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Karbala History: शब-ए-आशूर की दास्तान‚ मासूमो प्यास और आख़िरी पहरा | 9 Muharram | Imam Hussain

🚨 9 मुहर्रम: शब-ए-आशूर की वो दर्दनाक रात, जब हुसैनी ख़ीमों में चराग़ बुझा दिया गया था... 🖤
मुहर्रम की नौवीं तारीख़ आ चुकी है... कर्बला के तपते हुए सहरा (रेगिस्तान) में ज़ुल्म और सितम की इन्तिहा होने वाली है। यह वो दिन है जिसे इतिहास 'यौम-ए-तासूआ' कहता है। हुसैनी कुनबे (परिवार) पर पानी बंद हुए तीन दिन गुज़र चुके हैं। 6 महीने के अली असग़र से लेकर 4 साल की मासूम जनाब-ए-सकीना तक, प्यास की शिद्दत से बिलख रहे हैं।

⚔️ हज़रत अब्बास की वफ़ा और अमान-नामे को ठोकर:
9 मुहर्रम की दोपहर जब ज़ालिम शिम्र यज़ीद की तरफ़ से 'अमान-नामा' (जान की भीख) लेकर आया और हज़रत अब्बास (अ.स.) से कहा कि हुसैन का साथ छोड़ दो तो तुम्हारी जान बख्श दी जाएगी, तब शेर-ए-ख़ुदा के बेटे का ख़ून खौल उठा! उन्होंने उस कागज़ को ठोकर मार दी और फ़रमाया—

"ला'नत हो तुझ पर और तेरी अमान पर! तू हमें अमान देता है और रसूल के नवासे, फ़ातिमा के लाल के लिए कोई अमान नहीं? हम जीते जी अपने भाई और अपने इमाम को तन्हा छोड़ दें? यह कभी नहीं हो सकता!"

🌙 वो आख़िरी रात और चराग़ का बुझाया जाना:
जब यज़ीदी फ़ौज हमला करने बढ़ी, तो इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपनी जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने रब की इबादत, नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के लिए सिर्फ़ एक रात की मोहलत मांगी।

यह 9 मुहर्रम की वो आख़िरी रात थी जिसे 'शब-ए-आशूर' कहा जाता है। मौला हुसैन ने ख़ीमे का चराग़ (दीया) बुझाकर अपने साथियों से कहा था—"रात का अंधेरा है, जिसे जाना है वो चला जाए, ये लोग सिर्फ़ मेरी जान के दुश्मन हैं।" लेकिन वफ़ादारों ने रोकर कहा—"मौला! अगर हमें सत्तर बार भी शहीद किया जाए, तब भी हम आपका साथ नहीं छोड़ेंगे।"

उस रात ख़ीमों के बाहर हज़रत अब्बास (अ.स.) नंगी तलवार हाथ में लिए पहरा दे रहे थे, यह जानते हुए कि यह पहरेदारी की आख़िरी रात है और अगले दिन (10 मुहर्रम) उन्हें बच्चों के पानी के लिए अपने दोनों बाजू कटवाने हैं।

सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो अब्बास पर, और सलाम हो कर्बला के उन 72 जांनिसारों पर जिन्होंने भूख और प्यास की हालत में इस्लाम को हमेशा के लिए ज़िंदा कर दिया। 🙏

👇 अपनी अक़ीदत के फूल पेश करें:
कमेंट बॉक्स में 'या हुसैन' (Ya Hussain) ज़रूर लिखें और इस रूहानी इतिहास को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करके हुसैनियत का पैग़ाम हर घर तक पहुँचाएं।

#9Muharram #ShabeAshura #KarbalaHistory #ImamHussain #HazratAbbas #YaHussain #IslamicHistory #DastakLiveNews #Muharram2026

