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सभागार बैठक में जिला टैक्स बार एसोसिएशन और सीए एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग लिया रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार।। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को लघु सचिवालय में सभागार बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव और नगर परिषद रेवाड़ी चेयरपर्सन विनीता पीपल का पहुंचने पर जिला उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने स्वागत एवं अभिवादन किया। बैठक में जिला टैक्स बार एसोसिएशन और सीए एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे। जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह केवल सरकार के कार्यकाल का पड़ाव नहीं है, बल्कि भारत के विकास, सुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिष्ठा की नई यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय है। इन 12 वर्षों में भारत ने संभावनाओं के देश से उपलब्धियों के देश तक की उल्लेखनीय यात्रा तय की है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में विकास और विरासत दोनों को समान महत्व दिया है। आज 190 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ विकसित भारत-2047 के विजन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में समान रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयास से चहुमुखी विकास करवाया जा रहा है। इनके प्रयासों से ही रेवाड़ी को एम्स जैसी सौगात मिल पाई है। नगर परिषद चेयरपर्सन विनीता पीपल ने कहा कि यह अवसर केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि उन संकल्पों और प्रयासों को स्मरण करने का भी है, जिन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह 12 वर्ष, एक संकल्प - जन कल्याण केवल एक नारा नहीं, बल्कि पिछले 12 वर्षों की विकास यात्रा का सार है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली थी, तब देश अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा था। आज भारत विश्व मंच पर आत्मविश्वास, सामर्थ्य और विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में गरीब, किसान, महिला, युवा, श्रमिक और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। रेवाड़ी गुरुग्राम के बाद हरियाणा का दूसरा सबसे बड़ा करदाता जिला बना: बैठक में उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 3271 करोड़ जीएसटी संग्रह के साथ रेवाड़ी जिला गुरुग्राम के बाद हरियाणा का दूसरा सबसे बड़ा करदाता जिला बना है। वहीं बावल आईएमटी उत्तर भारत का ऑटो हब बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सितंबर 2025 में हुई जीएसटी दर युक्तिकरण से जनता को राहत मिली है। इसे 'जीएसटी बचत उत्सव' के रूप में मनाया गया। उन्होंने बताया कि 1 जून से 28 सितंबर तक वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की गई है। उन्होंने व्यापारियों और करदाताओं से इस स्कीम का लाभ उठाने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर टैक्स बार एसोसिएशन प्रधान नरेश अग्रवाल, सचिव अजय आर्यन, सीए एसोसिएशन से अशोक कुमार, पवन कुमार, ईटीओ परमजीत यादव, नीरज गर्ग, सहायक यशबीर सहित गणमान्य जन मौजूद रहे।

Rewari, Rewari | Jun 13, 2026

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भागवत कथा में गूंजे कृष्ण भक्ति के स्वर, हुआ गोवर्धन पूजन

रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार।

शहर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर बीएमजी सिटी में कथा के छठे दिन गोवर्धन पूजा का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। कथा में गिरिराज जी की परिक्रमा लगाई गई और भक्ति संगीत के बीच भक्तों ने नाच गाकर पूजा अर्चना की। आचार्य लखन जी ने भागवत कथा के पांचवें दिन गिरिराज जी की पूजा एवं भगवान कृष्ण की बाल लीला के दौरान की गई सभी लीलाओं का वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि भगवान कृष्ण ने काफी लीलाएं गोपियों के साथ की है जिनका वर्णन भागवत कथा में आता है। उन्होंने बताया कि कान्हा के स्वरूप में भगवान गोपियों के घर में घुसकर मक्खन चुरा लेते थे और अपनी लीलाओं से गोपियों को कई प्रकार से मोहित करते थे। उन्होंने कहा कि गिरिराज महाराज स्वयं साक्षात भगवान स्वरूप है इनकी पूजा अर्चना करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस अवसर पर गोवर्धन जी की पूजा अर्चना की गई जिसमें कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं में राधेश्याम गुप्ता, रमेश शर्मा, रमेश सचदेवा, शक्ति यादव, अनिल किसनानी, महेंद्र गोयल, लक्ष्मण अग्रवाल, राज गर्ग, पुजारी प्रकाश मिश्रा, दीपक भारद्वाज, अश्विनी तिवारी, कैलाश भारद्वाज तथा नरेश यादव ने विशेष पूजा अर्चना की। भगवत गीता सप्ताह यज्ञ में 15 जून पूर्ण आहुति के साथ ही विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा।

