कन्नौज से चित्तौड़गढ़ पहुंचे एक वरिष्ठजन, अपनी भैंस का पहला दूध लेकर पहुंचे पारंपरिक औषधि बनवाने! बड़े-बुजुर्गों की मान्यता के अनुसार सांस संबंधी परेशानियों के लिए विशेष पारंपरिक औषधि तैयार की जाती है, जिसे स्थानीय भाषा में 'बली' कहा जाता है। आज इस पारंपरिक बली को खाने का अवसर Hello Chittorgarh News के संपादक के परिवार को भी मिला।
यदि आपके घर में भी कोई पालतू पशु (गाय या भैंस) बच्चे को जन्म देता है, तो उसका पहला दूध लेकर नीचे दिए गए संपर्क नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं और इस पारंपरिक औषधि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
📞 संपर्क नंबर: 8949043266________
HELLO CHITTORGARH NEWS शक्ति, भक्ति, त्याग और बलिदान की पावन नगरी चित्तौड़गढ़ से।
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