Karbala History: शब-ए-आशूर की दास्तान‚ मासूमो प्यास और आख़िरी पहरा | 9 Muharram | Imam Hussain 🚨 9 मुहर्रम: शब-ए-आशूर की वो दर्दनाक रात, जब हुसैनी ख़ीमों में चराग़ बुझा दिया गया था... 🖤 मुहर्रम की नौवीं तारीख़ आ चुकी है... कर्बला के तपते हुए सहरा (रेगिस्तान) में ज़ुल्म और सितम की इन्तिहा होने वाली है। यह वो दिन है जिसे इतिहास 'यौम-ए-तासूआ' कहता है। हुसैनी कुनबे (परिवार) पर पानी बंद हुए तीन दिन गुज़र चुके हैं। 6 महीने के अली असग़र से लेकर 4 साल की मासूम जनाब-ए-सकीना तक, प्यास की शिद्दत से बिलख रहे हैं। ⚔️ हज़रत अब्बास की वफ़ा और अमान-नामे को ठोकर: 9 मुहर्रम की दोपहर जब ज़ालिम शिम्र यज़ीद की तरफ़ से 'अमान-नामा' (जान की भीख) लेकर आया और हज़रत अब्बास (अ.स.) से कहा कि हुसैन का साथ छोड़ दो तो तुम्हारी जान बख्श दी जाएगी, तब शेर-ए-ख़ुदा के बेटे का ख़ून खौल उठा! उन्होंने उस कागज़ को ठोकर मार दी और फ़रमाया— "ला'नत हो तुझ पर और तेरी अमान पर! तू हमें अमान देता है और रसूल के नवासे, फ़ातिमा के लाल के लिए कोई अमान नहीं? हम जीते जी अपने भाई और अपने इमाम को तन्हा छोड़ दें? यह कभी नहीं हो सकता!" 🌙 वो आख़िरी रात और चराग़ का बुझाया जाना: जब यज़ीदी फ़ौज हमला करने बढ़ी, तो इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपनी जान बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने रब की इबादत, नमाज़ और क़ुरआन की तिलावत के लिए सिर्फ़ एक रात की मोहलत मांगी। यह 9 मुहर्रम की वो आख़िरी रात थी जिसे 'शब-ए-आशूर' कहा जाता है। मौला हुसैन ने ख़ीमे का चराग़ (दीया) बुझाकर अपने साथियों से कहा था—"रात का अंधेरा है, जिसे जाना है वो चला जाए, ये लोग सिर्फ़ मेरी जान के दुश्मन हैं।" लेकिन वफ़ादारों ने रोकर कहा—"मौला! अगर हमें सत्तर बार भी शहीद किया जाए, तब भी हम आपका साथ नहीं छोड़ेंगे।" उस रात ख़ीमों के बाहर हज़रत अब्बास (अ.स.) नंगी तलवार हाथ में लिए पहरा दे रहे थे, यह जानते हुए कि यह पहरेदारी की आख़िरी रात है और अगले दिन (10 मुहर्रम) उन्हें बच्चों के पानी के लिए अपने दोनों बाजू कटवाने हैं। सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो अब्बास पर, और सलाम हो कर्बला के उन 72 जांनिसारों पर जिन्होंने भूख और प्यास की हालत में इस्लाम को हमेशा के लिए ज़िंदा कर दिया। 🙏 👇 अपनी अक़ीदत के फूल पेश करें: कमेंट बॉक्स में 'या हुसैन' (Ya Hussain) ज़रूर लिखें और इस रूहानी इतिहास को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करके हुसैनियत का पैग़ाम हर घर तक पहुँचाएं। #9Muharram #ShabeAshura #KarbalaHistory #ImamHussain #HazratAbbas #YaHussain #IslamicHistory #DastakLiveNews #Muharram2026

Parliament Street, New Delhi | Jun 25, 2026

Kanpur BJP में हम तो डूबेंगे सनम: 6 बागियों के चक्कर में 75 जेब में इस्तीफा लिए घूम रहे! | UP News

🚨 कानपुर BJP में महा-संग्राम: "या वो 6 बागी हटेंगे, या हम 75 इस्तीफा देंगे!" 

