सूत्र
नव निर्मित मोहम्मदी रोडवेज बस अड्डे में विभाग की ओर से तैनात कर्मचारी द्वारा पूरे पाथवे को तोड़कर वृक्षारोपण कराए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अड्डे का निर्माण हाल ही में हुआ है, इसके बावजूद पैदल यात्रियों के आवागमन के लिए बनाए गए पाथवे को कई स्थानों पर तोड़ दिया गया है।
लोगों का सवाल है कि यदि वृक्षारोपण कराना आवश्यक था तो इसके लिए निर्धारित हरित क्षेत्र या खाली स्थान का चयन क्यों नहीं किया गया। पाथवे को तोड़कर पौधे लगाने से भविष्य में वहां दरारें पड़ने और संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि नव निर्मित बस अड्डे के पाथवे को तोड़कर वृक्षारोपण कराने की अनुमति किस अधिकारी द्वारा प्रदान की गई। क्या इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के सक्षम अधिकारियों से स्वीकृति ली गई थी अथवा यह कार्य बिना किसी तकनीकी अनुमोदन के कराया गया?
परिवहन विभाग और रोडवेज अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले की जांच कर स्पष्ट करें कि पाथवे को क्षतिग्रस्त कर वृक्षारोपण कराने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया तथा क्या यह निर्माण मानकों और विभागीय नियमों के अनुरूप है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बस अड्डों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देने की नीति लागू है, जिसके अंतर्गत बस अड्डों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है।