राजस्थान पुलिस मुख्यालय प्रेस नोट जारी राजस्थान में की गई समस्त करवाई
कांस्टेबल भर्ती : मेडिकल बोर्ड के लिए 19 अभ्यर्थियों को बुलाया गया, 8 जून को होगा स्वास्थ्य परीक्षण
जयपुर, 4 जून। कालीबाई बटालियन आरएसी, अलवर एवं पांचवीं बटालियन आरएसी, जयपुर में चल रही कांस्टेबल भर्ती-2025 प्रक्रिया के तहत रिक्त पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभिन्न कारणों से रिक्त रह गए पदों पर चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल बोर्ड द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण 8 जून 2026 को कराया जाएगा।
कमाण्डेंट, पांचवीं बटालियन आरएसी, जयपुर अनिल कुमार ने बताया कि चयन सूची की द्वितीय समीक्षा के बाद विभिन्न वर्गों में चयनित 19 अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया है। इनमें कालीबाई बटालियन आरएसी, अलवर के 17 तथा पांचवीं बटालियन आरएसी, जयपुर के 2 अभ्यर्थी शामिल हैं।
मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दो पासपोर्ट साइज फोटो एवं एक फोटोयुक्त पहचान पत्र साथ लेकर 8 जून 2026 को प्रातः 6 बजे खाली पेट पांचवीं बटालियन आरएसी, जयपुर मुख्यालय में उपस्थित हों। मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए रिक्त हुए थे पद
भर्ती प्रक्रिया के दौरान पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों में से कई उम्मीदवारों द्वारा नियुक्ति में रुचि न दिखाने, अन्य स्थानों पर नियोजन हो जाने, गर्भवती महिलाओं के मामलों, आपराधिक प्रकरणों के कारण अपात्र घोषित होने, खेल कोटा तथा कुछ अन्य प्रशासनिक कारणों से ये पद रिक्त रह गए थे। विभाग द्वारा नियमों के तहत त्वरित रिव्यू कार्यवाही करते हुए प्रतीक्षा सूची से योग्य अभ्यर्थियों का चयन कर इन रिक्तियों को भरा गया है।
इस अवसर पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी चयनित अभ्यर्थियों से निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित रहने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर नए कानून के तहत राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई
220 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति की जब्ती/कुर्की के लिए न्यायालयों में कार्यवाही जारी
636 अपराधियों की अवैध संपत्ति पर शुरू हुई कार्यवाही,
32 करोड़ रुपये की संपत्ति आई सरकारी कब्जे में
जयपुर 4 जून। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राजस्थान में अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब अपराधियों को केवल जेल ही नहीं, बल्कि उनकी काली कमाई से खड़ी की गई अवैध सम्पत्तियों से भी हाथ धोना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देशों पर राजस्थान पुलिस ने राजस्थान में अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध राजस्थान पुलिस ने आर्थिक मोर्चे पर बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भारतीय सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत राज्य में 636 अपराधियों की आपराधिक गतिविधियों से अर्जित 220 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध न्यायालयों में कड़ी कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। राजस्थान पुलिस द्वारा अब तक 13 प्रकरणों में करीब 32 करोड़ की अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित सम्पत्तियों को न्यायालय के आदेश से जब्त किया जा चुका है। जिला बून्दी द्वारा एक ही प्रकरण में लगभग 12 करोड़ की सम्पत्ति को जब्त किया है।
इस तरह कसा शिकंजा:
महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस ने प्रदेश भर में 636 हार्डकोर अपराधियों की सूची तैयार की गई है, जिन्होंने अपराध के जरिए करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया है। इन अपराधियों की चल-अचल संपत्तियां चिन्हित करने के साथ-साथ पुलिस ने इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए विभिन्न न्यायालयों में584 प्रकरणों में इस्तगासे (प्रार्थना पत्र) पेश किए हैं। न्यायालयों ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए अब तक 182 प्रकरणों में नोटिस जारी कर दिए हैं और विधिक प्रक्रिया के तहत पुलिस को बड़ी सफलता भी मिलने लगी है।
अपराधियों की 35 करोड़ से अधिक की अवैध सम्पत्तियां हुई ध्वस्त:
महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने बताया कि संगठित अपराध से अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अपराध से अर्जित की गई सम्पत्तियों को सूचीबद्ध कर संबंधित विभाग/निकाय से समन्वय कर ध्वस्त करने व अपराधियों के मनोबल को तोड़ने की कार्यवाही भी की गई है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्ष 2026 (01 जनवरी से 28 मई तक) में अपराधियों की अवैध सम्पति को ध्वस्तीकरण की 39 कार्यवाहियां की गई जिनमें अनुमानित 35 करोड़ 10 लाख 81 हजार रूपयों की सम्पत्तियां ध्वस्त की गई। वर्ष 2026 में झालावाड़ जिले द्वारा सर्वाधिक 12 कार्यवाहियां करते हुये अनुमानित राशि 22 करोड़ 90 लाख रूपयों की अवैध सम्पत्तियां ध्वस्त की गई।