कानपुर नगर निगम में इस वक्त 'हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे' वाला तगड़ा सियासी ड्रामा चल रहा है! राजनीति का ऐसा 'खेला' कि देखने वालों का सिर घूम जाए।

बुधवार को बीजेपी पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने 75 पार्षदों के समर्थन का लेटर लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और संगठन के सामने ऐसा 'इस्तीफा बम' फोड़ दिया है जिससे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया है।

📸 'फोटो खिंचवाने का चक्कर' और फटे कपड़ों वाली राजनीति?
नवीन पंडित ने सीधे-सीधे 6 बागी पार्षदों (पवन गुप्ता, अंकित मौर्य, विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, हरिस्वरूप तिवारी और आलोक पांडेय) पर पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा—

"ये लोग बीजेपी के पार्षद होने के बावजूद सदन में कभी खाली बाल्टी लेकर पहुंच जाते थे, तो कभी फटे कपड़े पहनकर ड्रामा करते थे। और अब जब विकास की बात आई, तो स्थानीय नेताओं को छोड़ सीधे मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री के पास फोटो खिंचवाने पहुंच जाते हैं!"

निगम में आर-पार की जंग: ⚔️
एक तरफ इन 6 पार्षदों का आरोप है कि मेयर प्रमिला पांडेय उनके वार्डों में काम नहीं होने दे रहीं। दूसरी तरफ नवीन पंडित का दावा है कि 3 साल के कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के हर वार्ड में बराबर विकास हुआ है। अब बात इतनी बढ़ चुकी है कि नवीन पंडित ने दो टूक कह दिया है— "या तो इन 6 बागियों पर कार्रवाई करके इन्हें बाहर का रास्ता दिखाओ, वरना हम 75 बीजेपी पार्षद एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे देंगे!"

🤔 अब बड़ा सवाल:
क्या ये वाकई वार्ड की जनता के हक की लड़ाई है, या फिर सिर्फ कैमरे के सामने चमकने और कुर्सी की खींचतान का खेल? कानपुर की समझदार जनता सब जानती है!

👇 आपकी क्या राय है?
क्या बागी पार्षदों के आरोप सही हैं या 75 पार्षदों का ये गुस्सा जायज है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें और इस वीडियो/पोस्ट को जमकर शेयर करें!

🎬 इस पूरे सियासी घमासान की पूरी इनसाइड स्टोरी देखने के लिए अभी हमारे यूट्यूब चैनल पर जाएं (लिंक पहले कमेंट में है) 👇

#KanpurNews #KanpurBJP #PramilaPandey #NaveenPandit #UPPolitics #KanpurNagarNigam #DastakLiveNews #BreakingNews #KanpurUpdate

Kanpur BJP में हम तो डूबेंगे सनम: 6 बागियों के चक्कर में 75 जेब में इस्तीफा लिए घूम रहे! | UP News 🚨 कानपुर BJP में महा-संग्राम: "या वो 6 बागी हटेंगे, या हम 75 इस्तीफा देंगे!" कानपुर नगर निगम में इस वक्त 'हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे' वाला तगड़ा सियासी ड्रामा चल रहा है! राजनीति का ऐसा 'खेला' कि देखने वालों का सिर घूम जाए। बुधवार को बीजेपी पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने 75 पार्षदों के समर्थन का लेटर लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और संगठन के सामने ऐसा 'इस्तीफा बम' फोड़ दिया है जिससे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। 📸 'फोटो खिंचवाने का चक्कर' और फटे कपड़ों वाली राजनीति? नवीन पंडित ने सीधे-सीधे 6 बागी पार्षदों (पवन गुप्ता, अंकित मौर्य, विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, हरिस्वरूप तिवारी और आलोक पांडेय) पर पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा— "ये लोग बीजेपी के पार्षद होने के बावजूद सदन में कभी खाली बाल्टी लेकर पहुंच जाते थे, तो कभी फटे कपड़े पहनकर ड्रामा करते थे। और अब जब विकास की बात आई, तो स्थानीय नेताओं को छोड़ सीधे मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री के पास फोटो खिंचवाने पहुंच जाते हैं!" निगम में आर-पार की जंग: ⚔️ एक तरफ इन 6 पार्षदों का आरोप है कि मेयर प्रमिला पांडेय उनके वार्डों में काम नहीं होने दे रहीं। दूसरी तरफ नवीन पंडित का दावा है कि 3 साल के कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के हर वार्ड में बराबर विकास हुआ है। अब बात इतनी बढ़ चुकी है कि नवीन पंडित ने दो टूक कह दिया है— "या तो इन 6 बागियों पर कार्रवाई करके इन्हें बाहर का रास्ता दिखाओ, वरना हम 75 बीजेपी पार्षद एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे देंगे!" 🤔 अब बड़ा सवाल: क्या ये वाकई वार्ड की जनता के हक की लड़ाई है, या फिर सिर्फ कैमरे के सामने चमकने और कुर्सी की खींचतान का खेल? कानपुर की समझदार जनता सब जानती है! 👇 आपकी क्या राय है? क्या बागी पार्षदों के आरोप सही हैं या 75 पार्षदों का ये गुस्सा जायज है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें और इस वीडियो/पोस्ट को जमकर शेयर करें! 🎬 इस पूरे सियासी घमासान की पूरी इनसाइड स्टोरी देखने के लिए अभी हमारे यूट्यूब चैनल पर जाएं (लिंक पहले कमेंट में है) 👇 #KanpurNews #KanpurBJP #PramilaPandey #NaveenPandit #UPPolitics #KanpurNagarNigam #DastakLiveNews #BreakingNews #KanpurUpdate

