हरदोई गूजर में ग्राउंड रिपोर्ट ने खोले कई सवाल!
₹24 लाख का मरघट या सरकारी धन की बर्बादी?
प्रधान-सचिव के बताए स्थान पर पहुंची टीम, जर्जर दीवारें और अधूरी बोरिंग देखकर उठे सवाल—आखिर ₹24 लाख कहां खर्च हुए?
डकोर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरदोई गूजर में मरघट निर्माण को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
ऑनलाइन रिकॉर्ड, जियो-टैग लोकेशन और ग्रामीणों से मिली जानकारी के बाद जब मौके पर पड़ताल की गई तो मामला और भी सवालों के घेरे में आ गया।
पिछली रिपोर्ट में जिस स्थान को जियो-टैग के आधार पर मरघट बताया गया था, उस स्थान पर निर्माण होने से प्रधान-सचिव ने इनकार किया।
इसके बाद प्रधान-सचिव के बताए अनुसार टीम हरदोई गूजर से जालौन जाने वाले मार्ग पर पहुंची, जहां एक मरघट बना हुआ मिला।
प्रधान-सचिव के अनुसार इसी मरघट पर करीब ₹24 लाख की लागत आई है।
लेकिन कैमरे में कैद मौके की तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं।
दीवारें जर्जर दिखाई दे रही हैं, निर्माण की हालत खराब है और पानी के लिए कराई गई बोरिंग की व्यवस्था भी अधूरी नजर आती है।
₹24 लाख खर्च हुए तो निर्माण इतना बदहाल क्यों?
₹24 लाख की लागत वाले निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता की जांच हुई या नहीं?
भुगतान से पहले अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था?
MB में कितना काम दर्ज है और जमीन पर कितना काम हुआ?
बिल-वाउचर और भुगतान का पूरा रिकॉर्ड क्या कहता है?
बोरिंग कराई गई तो पानी की व्यवस्था अधूरी क्यों छोड़ी गई?
निर्माण के कुछ समय बाद ही दीवारें खराब होने की नौबत कैसे आई?
क्या पूरे निर्माण की तकनीकी नाप-जोख और थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी?
असली सवाल—रिकॉर्ड में लाखों, जमीन पर कितना?
यह मामला सिर्फ एक मरघट का नहीं है।
सवाल यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज धनराशि और जमीन पर दिखाई दे रहे निर्माण का वास्तविक अनुपात क्या है?
ग्रामीणों द्वारा पंचायत में अन्य विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रधान के लंबे समय से पद पर रहने का दावा भी ग्रामीणों की ओर से किया गया है।
इन सभी आरोपों की सत्यता सरकारी रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकती है।
हम किसी को दोषी घोषित नहीं कर रहे।
हमारा सवाल सीधा है—
अगर ₹24 लाख खर्च हुए हैं, तो ₹24 लाख का काम जमीन पर दिखाई क्यों नहीं दे रहा?
अब प्रशासन को चाहिए कि ऑनलाइन रिकॉर्ड, जियो-टैग, MB, बिल-वाउचर, भुगतान रिकॉर्ड और मौके की नाप-जोख का मिलान कराकर सच्चाई सामने लाए।
वीडियो को आखिर तक देखिए और कमेंट में बताइए—क्या आपको यह मरघट ₹24 लाख की लागत के अनुरूप दिखाई देता है?
आपके गांव में भी सरकारी विकास कार्यों को लेकर सवाल हैं तो हमें जानकारी दें।
दस्तावेज और मौके की पड़ताल के आधार पर मुद्दा कैमरे के सामने उठाया जाएगा।
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Kalpi, Jalaun | Aug 2, 2026