भागवत कथा में गूंजे कृष्ण भक्ति के स्वर, हुआ गोवर्धन पूजन रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार। शहर के गढ़ी बोलनी रोड स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर बीएमजी सिटी में कथा के छठे दिन गोवर्धन पूजा का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। कथा में गिरिराज जी की परिक्रमा लगाई गई और भक्ति संगीत के बीच भक्तों ने नाच गाकर पूजा अर्चना की। आचार्य लखन जी ने भागवत कथा के पांचवें दिन गिरिराज जी की पूजा एवं भगवान कृष्ण की बाल लीला के दौरान की गई सभी लीलाओं का वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि भगवान कृष्ण ने काफी लीलाएं गोपियों के साथ की है जिनका वर्णन भागवत कथा में आता है। उन्होंने बताया कि कान्हा के स्वरूप में भगवान गोपियों के घर में घुसकर मक्खन चुरा लेते थे और अपनी लीलाओं से गोपियों को कई प्रकार से मोहित करते थे। उन्होंने कहा कि गिरिराज महाराज स्वयं साक्षात भगवान स्वरूप है इनकी पूजा अर्चना करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस अवसर पर गोवर्धन जी की पूजा अर्चना की गई जिसमें कढ़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। श्रद्धालुओं में राधेश्याम गुप्ता, रमेश शर्मा, रमेश सचदेवा, शक्ति यादव, अनिल किसनानी, महेंद्र गोयल, लक्ष्मण अग्रवाल, राज गर्ग, पुजारी प्रकाश मिश्रा, दीपक भारद्वाज, अश्विनी तिवारी, कैलाश भारद्वाज तथा नरेश यादव ने विशेष पूजा अर्चना की। भगवत गीता सप्ताह यज्ञ में 15 जून पूर्ण आहुति के साथ ही विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा।

Rewari, Rewari | Jun 13, 2026

*अनाधिकृत रूप से रह रहे रोहिंग्या व बंगलादेशी नागरिको का पता लगाने के लिए चलाया गया विशेष सर्च अभियान।* 

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविन्द्र सिंह के सुपरविजन में कार्य करते हुए स्पेशल सेल इंचार्ज निरीक्षक रविन्द्र सिंह ने स्थानीय पुलिस व SWAT टीम के साथ शनिवार को थाना कोसली व रामपुरा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से रहने वाले रोहिंग्या व बंगला देशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक विशेष सर्च अभियान चलाया। जिसके तहत जिला पुलिस द्वारा ईट भट्टो सहित विभिन्न स्थानों पर झुग्गी–झोपड़ियों, होटल, पोल्ट्री फार्म व अन्य संदिग्ध स्थानों पर विशेष सर्च अभियान चलाकर अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी, विदेशी नागरिक, रोहिंग्या व संदिग्ध लोगों की जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने वहा पर रह रहे बाहरी श्रमिकों की भी जानकारी ली तथा उनके पहचान पत्र भी जांचे। अभियान के तहत पुलिस ने बाहरी लोगों की पहचान सुनिश्चित की तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की। इसके साथ ही पुलिस ने वाहनों के कागजातों की भी जांच की।

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि अनाधिकृत रूप से किसी को भी रहने की छूट नहीं है। जिला पुलिस द्वारा बाहरी लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है और आगे भी इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले में जो भी लोग बाहर से आकर रह रहे हैं उनकी पहचान सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाए जा रहे हैं। सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अप्रवासी रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करके उनको वापिस भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जावे।