Parliament Street, New Delhi | Jun 25, 2026

Karbala History: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए पर मश्कीज़ा नहीं छोड़ा! | 8 Muharram | Abbas

फेसबुक के ऑडियंस को इमोशनल कनेक्ट, पूरी कहानी का छोटा सा ओवरव्यू और साफ-सुथरा लेआउट पसंद आता है। फेसबुक पर वीडियो वायरल करने के लिए टेक्स्ट थोड़ा डिटेल में होना चाहिए ताकि लोग पढ़ते ही वीडियो प्ले कर दें।

यहाँ आपके पेज के लिए 2 बेहतरीन फेसबुक वायरल पोस्ट के ऑप्शंस हैं:

Option 1: इमोशनल और वीडियो-फोकस (सबसे ज्यादा शेयर होने वाला)
8 मोहर्रम: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए, पर वफ़ा का परचम नहीं झुका! 😭💔

आज मोहर्रम की आठवीं तारीख है। यह वो दिन है जब कर्बला के तपते मैदान में तीन दिन की भूख-प्यास अपनी इन्तेहा (हद) पर थी। जब 4 साल की मासूम बीबी सकीना ने अपना सूखा हुआ मश्कीज़ा (पानी का थैला) अपने चचा अब्बास के हाथों में दिया, तो शेरे-खुदा के बेटे का दिल तड़प उठा।

हज़रत अब्बास अलमदार (अ.स.) यज़ीदी फ़ौज के हज़ारों सिपाहियों को चीरते हुए फरात नदी पर पहुंचे, मश्कीज़ा भरा... लेकिन खुद एक कतरा पानी नहीं पिया, क्योंकि भाई हुसैन और खैमों के बच्चे प्यासे थे!

पर जब वो वापस लौट रहे थे, तो ज़ालिमों ने छुपकर वार किया। गाज़ी अब्बास के दोनों बाज़ू काट दिए गए, मश्कीज़े पर तीर मारा गया... पानी बह गया और साथ ही मासूम सकीना की उम्मीदें भी टूट गईं।

गाज़ी अब्बास की शहादत और 8 मोहर्रम का यह दर्द भरा इतिहास रूह को कंपा देने वाला है। 'दस्तक लाइव न्यूज़' की इस खास वीडियो को पूरा देखें और वफ़ा की इस अज़ीम दास्तान को आगे बढ़ाएं।

#8Muharram #HazratAbbas #Shahadat #KarbalaKaWaqia #ImamHussain #Muharram2026 #DastakLiveNews #YaHussain #ViralVideo

