#विकास_की_गंगा_में_डूबता_भविष्य!
भरतपुर। बयाना तहसील के गांव सेवला (पोस्ट मिलकपुर) स्थित सरकारी स्कूल के सामने मुख्य रास्ते पर 2 से 3 फीट तक जलभराव बना हुआ है, जिसने शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। रास्ते पर फैले पानी के कारण रोजाना मासूम बच्चे दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। लगातार बने इस खतरे को देखते हुए कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं, जिससे नामांकनों पर भी असर पड़ रहा है। हैरत की बात यह है कि स्थिति इतनी विकट होने के बावजूद न तो स्कूल प्रशासन और न ही पंचायत के जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं। इस स्कूल में पढ़ने वाले लगभग 90 प्रतिशत बच्चे दलित समाज से आते हैं, लेकिन प्रशासन की यह उपेक्षा सीधे तौर पर इन नौनिहालों के शिक्षा के अधिकार और भविष्य पर सवालिया निशान लगा रही है। अगर जल्द ही जलभराव की निकासी का समाधान नहीं किया गया, तो बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अंधकार में डूब जाएगा।