Etawah Mazar Demolition : शाम को मजार, सुबह जंगल! इटावा में रातों-रात चला Bulldozer
इटावा में प्रशासन का ऐसा सीक्रेट ऑपरेशन... कि देखने वालों को अपनी ही आँखों पर यकीन नहीं हो रहा है! 😲
उत्तर प्रदेश के इटावा से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बीहड़ के फिशर वन क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध "बीहड़ वाले सैयद बाबा" की मजार को प्रशासन ने सिर्फ 7 घंटे के अंदर बुलडोजर चलाकर पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई की रफ्तार और गोपनीयता ऐसी थी कि बुधवार की शाम को जहाँ 3000 स्क्वायर फीट का एक बड़ा धार्मिक ढांचा खड़ा था, गुरुवार की सुबह वहां सिर्फ कमर तक ऊंचे पौधे और समतल जमीन नजर आई! मानों 12 घंटे पहले वहां कुछ था ही नहीं।
7 घंटे तक चला सीक्रेट ऑपरेशन:
बुधवार शाम ठीक 6:00 बजे वन विभाग की टीम 3 बड़े बुलडोजर लेकर पहुंची। मजार की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया और 20 से ज्यादा हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। रात के अंधेरे में रात 1:00 बजे तक बुलडोजर का एक्शन चला। मजार ढहाने के तुरंत बाद प्रशासन ने पूरी जमीन को समतल किया और वहां आनन-फानन में पौधे लगा दिए, जिससे वह जगह अब बिल्कुल जंगल जैसी दिख रही है।
क्या है मजार का इतिहास और कानूनी विवाद?
मजार के सेवादारों का दावा है कि यह मजार करीब 800 साल पुरानी थी और यहाँ हर साल हजारों लोग उर्स में आते थे। लेकिन इस साल 3 जनवरी को हिंदू संगठनों ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी।
जब वन विभाग ने जांच की, तो साल 1916, 1936 और 1946 के सरकारी रिकॉर्ड्स और राजपत्रों में यह जमीन वन विभाग के नाम सुरक्षित दर्ज पाई गई। कोर्ट ने मजार पक्ष को जनवरी से मार्च तक दस्तावेज पेश करने के कई मौके दिए, लेकिन मजार से जुड़े कोई भी वैध कानूनी कागजात पेश नहीं किए जा सके, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।
प्रशासन के इस त्वरित और सख्त एक्शन पर आपकी क्या राय है? क्या सरकारी और संरक्षित वन भूमि से ऐसे अवैध निर्माण हटाना सही है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा SHARE करें!
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