 *पुलिस अधीक्षक की रेवाड़ी वासियो से अपील:-* 

पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने सभी जिला वासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी अपने पास काम करने वाले या किराए पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवा लें, हो सकता है कोई अपराधी या क्रिमिनल हो। अगर भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उसके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

.....................................................फोटो संलग्न है।

*अनाधिकृत रूप से रह रहे रोहिंग्या व बंगलादेशी नागरिको का पता लगाने के लिए चलाया गया विशेष सर्च अभियान।* पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविन्द्र सिंह के सुपरविजन में कार्य करते हुए स्पेशल सेल इंचार्ज निरीक्षक रविन्द्र सिंह ने स्थानीय पुलिस व SWAT टीम के साथ शनिवार को थाना कोसली व रामपुरा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से रहने वाले रोहिंग्या व बंगला देशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक विशेष सर्च अभियान चलाया। जिसके तहत जिला पुलिस द्वारा ईट भट्टो सहित विभिन्न स्थानों पर झुग्गी–झोपड़ियों, होटल, पोल्ट्री फार्म व अन्य संदिग्ध स्थानों पर विशेष सर्च अभियान चलाकर अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी, विदेशी नागरिक, रोहिंग्या व संदिग्ध लोगों की जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने वहा पर रह रहे बाहरी श्रमिकों की भी जानकारी ली तथा उनके पहचान पत्र भी जांचे। अभियान के तहत पुलिस ने बाहरी लोगों की पहचान सुनिश्चित की तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की। इसके साथ ही पुलिस ने वाहनों के कागजातों की भी जांच की। पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि अनाधिकृत रूप से किसी को भी रहने की छूट नहीं है। जिला पुलिस द्वारा बाहरी लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है और आगे भी इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले में जो भी लोग बाहर से आकर रह रहे हैं उनकी पहचान सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाए जा रहे हैं। सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अप्रवासी रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करके उनको वापिस भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जावे। *पुलिस अधीक्षक की रेवाड़ी वासियो से अपील:-* पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने सभी जिला वासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी अपने पास काम करने वाले या किराए पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवा लें, हो सकता है कोई अपराधी या क्रिमिनल हो। अगर भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उसके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। .....................................................फोटो संलग्न है।

Rewari, Rewari | Jun 13, 2026

*अनाधिकृत रूप से रह रहे रोहिंग्या व बंगलादेशी नागरिको का पता लगाने के लिए चलाया गया विशेष सर्च अभियान।* 

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविन्द्र सिंह के सुपरविजन में कार्य करते हुए स्पेशल सेल इंचार्ज निरीक्षक रविन्द्र सिंह ने स्थानीय पुलिस व SWAT टीम के साथ शनिवार को थाना कोसली व रामपुरा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से रहने वाले रोहिंग्या व बंगला देशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक विशेष सर्च अभियान चलाया। जिसके तहत जिला पुलिस द्वारा ईट भट्टो सहित विभिन्न स्थानों पर झुग्गी–झोपड़ियों, होटल, पोल्ट्री फार्म व अन्य संदिग्ध स्थानों पर विशेष सर्च अभियान चलाकर अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी, विदेशी नागरिक, रोहिंग्या व संदिग्ध लोगों की जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने वहा पर रह रहे बाहरी श्रमिकों की भी जानकारी ली तथा उनके पहचान पत्र भी जांचे। अभियान के तहत पुलिस ने बाहरी लोगों की पहचान सुनिश्चित की तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की। इसके साथ ही पुलिस ने वाहनों के कागजातों की भी जांच की।

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि अनाधिकृत रूप से किसी को भी रहने की छूट नहीं है। जिला पुलिस द्वारा बाहरी लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है और आगे भी इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले में जो भी लोग बाहर से आकर रह रहे हैं उनकी पहचान सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाए जा रहे हैं। सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अप्रवासी रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करके उनको वापिस भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जावे।

