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गया, बिहार। जिला पदाधिकरी संग वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम का लिया गया जायजा।

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भरत तिवारी मौत मामले में गया में सवर्ण समाज का आक्रोश मार्च, न्याय की मांग को लेकर गया में कैंडल मार्च

गया। भरत तिवारी की मौत के विरोध में गुरुवार को शाम में गया शहर में सवर्ण समाज की ओर से एक आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च आजाद पार्क से शुरू होकर टावर चौक होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और हाथों में कैंडल लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्याय के खिलाफ एकजुट होने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने के समर्थन में नारेबाजी की।

आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं कौशलेंद्र नारायण और गुड्डू बरनवाल ने कहा कि इस देश का व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुका है, सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले को एनकाउंटर किया जा रहा है, जनता का काम नहीं होता था जिसके खिलाफ भारत तिवारी खड़ा रहता था उसको बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इशारे पर उसको इनकाउंटर करके हत्या कराई गई है, इस तरह से भगत सिंह ने बम फेंका था इस तरह से न्याय के लिए भरत तिवारी खड़ा रहता था, उसके खिलाफ थाने में एक भी आपराधिक मामले दर्ज नहीं है क्योंकि वह अपराधी नहीं था बल्कि सिस्टम के खिलाफ तो वह आवाज उठाता था यही कारण रहा कि उसको एनकाउंटर कर दिया गया और उसकी हत्या कर दी गई है, बिहार के गूंगी बहरी सरकार को जागने के लिए भरत तिवारी ने फायरिंग किया था, जब भरत तिवारी ने अपने आप को सरेंडर कर दिया था उसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर कर हत्या कर दी, हम लोग मांग करना चाहते हैं कि जो भी इसमें पुलिसकर्मी शामिल थे उसको केवल सस्पेंड करने से नहीं होगा उनको सजा मिलना चाहिए, उन पर 302 के तहत मुकदमा दर्ज हो। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर भी उन्होंने कहा कि वह सभी धर्म को टारगेट करते हैं,

भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते थे और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज बुलंद करते थे। वक्ताओं का कहना था कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है, इसलिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण किया था तो उसके बाद की परिस्थितियों की भी विस्तार से जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि घटना में यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जानी चाहिए।

कौशलेंद्र नारायण ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों में इस घटना को लेकर नाराजगी और चिंता है। उन्होंने कहा कि लोगों को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और इसी भरोसे के साथ वे सरकार एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। वहीं, गुड्डू बरनवाल ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध की घटनाओं को लेकर आम लोगों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए तथा लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, आक्रोश मार्च का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है।

मार्च में शामिल लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भरत तिवारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
#गयाजी 
#accident 
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#लेटेस्ट 
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District Administration, GAYA 
Jitan Ram Manjhi 
Samrat Choudhary

भरत तिवारी मौत मामले में गया में सवर्ण समाज का आक्रोश मार्च, न्याय की मांग को लेकर गया में कैंडल मार्च गया। भरत तिवारी की मौत के विरोध में गुरुवार को शाम में गया शहर में सवर्ण समाज की ओर से एक आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च आजाद पार्क से शुरू होकर टावर चौक होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा। मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और हाथों में कैंडल लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अन्याय के खिलाफ एकजुट होने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने के समर्थन में नारेबाजी की। आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं कौशलेंद्र नारायण और गुड्डू बरनवाल ने कहा कि इस देश का व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुका है, सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले को एनकाउंटर किया जा रहा है, जनता का काम नहीं होता था जिसके खिलाफ भारत तिवारी खड़ा रहता था उसको बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इशारे पर उसको इनकाउंटर करके हत्या कराई गई है, इस तरह से भगत सिंह ने बम फेंका था इस तरह से न्याय के लिए भरत तिवारी खड़ा रहता था, उसके खिलाफ थाने में एक भी आपराधिक मामले दर्ज नहीं है क्योंकि वह अपराधी नहीं था बल्कि सिस्टम के खिलाफ तो वह आवाज उठाता था यही कारण रहा कि उसको एनकाउंटर कर दिया गया और उसकी हत्या कर दी गई है, बिहार के गूंगी बहरी सरकार को जागने के लिए भरत तिवारी ने फायरिंग किया था, जब भरत तिवारी ने अपने आप को सरेंडर कर दिया था उसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर कर हत्या कर दी, हम लोग मांग करना चाहते हैं कि जो भी इसमें पुलिसकर्मी शामिल थे उसको केवल सस्पेंड करने से नहीं होगा उनको सजा मिलना चाहिए, उन पर 302 के तहत मुकदमा दर्ज हो। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर भी उन्होंने कहा कि वह सभी धर्म को टारगेट करते हैं, भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते थे और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज बुलंद करते थे। वक्ताओं का कहना था कि मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है, इसलिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने आत्मसमर्पण किया था तो उसके बाद की परिस्थितियों की भी विस्तार से जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि घटना में यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जानी चाहिए। कौशलेंद्र नारायण ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों में इस घटना को लेकर नाराजगी और चिंता है। उन्होंने कहा कि लोगों को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और इसी भरोसे के साथ वे सरकार एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। वहीं, गुड्डू बरनवाल ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपराध की घटनाओं को लेकर आम लोगों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए तथा लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, आक्रोश मार्च का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है। मार्च में शामिल लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भरत तिवारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। #गयाजी #accident #gayajii #लेटेस्ट #मीडिया @top fans District Administration, GAYA Jitan Ram Manjhi Samrat Choudhary

