय सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ सभी पदाधिकारी मुस्तैद रहेंः जिलाधिकारी ------------------------------------ टीम भावना एवं अन्तर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जिलाधिकारी ने दिया बल ------------------------------------ जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर कुमार गौरव ने कहा है कि श्रावणी मेला, 2026 का आयोजन पूर्णतः सुविधापूर्ण एवं इंसिडेंट-फ्री (दुर्घटनामुक्त) होना चाहिए। उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहें। वे आज मेला के आयोजन हेतु समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि मेला का सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। द्वितीय एवं तृतीय सोमवार को कांफी भीड़ रहती है। अतः भीड़ नियंत्रण के मानको का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने कर्तव्य स्थलों पर मुस्तैद रहें एवं सजग तथा सक्रिय होकर कार्य करें। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसका अनुश्रवण करें। प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की स्पाॅट ब्रीफिंग भी करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए हर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध रहनी चाहिए। नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर, ड्रॉप गेट, सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग, बिजली, साफ-सफाई, चिकित्सा शिविर, ट्रैफिक व्यवस्था, एसडीआरएफ, पेयजल,शौचालय सुविधा सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि उन्नत एवं सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ सभी पदाधिकारी मुस्तैद रहें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर से सरैयागंज टावर तक विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जन सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। श्रद्धालुओं का मार्ग पूरी तरह अवरोध-मुक्त रहना चाहिए। ट्रैफिक प्लान का अक्षरशः अनुपालन करें। पार्किंग स्थल से इतर गाड़ी नहीं रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं के रास्ते में कोई भी अनधिकृत वेण्डर या दुकान नहीं रहना चाहिए। इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी जिम्मेदारी निर्धारित कर अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने बैरिकेडिंग, साफ सफाई की व्यवस्था, सड़क का सुदृढ़ीकरण, ट्रैफिक प्लान, पार्किंग की व्यवस्था, विद्युत एवं प्रकाश की व्यवस्था, ठहराव स्थल की व्यवस्था, पेयजल/शौचालय की व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन, भीड़ प्रबंधन, पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, विधि-व्यवस्था संधारण, साइनेज एवं अन्य बिन्दुओं पर एक-एक कर विस्तृृत समीक्षा की। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों से भी विस्तृत विमर्श किया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले पूरे मार्ग एवं स्थलों को अवरोधमुक्त एवं सुविधायुक्त बनाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सुदृढ़ बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने का निदेश दिया। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को शौचालय, चापाकल एवं यूरिनल की समुचित व्यवस्था रखने का निदेश दिया गया। पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निदेश दिया गया कि प्रेशर प्वांईट एवं क्रिटिकल प्वांईट को चिन्हित कर मानको के अनुसार टैªफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति करेंगे। वाच टावरों पर भी सिपाहियों की प्रतिनियुक्ति करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को सीमावत्र्ती जिलों से भी समन्वय स्थापित रखने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को टीम भावना से काम करना होगा। राजस्व, भवन निर्माण, नगर निगम, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पीएचईडी, पथ निर्माण, एनएचएआई, पुलिस, प्रशासन, कला एवं संस्कृति, विद्युत, अग्निशमन, बुडको सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता एवं उत्कृष्टतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी भागीदार(स्टेकहोल्डर्स) आपस में समन्वय कर समय से सभी कार्य करें। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि श्रद्धालुओं सहित आम लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इसका लगातार पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं के लिए सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध है। शौचालय, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, ठहराव स्थल, पार्किंग की बेहतर सुविधा है। टेंट सिटी का निर्माण किया गया है। सड़क की स्थिति बेहतर है। वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि सफाई की उतम सुविधा है। उत्कृष्ट प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैरिकेडिंग/ड्रॉप गेट की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने कहा कि आईसीसीसी एवं सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है तथा अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर साईनेज लगाया गया है। नगर निकायों एवं विद्युत विभाग द्वारा प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन द्वारा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, पारा मेडिकल स्टाफ तथा चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आपदा प्रबंधन कोषांग द्वारा पाँच स्थानों पर एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गयी है। यातायात पुलिस द्वारा प्रेशर प्वाइंट को चिन्हित कर आवश्यक प्रतिनियुक्ति की की गई है तथा यातायात प्रबंधन से संबंधित सूचना पब्लिक डोमेन में प्रकाशित की जाती है। जिलाधिकारी ने निदेश देते हुए कहा कि मेला के समय भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात संचालन हेतु मानकों के अनुरूप दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ हर प्रशासनिक व्यवस्था रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरा तंत्र सजग एवं सतर्क रहे। आकस्मिक प्लान तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करे।

Musahri, Muzaffarpur | Aug 5, 2026

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