 *पुलिस अधीक्षक की रेवाड़ी वासियो से अपील:-* 

पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने सभी जिला वासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी अपने पास काम करने वाले या किराए पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवा लें, हो सकता है कोई अपराधी या क्रिमिनल हो। अगर भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उसके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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*अनाधिकृत रूप से रह रहे रोहिंग्या व बंगलादेशी नागरिको का पता लगाने के लिए चलाया गया विशेष सर्च अभियान।* पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन एवं डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ रविन्द्र सिंह के सुपरविजन में कार्य करते हुए स्पेशल सेल इंचार्ज निरीक्षक रविन्द्र सिंह ने स्थानीय पुलिस व SWAT टीम के साथ शनिवार को थाना कोसली व रामपुरा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से रहने वाले रोहिंग्या व बंगला देशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक विशेष सर्च अभियान चलाया। जिसके तहत जिला पुलिस द्वारा ईट भट्टो सहित विभिन्न स्थानों पर झुग्गी–झोपड़ियों, होटल, पोल्ट्री फार्म व अन्य संदिग्ध स्थानों पर विशेष सर्च अभियान चलाकर अवैध तरीके से रहने वाले बांग्लादेशी, विदेशी नागरिक, रोहिंग्या व संदिग्ध लोगों की जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीम ने वहा पर रह रहे बाहरी श्रमिकों की भी जानकारी ली तथा उनके पहचान पत्र भी जांचे। अभियान के तहत पुलिस ने बाहरी लोगों की पहचान सुनिश्चित की तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की। इसके साथ ही पुलिस ने वाहनों के कागजातों की भी जांच की। पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि अनाधिकृत रूप से किसी को भी रहने की छूट नहीं है। जिला पुलिस द्वारा बाहरी लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है और आगे भी इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले में जो भी लोग बाहर से आकर रह रहे हैं उनकी पहचान सुनिश्चित होना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाए जा रहे हैं। सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अप्रवासी रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करके उनको वापिस भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जावे। *पुलिस अधीक्षक की रेवाड़ी वासियो से अपील:-* पुलिस अधीक्षक श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने सभी जिला वासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी अपने पास काम करने वाले या किराए पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवा लें, हो सकता है कोई अपराधी या क्रिमिनल हो। अगर भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता तो उसके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। .....................................................फोटो संलग्न है।