Karbala History: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए पर मश्कीज़ा नहीं छोड़ा! | 8 Muharram | Abbas फेसबुक के ऑडियंस को इमोशनल कनेक्ट, पूरी कहानी का छोटा सा ओवरव्यू और साफ-सुथरा लेआउट पसंद आता है। फेसबुक पर वीडियो वायरल करने के लिए टेक्स्ट थोड़ा डिटेल में होना चाहिए ताकि लोग पढ़ते ही वीडियो प्ले कर दें। यहाँ आपके पेज के लिए 2 बेहतरीन फेसबुक वायरल पोस्ट के ऑप्शंस हैं: Option 1: इमोशनल और वीडियो-फोकस (सबसे ज्यादा शेयर होने वाला) 8 मोहर्रम: कर्बला का वो शेर जिसके दोनों हाथ कट गए, पर वफ़ा का परचम नहीं झुका! 😭💔 आज मोहर्रम की आठवीं तारीख है। यह वो दिन है जब कर्बला के तपते मैदान में तीन दिन की भूख-प्यास अपनी इन्तेहा (हद) पर थी। जब 4 साल की मासूम बीबी सकीना ने अपना सूखा हुआ मश्कीज़ा (पानी का थैला) अपने चचा अब्बास के हाथों में दिया, तो शेरे-खुदा के बेटे का दिल तड़प उठा। हज़रत अब्बास अलमदार (अ.स.) यज़ीदी फ़ौज के हज़ारों सिपाहियों को चीरते हुए फरात नदी पर पहुंचे, मश्कीज़ा भरा... लेकिन खुद एक कतरा पानी नहीं पिया, क्योंकि भाई हुसैन और खैमों के बच्चे प्यासे थे! पर जब वो वापस लौट रहे थे, तो ज़ालिमों ने छुपकर वार किया। गाज़ी अब्बास के दोनों बाज़ू काट दिए गए, मश्कीज़े पर तीर मारा गया... पानी बह गया और साथ ही मासूम सकीना की उम्मीदें भी टूट गईं। गाज़ी अब्बास की शहादत और 8 मोहर्रम का यह दर्द भरा इतिहास रूह को कंपा देने वाला है। 'दस्तक लाइव न्यूज़' की इस खास वीडियो को पूरा देखें और वफ़ा की इस अज़ीम दास्तान को आगे बढ़ाएं। #8Muharram #HazratAbbas #Shahadat #KarbalaKaWaqia #ImamHussain #Muharram2026 #DastakLiveNews #YaHussain #ViralVideo

Parliament Street, New Delhi | Jun 24, 2026

Muharram 2026: मोहर्रम का चांद और कर्बला की वो कहानी जिसे सुन रो पड़े लोग | Imam Hussain | Karbala

🚨 नए इस्लामी साल का आग़ाज़... मोहर्रम की तैयारियां तेज़, आज देखा जाएगा चांद! 🚨

नाज़रीन, हिजरी कैलेंडर का आख़िरी महीना अब रुख़्सत हो रहा है और आज शाम मोहर्रम-उल-हराम का चांद देखा जाएगा। अगर आज चांद का दीदार होता है, तो कल से न सिर्फ़ नए इस्लामी साल का आग़ाज़ हो जाएगा, बल्कि ग़म-ए-हुसैन का वो मुक़द्दस महीना भी शुरू हो जाएगा जिसकी दास्तान सुनकर हर इंसान की आंखें नम हो जाती हैं।

🖤 बाज़ारों में अक़ीदत का मंज़र, तैयारियां उरूज पर:
मोहर्रम के चांद के इंतेज़ार के साथ ही देश भर में अज़ादारों की तैयारियां तेज़ हो चुकी हैं। यह महीना जश्न का नहीं, बल्कि ईशार, क़ुर्बानी और बेइंतहा ग़म का महीना है। यही वजह है कि लोग अपने घरों, अज़ाख़ानों और इमामबाड़ों को मातम के लिए तैयार कर रहे हैं। बाज़ारों में ताज़िया, अलम और ख़ास तौर पर मातमी काले लिबास की ख़रीदारी के लिए लोगों की भीड़ देखी जा रही है।

👑 कल निकलेगा लखनऊ का ऐतिहासिक 'शाही ज़री का जुलूस':
अगर आज चांद नज़र आ जाता है, तो रिवायत के मुताबिक़ कल अदब के शहर लखनऊ में तारीख़ी और रिवायती 'शाही ज़री का जुलूस' निकाला जाएगा। काले लिबास में मलबूस, नंगे पैर और 'या हुसैन, या हुसैन' की सदाओं के साथ हज़ारों-लाखों अज़ादार कर्बला के शहीदों को नज़राना-ए-अक़ीदत पेश करेंगे।

