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बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र स्थित मिथिलांचल की पावन भूमि नारेपुर झमटिया गंगा घाट पर गंदगी और जलकुंभी के कारण श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में परेशानी हो रही है। घाट पर चारों ओर कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे पवित्र स्थल पर स्नान करना मुश्किल हो गया है। श्रद्धालुओं ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और शिवगंगा समिति से तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित करने की अपील की है। इससे पहले भी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने साफ-सफाई और जलकुंभी हटाने के लिए समिति तथा प्रशासन से अनुरोध किया था, लेकिन इन समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यह गंगा घाट मिथिलांचल का एक प्रमुख आस्था केंद्र है। यहां दरभंगा, समस्तीपुर, रोसड़ा, सिंघिया, दलसिंहसराय सहित बछवाड़ा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। स्नान के बाद वे देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं और गंगाजल लेकर अपने घरों को लौटते हैं। गंगा स्नान करने आए रामबालक राय, संजय पासवान, गुलशन कुमार, विश्वजीत कुमार और विकास कुमार सहित कई श्रद्धालुओं ने बताया कि घाट पर फैली गंदगी और जलकुंभी के कारण स्नान करना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने स्थानीय समिति और प्रशासनिक अधिकारियों से इस धार्मिक स्थल की स्वच्छता सुनिश्चित करने की मांग की। श्रद्धालुओं का कहना है कि गंगा घाट की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखना समिति तथा प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है, लेकिन इस ओर ध्यान न देना उनकी जवाबदेही पर सवाल खड़े करते है।

Bachhwara, Begusarai | Jul 15, 2026

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बेगूसराय जिले में द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर (TBT) के तत्वावधान में रविवार को एक जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह जिला प्रशिक्षण शिक्षण संस्थान (डायट), शाहपुर, बेगूसराय में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री आकाश कुमार (बि.शि.से), राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित श्री संत कुमार साहनी, माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ सुरेश राय और डायट के व्याख्याता श्री अर्जुन पासवान ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक आनंद त्रिवेदी (जिला मीडिया प्रभारी टीबीटी मंच बेगूसराय), डॉ मनोरंजन राय, रानी चौधरी और गौरव पाठक ने किया।
नवाचारी शिक्षा के बारे में संबोधित करते हुए श्री संत कुमार साहनी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि शिक्षा में नवाचार का अर्थ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रुचिकर और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए नई तकनीकों, विधियों और विचारों को अपनाना है। इसका मुख्य उद्देश्य रटने की पुरानी परंपरा को खत्म करके विद्यार्थियों में रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री आकाश कुमार ने द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर बेगूसराय टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से नवाचारी शिक्षकगण जुड़ते हैं, जिससे शिक्षा जगत में नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
शिक्षक आनंद त्रिवेदी ने बताया कि द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर के संरक्षक डॉ कुमार गौरव हैं, जिनके नेतृत्व में "मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा" के माध्यम से बिहार के सभी जिलों में नवाचारी शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है।
इस अवसर पर टीबीटी मंच के जिला अध्यक्ष संतोष मालाकार, शिक्षिका प्रीति कुमारी, कामिनी कुमारी, बिंदु कुमारी, जुली कुमारी एवं शिक्षक गणेश कुमार ठाकुर, शुभम कुमार, अजीत कुमार, संतोष राय, दिवाकर कुमार, बमबम कुमार और शिवम कुमार सहित कई अन्य उपस्थित रहे।

बेगूसराय जिले में द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर (TBT) के तत्वावधान में रविवार को एक जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह जिला प्रशिक्षण शिक्षण संस्थान (डायट), शाहपुर, बेगूसराय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री आकाश कुमार (बि.शि.से), राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित श्री संत कुमार साहनी, माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ सुरेश राय और डायट के व्याख्याता श्री अर्जुन पासवान ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक आनंद त्रिवेदी (जिला मीडिया प्रभारी टीबीटी मंच बेगूसराय), डॉ मनोरंजन राय, रानी चौधरी और गौरव पाठक ने किया। नवाचारी शिक्षा के बारे में संबोधित करते हुए श्री संत कुमार साहनी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए संदेश दिया कि शिक्षा में नवाचार का अर्थ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रुचिकर और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए नई तकनीकों, विधियों और विचारों को अपनाना है। इसका मुख्य उद्देश्य रटने की पुरानी परंपरा को खत्म करके विद्यार्थियों में रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करना है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री आकाश कुमार ने द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर बेगूसराय टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस मंच के माध्यम से नवाचारी शिक्षकगण जुड़ते हैं, जिससे शिक्षा जगत में नवाचार को बढ़ावा मिलता है। शिक्षक आनंद त्रिवेदी ने बताया कि द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर के संरक्षक डॉ कुमार गौरव हैं, जिनके नेतृत्व में "मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा" के माध्यम से बिहार के सभी जिलों में नवाचारी शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है। इस अवसर पर टीबीटी मंच के जिला अध्यक्ष संतोष मालाकार, शिक्षिका प्रीति कुमारी, कामिनी कुमारी, बिंदु कुमारी, जुली कुमारी एवं शिक्षक गणेश कुमार ठाकुर, शुभम कुमार, अजीत कुमार, संतोष राय, दिवाकर कुमार, बमबम कुमार और शिवम कुमार सहित कई अन्य उपस्थित रहे।