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 25, 2026

भोजपुर एनकाउंटर को लेकर गया जिला जदयू नेता ने रखा पक्ष, कहा- अपराधियों की कोई जाति नहीं होती

गया। भोजपुर में हुए चर्चित एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष सह नगर प्रखंड 20 सूत्री कार्यक्रम समिति सदस्य रंजीत कुशवाहा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी को समाजसेवी बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उसके सोशल मीडिया और गतिविधियों को देखने से अलग तस्वीर सामने आती है।

गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि भरत तिवारी पहले से ही आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार विरोधी पोस्ट के साथ-साथ हथियार लहराते हुए कई वीडियो मौजूद हैं। ऐसे व्यक्ति को समाजसेवी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं रिवॉल्वर लेकर चलता हो और पुलिस के सामने हथियार तानता दिखाई देता हो, वह समाज सेवा नहीं बल्कि कानून को चुनौती देने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया था, लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि भरत तिवारी की ओर से भी गोलीबारी की गई। ऐसे में पुलिस को अपनी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस पर हथियार तानता है और गोली चलाने की क्षमता रखता है, तो पुलिस के पास कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।

सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप, सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन

प्रेस वार्ता के दौरान रंजीत कुशवाहा ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश रची जा रही है, लेकिन इससे उनके राजनीतिक कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, उससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम सरकार कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि अपराध को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है, न कि उसकी जाति या समुदाय से। इसलिए किसी भी आपराधिक मामले को जातीय या राजनीतिक रंग देना समाज और कानून दोनों के हित में नहीं है।
#गयाजी 
#गोलिबारी 
#क्राइम 
#भोजपुर
#bhojpurjila 
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#samratchoudhary

भोजपुर एनकाउंटर को लेकर गया जिला जदयू नेता ने रखा पक्ष, कहा- अपराधियों की कोई जाति नहीं होती गया। भोजपुर में हुए चर्चित एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष सह नगर प्रखंड 20 सूत्री कार्यक्रम समिति सदस्य रंजीत कुशवाहा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी को समाजसेवी बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उसके सोशल मीडिया और गतिविधियों को देखने से अलग तस्वीर सामने आती है। गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि भरत तिवारी पहले से ही आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार विरोधी पोस्ट के साथ-साथ हथियार लहराते हुए कई वीडियो मौजूद हैं। ऐसे व्यक्ति को समाजसेवी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं रिवॉल्वर लेकर चलता हो और पुलिस के सामने हथियार तानता दिखाई देता हो, वह समाज सेवा नहीं बल्कि कानून को चुनौती देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया था, लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि भरत तिवारी की ओर से भी गोलीबारी की गई। ऐसे में पुलिस को अपनी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस पर हथियार तानता है और गोली चलाने की क्षमता रखता है, तो पुलिस के पास कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप, सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन प्रेस वार्ता के दौरान रंजीत कुशवाहा ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश रची जा रही है, लेकिन इससे उनके राजनीतिक कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, उससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम सरकार कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है, न कि उसकी जाति या समुदाय से। इसलिए किसी भी आपराधिक मामले को जातीय या राजनीतिक रंग देना समाज और कानून दोनों के हित में नहीं है। #गयाजी #गोलिबारी #क्राइम #भोजपुर #bhojpurjila #ancounter #samratchoudhary

