समाहरणालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली नियमित 'सोमवार समीक्षा बैठक' संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान हेतु संचालित योजनाओं, लोक-कल्याणकारी शिविरों, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व प्रशासन, सरकारी भूमि के संरक्षण, आधारभूत संरचनाओं हेतु भूमि उपलब्धता, नीलाम पत्र वादों (Certificate Cases), तथा मीडिया अनुश्रवण से जुड़े मामलों की बिंदुवार व उच्च स्तरीय समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी महोदय ने संत रविदास विकास शिविर के तहत प्राप्त आवेदनों में से शेष बचे लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं ससमय निष्पादन करने हेतु सभी संबंधित पदाधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण, विशिष्ट दिव्यांगता प्रमाण पत्र (UDID Card), सरकारी भूमि पर अवैध जमाबंदी रद्दीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु भूमि आवंटन, नीलाम पत्र वादों के नियमित संचालन एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर त्वरित कार्रवाई को लेकर ठोस समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी द्वारा 'संत रविदास विकास शिविर' के माध्यम से प्राप्त सभी आवेदनों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि शिविर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश का निष्पादन किया जा चुका है, किंतु अभी भी कतिपय आवेदन निष्पादन हेतु लंबित हैं।
जिलाधिकारी महोदय ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि शेष बचे सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन ससमय (समय-सीमा के भीतर) सुनिश्चित करें, ताकि वंचित एवं पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ अविलंब मिल सके।
जिले के सभी योग्य दिव्यांगजनों को पहचान पत्र एवं सरकारी लाभ सुलभ कराने हेतु यूडीआईडी कार्ड निर्माण की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन, बांका को निर्देशित किया कि वे प्रखंडवार पुनः रोस्टर निर्धारित करते हुए विशेष शिविर लगाकर शेष बचे सभी योग्य लाभुकों का यूडीआईडी कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत शत-प्रतिशत लाभार्थियों के जीवन प्रमाणीकरण की स्थिति जांची गई।
जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को कार्य योजना बनाकर मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया। सभी लंबित मामलों का त्वरित भौतिक सत्यापन कराकर पोर्टल पर प्रमाणीकरण पूरा करने को कहा गया, ताकि किसी भी पात्र पेंशनधारी की पेंशन न रुके।
जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता के तहत सरकारी भूमि पर कायम अवैध जमाबंदी के रद्दीकरण प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए सभी अंचल अधिकारी को पंचायत सरकार भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्रों/भवनों एवं कन्या/युवा मंडप के निर्माण हेतु भूमि चिह्नित कर अनापत्ति व हस्तांतरण प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया।
नीलाम पत्र वादों (Certificate Cases) की समीक्षा, वसूली में तेजी व लापरवाही पर स्पष्टीकरण:
सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को अक्टूबर एवं नवंबर माह में नियमित रूप से न्यायालय (Court) संचालित करने का निर्देश दिया गया, ताकि बकाए सरकारी राजस्व की अधिकतम वसूली हो सके।
वादों में कम नोटिस निर्गत करने एवं अपेक्षित रुचि न लेने के कारण जिला सांख्यिकी पदाधिकारी (प्रभारी पदाधिकारी) एवं जिला सहकारिता पदाधिकारी से स्पष्टीकरण (Show-cause) पूछने का निर्देश दिया गया।
वरीय नीलाम पत्र पदाधिकारी श्री शंभू कुमार पटेल को नोटिस/वारंट के तामिला की नियमित समीक्षा कर तामिला प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया।
मीडिया एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर कतिपय विभागों द्वारा गुणवत्तापूर्ण प्रतिवेदन न दिए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरा खेद व्यक्त किया।
सिविल सर्जन द्वारा समर्पित प्रतिवेदन पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्हें ठोस अनुपालन प्रतिवेदन के साथ इसे पुनः प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।
सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नकारात्मक खबरों को तुरंत संज्ञान में लेकर विभागीय निर्देशों के आलोक में कार्रवाई करें तथा प्रतिदिन नियमित रूप से प्रतिवेदन जिला जन-सम्पर्क कार्यालय (DPRO) को उपलब्ध कराएं।
विकासात्मक एवं प्रशासनिक मामलों के त्वरित निपटारे हेतु कार्यों को उप विकास आयुक्त (DDC) एवं अपर समाहर्ता (ADM) के मध्य विभाजित किया गया है। दोनों वरीय पदाधिकारियों को अपने प्रभार के सभी मामलों का नियमित एवं सघन अनुश्रवण (Monitoring) करने का निर्देश दिया गया ताकि गुणवत्तापूर्ण निष्पादन ससमय सुनिश्चित हो सके।
आगामी 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले राज्य सहयोग सेवा शिविर हेतु चयनित सभी मामलों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निष्पादन समय पूर्व करने का निर्देश दिया गया।
जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के लंबित मामलों में अगली बैठक से पूर्व अनुपालन सुनिश्चित करने तथा लोक शिकायत निवारण अधिनियम (द्वितीय अपील) के आदेशों का त्वरित अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी महोदय ने कहा:
"संत रविदास विकास शिविर, दिव्यांगजन सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाएं समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों के कल्याण से जुड़ी हैं। इनके निष्पादन में किसी भी प्रकार का विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी संवेदनशीलता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें।"
Banka, Bihar | Oct 6, 2026