💔 क्यों रोती है पूरी दुनिया इस महीने में?
मोहर्रम महज़ एक तारीख़ या महीना नहीं है, बल्कि यह नाम है उस अज़ीम क़ुर्बानी का जो नवासा-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 जांनिसार साथियों ने कर्बला के तपते मैदान में दी थी। ज़ालिम यज़ीद के ज़ुल्म के आगे सर झुकाने से साफ़ इंकार करते हुए, तीन दिन के भूखे-प्यासे इमाम हुसैन ने अपना सर तो कटा दिया, लेकिन इंसानियत और हक़ का परचम झुकने नहीं दिया।

शायर ने क्या ख़ूब कहा है:

"क़त्ल-ए-हुसैन असल में मर्ग-ए-यज़ीद है,
इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद।"

यही वजह है कि हुसैन का ग़म किसी एक मज़हब या फ़िरक़े तक महदूद (सीमित) नहीं है। जो भी इंसानियत और इंसाफ़ को मानता है, वो हुसैन का अज़ादार है। यज़ीद इतिहास के पन्नों में दफ़्न हो गया, लेकिन मौला हुसैन आज भी दुनिया के करोड़ों दिलों पर हुकूमत कर रहे हैं।

अल्लाह पाक इस नए इस्लामी साल को पूरी इंसानियत के लिए अमन, भाईचारे और सलामती का साल बनाए। (आमीन)

इस मुक़द्दस और ग़म के महीने में मौला हुसैन के पैग़ाम-ए-अमन को दुनिया तक पहुंचाने के लिए इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें। 🙏

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Muharram 2026: मोहर्रम का चांद और कर्बला की वो कहानी जिसे सुन रो पड़े लोग | Imam Hussain | Karbala 🚨 नए इस्लामी साल का आग़ाज़... मोहर्रम की तैयारियां तेज़, आज देखा जाएगा चांद! 🚨 नाज़रीन, हिजरी कैलेंडर का आख़िरी महीना अब रुख़्सत हो रहा है और आज शाम मोहर्रम-उल-हराम का चांद देखा जाएगा। अगर आज चांद का दीदार होता है, तो कल से न सिर्फ़ नए इस्लामी साल का आग़ाज़ हो जाएगा, बल्कि ग़म-ए-हुसैन का वो मुक़द्दस महीना भी शुरू हो जाएगा जिसकी दास्तान सुनकर हर इंसान की आंखें नम हो जाती हैं। 🖤 बाज़ारों में अक़ीदत का मंज़र, तैयारियां उरूज पर: मोहर्रम के चांद के इंतेज़ार के साथ ही देश भर में अज़ादारों की तैयारियां तेज़ हो चुकी हैं। यह महीना जश्न का नहीं, बल्कि ईशार, क़ुर्बानी और बेइंतहा ग़म का महीना है। यही वजह है कि लोग अपने घरों, अज़ाख़ानों और इमामबाड़ों को मातम के लिए तैयार कर रहे हैं। बाज़ारों में ताज़िया, अलम और ख़ास तौर पर मातमी काले लिबास की ख़रीदारी के लिए लोगों की भीड़ देखी जा रही है। 👑 कल निकलेगा लखनऊ का ऐतिहासिक 'शाही ज़री का जुलूस': अगर आज चांद नज़र आ जाता है, तो रिवायत के मुताबिक़ कल अदब के शहर लखनऊ में तारीख़ी और रिवायती 'शाही ज़री का जुलूस' निकाला जाएगा। काले लिबास में मलबूस, नंगे पैर और 'या हुसैन, या हुसैन' की सदाओं के साथ हज़ारों-लाखों अज़ादार कर्बला के शहीदों को नज़राना-ए-अक़ीदत पेश करेंगे। 💔 क्यों रोती है पूरी दुनिया इस महीने में? मोहर्रम महज़ एक तारीख़ या महीना नहीं है, बल्कि यह नाम है उस अज़ीम क़ुर्बानी का जो नवासा-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 जांनिसार साथियों ने कर्बला के तपते मैदान में दी थी। ज़ालिम यज़ीद के ज़ुल्म के आगे सर झुकाने से साफ़ इंकार करते हुए, तीन दिन के भूखे-प्यासे इमाम हुसैन ने अपना सर तो कटा दिया, लेकिन इंसानियत और हक़ का परचम झुकने नहीं दिया। शायर ने क्या ख़ूब कहा है: "क़त्ल-ए-हुसैन असल में मर्ग-ए-यज़ीद है, इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद।" यही वजह है कि हुसैन का ग़म किसी एक मज़हब या फ़िरक़े तक महदूद (सीमित) नहीं है। जो भी इंसानियत और इंसाफ़ को मानता है, वो हुसैन का अज़ादार है। यज़ीद इतिहास के पन्नों में दफ़्न हो गया, लेकिन मौला हुसैन आज भी दुनिया के करोड़ों दिलों पर हुकूमत कर रहे हैं। अल्लाह पाक इस नए इस्लामी साल को पूरी इंसानियत के लिए अमन, भाईचारे और सलामती का साल बनाए। (आमीन) इस मुक़द्दस और ग़म के महीने में मौला हुसैन के पैग़ाम-ए-अमन को दुनिया तक पहुंचाने के लिए इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें। 🙏 #Muharram #YaHussain #Karbala #ImamHussain #IslamicNewYear #LucknowAzadari #ShahiZariJaloos #DastakLiveNews #BreakingNews

