प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
14 अगस्त 2026
शीर्षक: जमुई में जिला प्रशासन द्वारा निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा। अपार जन-सहभागिता ने बढ़ाई इस यात्रा की भव्यता और गरिमा। गुरमहा व चोरमारा की बच्चियों ने थामी बदलाव और राष्ट्रप्रेम की मशाल।
जमुई: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के पावन अवसर पर आज राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकजुटता और प्रशासनिक विश्वास का एक अभूतपूर्व एवं भव्य दृश्य देखने को मिला। प्रात: 7:00 बजे स्थानीय श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम से जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त नेतृत्व में इस गरिमामयी तिरंगा यात्रा का शुभारंभ हुआ। स्टेडियम से निकलकर यह यात्रा कचहरी चौक, महाराजगंज, खैरा मोड, बोधवान तालाब, महिसौड़ी चौक, अतिथि पैलेस और बायपास रोड जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई पुनः श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम पहुँचकर पूरी गरिमा और सम्मान के साथ संपन्न हुई।
आज तिरंगा यात्रा का यह आयोजन भले ही जिला प्रशासन द्वारा आहुत किया गया था, लेकिन जैसे-जैसे तिरंगा लहराते हुए यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी, जमुई की स्थानीय जनता स्वतः ही एक ही भाव और एक ही चेतना के साथ इसमें समाहित होती चली गई। सड़कों के दोनों ओर, दुकानों और मकानों की छतों पर खड़े नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रध्वज को नमन किया और यात्रा का अभिनंदन किया। प्रशासनिक पहल से शुरू हुई यह यात्रा शहरवासियों की सहभागिता से देखते ही देखते जन-जन के एक विशाल और स्वतःस्फूर्त जन– जन की तिरंगा यात्रा में रूपांतरित हो गई।
इस ऐतिहासिक यात्रा का सबसे मर्मस्पर्शी, प्रेरणादायक और दूरगामी संदेश देने वाला क्षण वह था, जब सुदूर एवं पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र गुरमहा और चोरमारा की बच्चियाँ केवल इस यात्रा में शामिल ही नहीं हुईं, बल्कि सबसे आगे-आगे चलकर, हाथों में गर्व से तिरंगा थामकर पूरी यात्रा को दिशा दिखाती नजर आईं। अपनी स्थानीय लोक संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित इन बच्चियों ने सुमधुर गायन, वादन और नृत्य के माध्यम से यात्रा को एक अनूठी गरिमा प्रदान की। उनकी इस प्रस्तुति ने संपूर्ण जिले को यह स्पष्ट संदेश दिया कि जमुई की वास्तविक पहचान यहां की लोक संस्कृति व लोक-रंगों में रची-बसी है। इस जिले की वास्तविक पहचान यही है,नक्सलवाद तो बीते दौर का एक ऐसा बुरा सपना था जिससे मुक्त होकर यह जिला अब सकारात्मक बदलाव और विकास की ओर तेजी से अग्रसर है।
गुरमहा और चोरमारा की बच्चियों का इस प्रकार अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर नेतृत्व संभालना केंद्र सरकार के ‘नक्सल मुक्त भारत अभियान’, बिहार सरकार द्वारा निरंतर चलाए जा रहे विकासात्मक कार्यों, सुरक्षात्म पहलों तथा बीते एक वर्ष में जिला प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में किए गए निरंतर सकारात्मक प्रयासों और संवेदनशील पहलों की सफल परिणीति है। ये बच्चियाँ उस दौर की साक्षी रही हैं, जब उनके माता-पिता के अनुभवों में नक्सलवाद के खौफ और स्याह दौर की जीवंत यादें हैं। लेकिन आज यही बच्चियाँ प्रतिदिन विद्यालय जा रही हैं। हाथों में कलम थामकर ये न केवल अपनी शिक्षा पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और सामाजिक बदलाव की एक नई इबारत भी स्वयं लिख रही हैं।
यात्रा के समापन अवसर पर श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम में जिला पदाधिकारी ने स्वयं इन बच्चियों के बीच पहुँचकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान जब बच्चियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ "बेटी हूँ मैं बेटी, मैं तारा बनूँगी, तारा बनूँगी मैं सहारा बनूँगी..." का सस्वर गायन किया, तो उपस्थित अधिकारियों और विशाल जनसमूह की आँखें गर्व से नम हो गईं। यह महज एक गीत नहीं बल्कि इन बच्चियों का एक वादा था जो प्रशासन और तमाम जिलेवासियों के समक्ष ले रही थी। यह दृश्य विगत एक वर्ष में जिला प्रशासन और इन सुदूरवर्ती क्षेत्र की जनता के बीच स्थापित हुए अटूट विश्वास और प्रगाढ़ आत्मीय संबंधों का जीवंत प्रमाण था। इसके उपरांत, इन बच्चियों ने अपनी मधुर आवाज़ में गुरमाहा और चोरमारा के साथ साथ जिले के अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य वर्णन करते हुए देश-दुनिया के पर्यटकों को यहाँ आने और रुककर इस अनुपम सौंदर्य को निहारने का भावपूर्ण आमंत्रण भी दिया।
आज का यह आयोजन केवल हर घर तिरंगा अभियान –2026 के उपलक्ष्य में पर निकाली गई यह यात्रा मात्र नहीं था, बल्कि यह जमुई के अतीत के स्याह पन्नों को समेटकर एक सशक्त, सुरक्षित और स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ते नए जमुई की जीवंत तस्वीर थी। गुरमहा और चोरमारा की बच्चियों की इस अग्रणी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा, संवेदनशीलता और सुशासन के बल पर किसी भी क्षेत्र की दिशा और दशा बदली जा सकती है। जनता और जिला प्रशासन के बीच बना यह मजबूत विश्वास आने वाले समय में जिले को शांति, समृद्धि और सर्वांगीण विकास के नए शिखरों पर ले जाएगा।
18 views | Jamui, Bihar | Aug 14, 2026