Bachhwara, Begusarai | Jul 12, 2026

प्राथमिक विद्यालय झमटिया में जलजमाव की गंभीर समस्या से पढ़ाई में बाधा CMO Bihar Dainik Bhaskar News18 India ABP Live Aaj Tak India Today NDTV India News24

प्राथमिक विद्यालय झमटिया में जलजमाव की गंभीर समस्या से पढ़ाई में बाधा CMO Bihar Dainik Bhaskar News18 India ABP Live Aaj Tak India Today NDTV India News24

Bachhwara, Begusarai | Jul 12, 2026

बछवाड़ा प्रखंड के रानी एक पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय झमटिया में जलजमाव की गंभीर समस्या के कारण छात्र-छात्राओं और शिक्षिकाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।

बारिश के पानी से कक्षाओं में जलजमाव हो जाता है, जिसके कारण शिक्षिकाएं बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 9 झमटिया में बैठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।

स्थानीय वार्ड सदस्य भोला पासवान और अभिभावकों, जिनमें रामसागर कुंवर, राम शंकर कुंवर, कुंदन कुमार और टिंकू कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में विद्यालय परिसर में पानी भर जाने से पढ़ाई में बाधा आती है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार शिक्षा परियोजना के तहत इस विद्यालय के कायाकल्प के लिए 49.10 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। मेसर्स शिवम कंस्ट्रक्शन द्वारा 4 अक्टूबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू होना था, लेकिन छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक काम प्रारंभ नहीं हुआ है।

अभिभावकों ने बताया कि यह विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से बिल्कुल सटा हुआ है और विभागीय अधिकारी महज 200 मीटर की दूरी पर बैठते हैं, फिर भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

विद्यालय में कुल 105 छात्र-छात्राएं और चार शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए आंदोलन करने को विवश होंगे।

इस संबंध में शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार यादव से मोबाइल पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में जलजमाव की समस्या उनके संज्ञान में आई है और इस पर अभिलंब पहल किया जाएगा। साथ ही, विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत योजना के संबंध में वरीय अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी।

बछवाड़ा प्रखंड के रानी एक पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय झमटिया में जलजमाव की गंभीर समस्या के कारण छात्र-छात्राओं और शिक्षिकाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। बारिश के पानी से कक्षाओं में जलजमाव हो जाता है, जिसके कारण शिक्षिकाएं बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 9 झमटिया में बैठाकर पढ़ाने को मजबूर हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय वार्ड सदस्य भोला पासवान और अभिभावकों, जिनमें रामसागर कुंवर, राम शंकर कुंवर, कुंदन कुमार और टिंकू कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में विद्यालय परिसर में पानी भर जाने से पढ़ाई में बाधा आती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार शिक्षा परियोजना के तहत इस विद्यालय के कायाकल्प के लिए 49.10 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। मेसर्स शिवम कंस्ट्रक्शन द्वारा 4 अक्टूबर 2025 से निर्माण कार्य शुरू होना था, लेकिन छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक काम प्रारंभ नहीं हुआ है। अभिभावकों ने बताया कि यह विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से बिल्कुल सटा हुआ है और विभागीय अधिकारी महज 200 मीटर की दूरी पर बैठते हैं, फिर भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। विद्यालय में कुल 105 छात्र-छात्राएं और चार शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए आंदोलन करने को विवश होंगे। इस संबंध में शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार यादव से मोबाइल पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में जलजमाव की समस्या उनके संज्ञान में आई है और इस पर अभिलंब पहल किया जाएगा। साथ ही, विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत योजना के संबंध में वरीय अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी।

