बंजरिया: सूंदरपुर घाट पर बना चचरी पुल बह जाने के बाद ग्रामीणों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा
सूंदरपुर घाट पर बना चचरी पल बह जाने के बाद ग्रामीणों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बन गया है। ग्रामीण जावेद आलम व मुखिया अरशद अंसारी ने बताया कि जून माह में चचरी पुल बह गया। जिसके बाद नयका टोला व पकड़िया टोला के लोग नाव से ही आ जा रहे है। क्योंकि उन लोगो के पास दूसरा कोई आवागमन का साधन नही है। ग्रामीणों ने सरकार से सूंदरपुर घाट पर पुल निर्माण की मांग की है।