Parliament Street, New Delhi | Jun 16, 2026

Delhi में भीषण आग! 3 लोग जिंदा जले, साड़ियों के सहारे बची कई लोगों की जान | Tughlaqabad Fire News

दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में दिल दहला देने वाला हादसा। एक 5 मंजिला इमारत में अचानक आग लगी और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं का गुबार बन गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोग जिंदा जल गए।

लेकिन... मौत के इस तांडव के बीच सामने आई इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल! ❤️

जब तंग गलियों के कारण दमकल कर्मी मशक्कत कर रहे थे, तब जांबाज पड़ोसियों ने देवदूत बनकर कमान संभाली। घरों से साड़ियाँ फेंककर खिड़कियों से बांधी गईं और उन्हीं साड़ियों के सहारे लटककर दर्जनों मासूमों को सुरक्षित बाहर निकाला गया! अगर ये पड़ोसी सही वक्त पर हिम्मत न दिखाते, तो आज लाशों का ढेर लग जाता।

👏 सलाम है ऐसे पड़ोसियों को! आपके रिहायशी इलाकों में फायर सेफ्टी के क्या इंतजाम हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।

#DelhiFire #Tughlakabad #RealHeroes #Humanity #SareeRescue #DelhiNews #DastakLiveNews #Firesafety

Delhi में भीषण आग! 3 लोग जिंदा जले, साड़ियों के सहारे बची कई लोगों की जान | Tughlaqabad Fire News दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में दिल दहला देने वाला हादसा। एक 5 मंजिला इमारत में अचानक आग लगी और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं का गुबार बन गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोग जिंदा जल गए। लेकिन... मौत के इस तांडव के बीच सामने आई इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल! ❤️ जब तंग गलियों के कारण दमकल कर्मी मशक्कत कर रहे थे, तब जांबाज पड़ोसियों ने देवदूत बनकर कमान संभाली। घरों से साड़ियाँ फेंककर खिड़कियों से बांधी गईं और उन्हीं साड़ियों के सहारे लटककर दर्जनों मासूमों को सुरक्षित बाहर निकाला गया! अगर ये पड़ोसी सही वक्त पर हिम्मत न दिखाते, तो आज लाशों का ढेर लग जाता। 👏 सलाम है ऐसे पड़ोसियों को! आपके रिहायशी इलाकों में फायर सेफ्टी के क्या इंतजाम हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर दें। #DelhiFire #Tughlakabad #RealHeroes #Humanity #SareeRescue #DelhiNews #DastakLiveNews #Firesafety

Parliament Street, New Delhi | Jun 12, 2026

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