मंगलवार को 12:18 बजे को लेकर सदन में मुद्दा उठाया गया। कहा गया कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की नियमित बैठक और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए स्थायी स्थल जरूरी है। इसके लिए धुमकुड़िया भवन तथा परगना स्तर पर सांस्कृतिक भवन व अखड़ा के निर्माण की मांग शून्यकाल के माध्यम से सरकार से की गई, ताकि ग्राम सभा के सभी सदस्य एक जगह एकत्र होकर निर्णय ले सके