Rewari, Rewari | Jun 13, 2026

शांति भंग के नाम पर पुलिस की मनमानी पर हाई कोर्ट का बड़ा प्रहार

अवैध हिरासत पर ₹25,000 प्रतिदिन मुआवजा, दोषी अधिकारियों की सैलरी से होगी वसूली

कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें पुलिस और प्रशासन द्वारा "शांति भंग" की आशंका के नाम पर की जाने वाली मनमानी कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना जेल भेजना या अनावश्यक रूप से हिरासत में रखना संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
मामला गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता चंदर पाल सिंह का था, जिन्हें फरवरी 2026 में शांति भंग की आशंका के आधार पर हिरासत में लिया गया था। आरोप था कि बांड भरने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया और जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि संबंधित अधिकारियों ने कानून का पालन नहीं किया, जिसके चलते अदालत ने पीड़ित को ₹75,000 मुआवजा देने का आदेश दिया।
कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि यह फैसला आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस शांति भंग की आशंका का हवाला देकर लोगों को हिरासत में ले लेती है, जबकि कानून इसके लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित करता है। यदि उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता, तो यह नागरिकों की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली निवारक कार्रवाई में सामान्य परिस्थितियों में केवल व्यक्तिगत बांड (पर्सनल बॉन्ड) लिया जाना चाहिए। बांड की राशि ₹20,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा सामान्यतः किसी जमानतदार (श्योरिटी) की मांग नहीं की जानी चाहिए।
कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि व्यक्ति बांड भर देता है तो उसे उसी दिन तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। केवल बांड भरने के बाद भी किसी व्यक्ति को जेल भेजना कानून की भावना के विपरीत है।
फैसले में यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बांड भरने से इनकार करता है, तो उसके इनकार की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करना आवश्यक होगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि यदि किसी नागरिक को बिना किसी वैध कारण के 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखा जाता है, तो राज्य सरकार को उसे ₹25,000 प्रतिदिन की दर से मुआवजा देना होगा। बाद में यह राशि दोषी अधिकारी की सैलरी से वसूल की जाएगी और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि हाई कोर्ट का यह निर्णय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने वाला एक ऐतिहासिक फैसला है। इससे न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि कानून का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों पर भी अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को शांति भंग की आशंका के नाम पर हिरासत में लिया जाता है, तो उसे यह जानने का अधिकार है कि उससे कितना बांड मांगा जा सकता है, उसे कब रिहा किया जाना चाहिए और कानून उसके अधिकारों की किस प्रकार रक्षा करता है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला भविष्य में निवारक हिरासत और शांति भंग संबंधी मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित होगा तथा नागरिक स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माना जाएगा।

शांति भंग के नाम पर पुलिस की मनमानी पर हाई कोर्ट का बड़ा प्रहार अवैध हिरासत पर ₹25,000 प्रतिदिन मुआवजा, दोषी अधिकारियों की सैलरी से होगी वसूली कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें पुलिस और प्रशासन द्वारा "शांति भंग" की आशंका के नाम पर की जाने वाली मनमानी कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना जेल भेजना या अनावश्यक रूप से हिरासत में रखना संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। मामला गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता चंदर पाल सिंह का था, जिन्हें फरवरी 2026 में शांति भंग की आशंका के आधार पर हिरासत में लिया गया था। आरोप था कि बांड भरने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया और जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि संबंधित अधिकारियों ने कानून का पालन नहीं किया, जिसके चलते अदालत ने पीड़ित को ₹75,000 मुआवजा देने का आदेश दिया। कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि यह फैसला आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस शांति भंग की आशंका का हवाला देकर लोगों को हिरासत में ले लेती है, जबकि कानून इसके लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित करता है। यदि उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता, तो यह नागरिकों की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली निवारक कार्रवाई में सामान्य परिस्थितियों में केवल व्यक्तिगत बांड (पर्सनल बॉन्ड) लिया जाना चाहिए। बांड की राशि ₹20,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा सामान्यतः किसी जमानतदार (श्योरिटी) की मांग नहीं की जानी चाहिए। कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि व्यक्ति बांड भर देता है तो उसे उसी दिन तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। केवल बांड भरने के बाद भी किसी व्यक्ति को जेल भेजना कानून की भावना के विपरीत है। फैसले में यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बांड भरने से इनकार करता है, तो उसके इनकार की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करना आवश्यक होगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि यदि किसी नागरिक को बिना किसी वैध कारण के 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखा जाता है, तो राज्य सरकार को उसे ₹25,000 प्रतिदिन की दर से मुआवजा देना होगा। बाद में यह राशि दोषी अधिकारी की सैलरी से वसूल की जाएगी और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि हाई कोर्ट का यह निर्णय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने वाला एक ऐतिहासिक फैसला है। इससे न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि कानून का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को शांति भंग की आशंका के नाम पर हिरासत में लिया जाता है, तो उसे यह जानने का अधिकार है कि उससे कितना बांड मांगा जा सकता है, उसे कब रिहा किया जाना चाहिए और कानून उसके अधिकारों की किस प्रकार रक्षा करता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला भविष्य में निवारक हिरासत और शांति भंग संबंधी मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित होगा तथा नागरिक स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माना जाएगा।

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