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 25, 2026

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार राज्य विधि आयोग की टीम पहुँची शाहपुर...सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा कर रहे है मामले की जांच. साथ में डीआईजी सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी तन्मय सुल्तानिया, एसपी मि राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी है मौजूद। #bdbiharjharkhand #bihar

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार राज्य विधि आयोग की टीम पहुँची शाहपुर...सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा कर रहे है मामले की जांच. साथ में डीआईजी सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी तन्मय सुल्तानिया, एसपी मि राज समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी है मौजूद। #bdbiharjharkhand #bihar

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 25, 2026

भरत तिवारी के घर से लाइव

भरत तिवारी के घर से लाइव

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 25, 2026

गया, 25 जून 2026, राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गया जिला में 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों- अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बाकेबजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज सभी संबंधित डिग्री कॉलेज के तैयारियां हेतु नामित ज़िला स्तरीय वरीय पदाधिकारी,  नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं अन्य के साथ इसकी तैयारियों की वृहत समीक्षा की गई तथा पदाधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपस में समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करने का निदेश दिया गया।
      जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें गया जिला के उपर्युक्त 7 प्रखंड भी शामिल है। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने  कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन हेतु अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आज संबंधित पदाधिकारी के साथ विस्तार से समीक्षा की गई है। ज़िला स्तरीय अपर समाहर्ता गण की अध्यक्षता में हर डिग्री कॉलेज के लिये कमिटी बनाया गया था, साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ भवनों का स्वयं निरीक्षण करवाया गया था, भवनों में जो भी कमियां यथा बिजली व्यवस्था, पीने का पानी, टॉयलेट, बेंच डेस्क, पंखा, कूलर, स्टेशनरी सामग्री, फर्नीचर, भवन के बाहरी एवं इंटेरीयर रंग रोगन इत्यादि कराने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी आवश्यक कार्य अगले 2 दिनों में पूर्ण करवा लें। ज़िला पदाधिकारी द्वारा 29 जून को सभी 7 डिग्री कॉलेज का निरीक्षण भी किया जाना है। सभी डिग्री कॉलेज पूरी चालू अवस्था की हालत में 29 जून तक हर हाल में करवाने का निर्देश दिये हैं।  पदाधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर/उपस्कर, कम्प्यूटर, वाईफाई, आरओ, महिला एवं पुरूष के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश, पंखा, कूलर, स्टेशनरी आइटम्स, कॉलेज आने के रास्ते को सुगम रखना, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य सभी प्रबंध वित्तीय नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें।  
    जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। 
      जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।
   बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Education Department CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar

गया, 25 जून 2026, राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गया जिला में 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों- अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बाकेबजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज सभी संबंधित डिग्री कॉलेज के तैयारियां हेतु नामित ज़िला स्तरीय वरीय पदाधिकारी, नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं अन्य के साथ इसकी तैयारियों की वृहत समीक्षा की गई तथा पदाधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपस में समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें गया जिला के उपर्युक्त 7 प्रखंड भी शामिल है। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन हेतु अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आज संबंधित पदाधिकारी के साथ विस्तार से समीक्षा की गई है। ज़िला स्तरीय अपर समाहर्ता गण की अध्यक्षता में हर डिग्री कॉलेज के लिये कमिटी बनाया गया था, साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ भवनों का स्वयं निरीक्षण करवाया गया था, भवनों में जो भी कमियां यथा बिजली व्यवस्था, पीने का पानी, टॉयलेट, बेंच डेस्क, पंखा, कूलर, स्टेशनरी सामग्री, फर्नीचर, भवन के बाहरी एवं इंटेरीयर रंग रोगन इत्यादि कराने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी आवश्यक कार्य अगले 2 दिनों में पूर्ण करवा लें। ज़िला पदाधिकारी द्वारा 29 जून को सभी 7 डिग्री कॉलेज का निरीक्षण भी किया जाना है। सभी डिग्री कॉलेज पूरी चालू अवस्था की हालत में 29 जून तक हर हाल में करवाने का निर्देश दिये हैं। पदाधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर/उपस्कर, कम्प्यूटर, वाईफाई, आरओ, महिला एवं पुरूष के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश, पंखा, कूलर, स्टेशनरी आइटम्स, कॉलेज आने के रास्ते को सुगम रखना, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य सभी प्रबंध वित्तीय नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Bihar Education Department CMO Bihar Samrat Choudhary General Administration Department, Govt. of Bihar

Gaya, Bihar | Jun 25, 2026

गया, बिहार। जिला पदाधिकरी संग वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त रूप से मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम का लिया गया जायजा। - Gaya Town CD Block News