नशा तस्करों पर भी नकेल, 66 करोड़ रुपयों की संपत्ति फ्रीज:
महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने बताया कि इसी तरह राज्य को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मादक पदार्थों की तस्करी पर भी कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठनकर क्रियान्विति की गई है। इसमें अभियान के तहत एएनटीएफ और पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ का प्रभावी प्रयोग किया है। जनवरी 2026 से अप्रेल 2026 के बीच 36 तस्करों के विरुद्ध इस्तगासे पेश किए गये। इनमें से 28 मादक पदार्थ तस्करों के विरूद्ध अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति की सिंजिग एवं फिजिंग हेतु भेजे गये इस्तगासे स्वीकृत किये गये हैं, जिनमें अनुमानित लगभग 33 करोड़ रूपये की सम्पत्तियां सीज एवं फ्रीज की गई। अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
बीएनएसएस की धारा 107, अपराधियों को पंगु बनाने का नया हथियार
जुलाई 2024 से लागू हुई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 इस पूरी कार्यवाही का मुख्य आधार है। इसका उद्देश्य अपराधियों को केवल जेल भेजना ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक शक्ति को समाप्त कर उन्हें पूरी तरह कमजोर करना है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों को एसओपी जारी की है ताकि जमीनी स्तर पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।
पीड़ितों को राहत, अब मिलेगा अपना हक:
नए कानूनों की संवेदनशीलता को बताते हुए महानिदेशक पुलिस श्री शर्मा ने कहा कि अपराधियों से जब्त की गई इन संपत्तियों का लाभ अब पीड़ितों को भी मिलेगा। प्रावधानों के अनुसार जिला कलेक्टर के माध्यम से जब्त संपत्तियों में से पीड़ितों को उनकी संपत्ति वापस लौटाई जा सकेगी। इससे उन आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी जो माफियाओं के शोषण का शिकार हुए थे। इस दिशा में भी कार्यवाही की जा रही है।
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नशा मुक्त नागौर: तस्कर भोपालराम की 1.13 करोड़ की संपत्ति पर 'वज्र प्रहार', आलीशान मकान और गाड़ियाँ फ्रीज
• तस्करी की कमाई से रिश्तेदारों के नाम खरीदी गई बेनामी संपत्तियां अब पुलिस के कब्जे में
जयपुर, 4 जून। नागौर जिले में चलाए जा रहे नशा मुक्त नागौर अभियान के तहत नागौर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार से अर्जित करोड़ों की संपत्ति पर कानूनी प्रहार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में थाना खींवसर पुलिस ने कुख्यात डोडा-पोस्त तस्कर भोपालराम बिश्नोई की लगभग 1.13 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत फ्रीज करवाया है।
श्री चौधरी ने बताया कि खींवसर थाना क्षेत्र के विष्णोइयों की ढाणी, पांचलासिद्धा निवासी भोपालराम बिश्नोई पुत्र खम्मा राम लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त रहा है। अभियुक्त भोपालराम खींवसर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट के कुल 15 प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है।
आलीशान मकान, कॉम्पलेक्स, जमीन और वाहन किए फ्रीज
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अवैध डोडा-पोस्त तस्करी से अर्जित धन से अपने गांव में दो आलीशान मकान, निर्माणाधीन दुकान कॉम्पलेक्स, नाल-बीकानेर हाईवे पर 0.4875 हेक्टेयर बेशकीमती जमीन तथा चार वाहन एक ट्रैक्टर, एक क्रेटा कार, एक पिकअपव और एक मोटरसाइकिल खरीदे थे। इन संपत्तियों को उसने अपने पिता, भाई, पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर करवा रखा था। पुलिस ने राजस्व एवं आयकर विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के आधार पर इन संपत्तियों को अवैध कमाई से अर्जित पाया और कार्रवाई करते हुए उन्हें फ्रीज करवा दिया।
थाना खींवसर पुलिस द्वारा तैयार किए गए विस्तृत दस्तावेजों, एफआईआर, चार्जशीट एवं वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजा गया। थानाधिकारी खींवसर की प्रभावी पैरवी के बाद सक्षम प्राधिकारी ने फ्रीजिंग आदेश को विधिवत पुष्टि प्रदान कर दी, जिससे कार्रवाई को कानूनी मजबूती मिली।
नशे के सौदागरों को कड़ा संदेश
नागौर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई को सफल बनाने में तत्कालीन थानाधिकारी सुश्री अदिति उपाध्याय (आईपीएस), थाना प्रभारी अमरचन्द्र, उपनिरीक्षक कन्हैयालाल सहित थाना खींवसर के अधिकारियों और जवानों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम की सतत निगरानी, वित्तीय जांच और कानूनी पैरवी के चलते यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
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Ladpura, Kota | Jun 4, 2026