25 लाख शिक्षकों पर टीईटी का संकट, आदेश वापस लेने की उठी मांग; सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने किया समर्थन
कौशाम्बी। देशभर के करीब 25 लाख शिक्षकों पर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के आदेश के विरोध में आवाज तेज हो गई है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग की है। कौशाम्बी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी शिक्षकों की मांग का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से आदेश पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
फेडरेशन की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा वर्ष 2017 के संशोधन में पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने का कोई प्रावधान नहीं है। संगठन का कहना है कि 29 मई 2026 को जारी आदेश के तहत 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त लगभग 25 लाख शिक्षकों को 1 सितंबर 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का निर्देश दिया गया �