Bachhwara, Begusarai | Jul 11, 2026

बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के रानी एक पंचायत स्थित नारेपुर पश्चिम रोड में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। रिमझिम बारिश के दौरान लगभग 100 वर्ष पुराना एक पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर गिर गया। इस घटना में हाई टेंशन 11000 और 440 वोल्ट के बिजली के तार टूट गए और घंटों आवाजाही प्रभावित हुई।

पेड़ गिरने से तीन दुकान - आनंद क्रिएशन कपड़ा, आशा फर्नीचर और आईटी विजन दुकान - का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीर बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।

स्थानीय लोग प्रियतोष कुमार, देवेंद्र प्रसाद राय, संजीत राय, अरविंद कुमार राय, अजय कुमार राय, अविनाश कुमार, आनंद कुमार और कृष्ण कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि सुबह अचानक तारों में स्पार्किंग हुई थी। इसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई, जिसके बाद विभाग के कर्मी मौके पर आए और वीडियो बनाकर चले गए। इसके कुछ देर बाद ही पीपल का पेड़ गिर गया।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि करीब दस दिन पहले इसी सड़क पर एक पीपल के पेड़ की डाली टूटकर ज्ञानी राय के गौशाला पर गिरी थी, जिसमें मवेशी और पशुपालक बाल-बाल बचे थे। इन समस्याओं को लेकर अंचल विभाग, वन विभाग और जिला पार्षद को सूचित किया गया था, लेकिन अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

घटना की जानकारी मिलते ही अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम, पंचायती राज पदाधिकारी विश्वनाथ कुमार, सीआई उमेश प्रसाद और बिजली विभाग के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और यातायात को सुचारु करने तथा बिजली आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए।

अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम ने बताया कि शनिवार सुबह एक पीपल का पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए और यातायात प्रभावित हो गया।

उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। वहीं, मजदूरों ने गिरे हुए पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

अंचलाधिकारी ने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों ने उसी सड़क पर एक और पीपल के पेड़ के गिरने की आशंका जताई है, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में वन विभाग और उप विकास आयुक्त को जानकारी दी गई।

उन्होंने ने कहा कि इन समस्याओं पर तत्काल पहल की जाएगी और संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों को जल्द से जल्द हटाया जाएगा।

बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के रानी एक पंचायत स्थित नारेपुर पश्चिम रोड में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। रिमझिम बारिश के दौरान लगभग 100 वर्ष पुराना एक पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर गिर गया। इस घटना में हाई टेंशन 11000 और 440 वोल्ट के बिजली के तार टूट गए और घंटों आवाजाही प्रभावित हुई। पेड़ गिरने से तीन दुकान - आनंद क्रिएशन कपड़ा, आशा फर्नीचर और आईटी विजन दुकान - का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, इस दौरान सड़क से गुजर रहे राहगीर बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोग प्रियतोष कुमार, देवेंद्र प्रसाद राय, संजीत राय, अरविंद कुमार राय, अजय कुमार राय, अविनाश कुमार, आनंद कुमार और कृष्ण कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि सुबह अचानक तारों में स्पार्किंग हुई थी। इसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई, जिसके बाद विभाग के कर्मी मौके पर आए और वीडियो बनाकर चले गए। इसके कुछ देर बाद ही पीपल का पेड़ गिर गया। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि करीब दस दिन पहले इसी सड़क पर एक पीपल के पेड़ की डाली टूटकर ज्ञानी राय के गौशाला पर गिरी थी, जिसमें मवेशी और पशुपालक बाल-बाल बचे थे। इन समस्याओं को लेकर अंचल विभाग, वन विभाग और जिला पार्षद को सूचित किया गया था, लेकिन अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम, पंचायती राज पदाधिकारी विश्वनाथ कुमार, सीआई उमेश प्रसाद और बिजली विभाग के कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और यातायात को सुचारु करने तथा बिजली आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए। अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम ने बताया कि शनिवार सुबह एक पीपल का पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए और यातायात प्रभावित हो गया। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। वहीं, मजदूरों ने गिरे हुए पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। अंचलाधिकारी ने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों ने उसी सड़क पर एक और पीपल के पेड़ के गिरने की आशंका जताई है, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में वन विभाग और उप विकास आयुक्त को जानकारी दी गई। उन्होंने ने कहा कि इन समस्याओं पर तत्काल पहल की जाएगी और संभावित रूप से खतरनाक पेड़ों को जल्द से जल्द हटाया जाएगा।

Bachhwara, Begusarai | Jul 11, 2026