19 साल पुराने बकरीद जुलूस गोलीकांड में आया फैसला
दो पक्षों के 19 आरोपियों को 3-3 साल की सजा, अदालत ने लगाया अर्थदंड
2008 में फतेहपुर के हथगांव क्षेत्र में हुई थी खूनी हिंसा, दो लोगों की गई थी जान
✒️रिपोर्ट नाजिया परवीन/अजय श्रीवास्तव
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) जिले के हथगांव थाना क्षेत्र में वर्ष 2008 में बकरीद के जुलूस के दौरान हुए चर्चित गोलीकांड मामले में लगभग 19 वर्ष बाद अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों पक्षों के कुल 19 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। यह मामला उस समय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना था, जिसमें दो लोगों की मृत्यु हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत पट्टी शाह गांव में बकरीद के जुलूस के दौरान वर्ष 2008 में हुए बहुचर्चित गोलीकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने लंबी सुनवाई के बाद अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों से जुड़े कुल 19 आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 19-19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
शासकीय अधिवक्ता अनिल दुबे एवं शिव किशोर के अनुसार, घटना 7 दिसंबर 2008 को शाम लगभग 4 बजे बकरीद के जुलूस के दौरान हुई थी। बताया गया कि गांव पट्टी शाह में दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था, जिसके बाद मारपीट और गोलीबारी की घटना सामने आई।
मुकदमे के दौरान अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सात प्रमुख गवाहों के बयानों पर विचार किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गोलीबारी में एक पक्ष के रियाज अहमद, मजहर हैदर नकवी, मज्जू मियां शाह और शमशाद घायल हुए थे। इनमें रियाज अहमद की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि शमशाद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
दूसरे पक्ष से रईस नामक व्यक्ति गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ था। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए थे और मामला वर्षों तक न्यायालय में विचाराधीन रहा।
19 वर्ष बाद न्यायिक प्रक्रिया हुई पूरी
करीब दो दशकों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर फैसला सुनाया। न्यायालय का यह निर्णय क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे लंबे समय से लंबित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
यह फैसला दर्शाता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया भले लंबी हो, लेकिन न्यायालय साक्ष्यों और कानून के आधार पर निर्णय देने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। अदालत के इस निर्णय के बाद मामले से जुड़े पक्षों के लिए कानूनी विकल्प अभी भी उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग वे उच्च न्यायालय में अपील के रूप में कर सकते हैं।
🟥 ND NEWS की अपील
🔹 धार्मिक आयोजनों और जुलूसों में शांति, संयम और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
🔹 किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन और पुलिस की सहायता लें।
🔹 साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारा समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
🔹 प्रशासन को संवेदनशील आयोजनों के दौरान प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और संवाद व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
🔹 युवाओं को हिंसा से दूर रहकर कानून और संविधान पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
"विवाद का समाधान संवाद से होता है, हिंसा केवल नुकसान और पीड़ा छोड़ती है।"
👇👇
@dgpup
@RSSorg
@UPGovt
@wpl1090
@RSSgeet
@Uppolice
@MIB_India
@PMOIndia
@HMOIndia
@abmanglik
@VHPDigital
@igrangealld
@myogioffice
@InfoDeptUP
@dmfatehpur
@sdmsadarftp
@CMOfficeUP
@CMOUP_RC
@UPPRD1948
@ChiefSecyUP
@ChiefSecyUP
@MahantYogiG
@FatehpurSdm
@fatehpurpolice
@BajrangDalOrg
@112UttarPradesh
@myogiadityanath
@CommissionerPrg
@ADGZonPrayagraj
👇👇
#NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Fatehpur #Hathgaon #CourtVerdict #BakridProcessionCase #BreakingNews #UPNews #Judiciary #LawAndOrder
#फतेहपुर #हथगांव #पट्टीशाह #जिला_एवं_सत्र_न्यायालय #सुधीरकुमार #गोलीकांड #न्यायालय_फैसला #उत्तरप्रदेश_समाचार
👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
📍कार्यालय-3: U158,हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग,लक्ष्मी नगर,पूर्वी दिल्ली–110092 (NCR)
📍कार्यालय-2: विधानसभा रोड,बर्लिंगटन चौराहा,लखनऊ–226001 (UP)
📍कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा,फतेहपुर–212601 (UP)
📅 दिनांक:18 जून 2026
📆 दिन:
📧 Email: ndnewschannel@gmail.com
📞 मोबाइल: 9696119696